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    पूर्वी दिल्ली: खंडहर में तब्दील हुई सरकारी डिस्पेंसरी, अब स्वास्थ्य केंद्र नहीं... नशेड़ियों का बन गया है अड्डा

    Updated: Mon, 11 May 2026 07:08 PM (IST)

    पूर्वी दिल्ली के शिव विहार में सालों से बंद पड़ी सरकारी डिस्पेंसरी खंडहर में बदल गई है, जो अब नशेड़ियों का अड्डा बन चुकी है। ...और पढ़ें

    पूर्वी दिल्ली के शिव विहार में सालों से बंद पड़ी सरकारी डिस्पेंसरी खंडहर में बदल गई है। इमेज एआई

    पूर्वी दिल्ली के शिव विहार में सालों से बंद पड़ी सरकारी डिस्पेंसरी खंडहर में बदल गई है। इमेज एआई

    जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। शिव विहार क्षेत्र में स्थित सरकारी डिस्पेंसरी आज बदहाली और उपेक्षा का शिकार बनी हुई है। कभी इलाके के हजारों लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र रही यह डिस्पेंसरी अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है।

    स्थानीय निवासी अजय बताते है कि कोरोना महामारी के दौरान यही डिस्पेंसरी जांच और प्राथमिक उपचार का मुख्य केंद्र थी, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते थे। लेकिन अब यहां सन्नाटा पसरा रहता है और भवन असामाजिक तत्वों का ठिकाना बन गया है।

    यह डिस्पेंसरी लंबे समय से बंद पड़ी है। भवन के कई हिस्सों में दरारें आ चुकी हैं, खिड़कियां और दरवाजे टूट चुके हैं तथा परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। शाम होते ही यहां नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों में भय का माहौल है। महिलाओं और बुजुर्गों ने बताया कि रात के समय यहां से शोर-शराबा और झगड़े की आवाजें आती हैं, जिसके कारण लोगों को घरों से निकलने में भी डर लगता है।

    स्थानीय लोग बताते है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और शासन-प्रशासन को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने मांग की है कि बंद पड़ी डिस्पेंसरी की जल्द मरम्मत कर इसे दोबारा शुरू किया जाए ताकि इलाके के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। साथ ही भवन की सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने और परिसर को असामाजिक तत्वों से मुक्त कराने की भी मांग उठाई गई है।

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    पहले इस डिस्पेंसरी से इलाके के लोगों को काफी सुविधा मिलती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। शाम के समय यहां नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे परिवारों में डर का माहौल बना रहता है।
    -विकास

    रात के समय डिस्पेंसरी परिसर से शोर-शराबा और झगड़े की आवाजें आती हैं। महिलाएं और बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। सरकार को इस भवन की मरम्मत कर दोबारा स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करनी चाहिए, ताकि लोगों को सुविधा भी मिले और असामाजिक गतिविधियां भी बंद हो।
    -दर्शन

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