'कमरों में ही फंस गए छात्र, मलबे से निकालना मुश्किल', चश्मदीद ने बताया सत्य निकेतन हादसे का खौफनाक मंजर
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला पीजी इमारत अचानक ढह गई, जिसमें कई छात्रों के मलबे में ...और पढ़ें
HighLights
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत ढही।
पांच मंजिला इमारत के मलबे में कई छात्र दबे।
बचाव दल मौके पर, रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से जारी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक पांच मंजिला पीजी की इमारत अचानक ढह गई। हादसे के समय इमारत में कई छात्र मौजूद थे, जिनके मलबे में दबे होने की आशंका है। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, जिस इमारत का हिस्सा ढहा है, उसे 'हॉस्टल डेज' के नाम से जाना जाता है। यह लड़कों के लिए बनाया गया dedicated PG था और इसकी इमारत पांच मंजिला थी। इसके ठीक बगल में स्थित एक अन्य इमारत भी हादसे की चपेट में आकर ढह गई।
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प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के वक्त कई छात्र अपने-अपने कमरों के अंदर थे। इमारत गिरने के बाद वे मलबे में फंस गए। मलबे में कितने छात्र दबे हैं, इसकी सटीक संख्या फिलहाल स्पष्ट नहीं है। छात्रों की संख्या का पता पीजी के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच के बाद ही चल सकेगा।
15-20 मिनट से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, इमारत गिरने के बाद से करीब 15-20 मिनट से रेस्क्यू टीम लगातार मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने में जुटी है।

मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने में बचावकर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें मलबे से निकालने के लिए रेस्क्यू टीम पूरी कोशिश कर रही है।
फिलहाल बचाव अभियान जारी है और मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या तथा हादसे में हुए नुकसान की पूरी जानकारी रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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