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दिल्ली के दो चौराहे बने ट्रैफिक रूल्स के उल्लंघन का अड्डा, हर घंटे 34000 से ज्यादा बार टूटते हैं नियम

Published: Tue, 06 Oct 2026 05:25 AM (IST)Updated: Tue, 06 Oct 2026 07:02 AM (IST)

दक्षिणी दिल्ली के कोटला मुबारकपुर और गोविंदपुरी चौक पर हर घंटे 34,000 से अधिक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हो रहा ...और पढ़ें

गोविंदपुरी लाल बत्ती के पास गलत दिशा में जाते बाइक चालक। जागरण

गोविंदपुरी लाल बत्ती के पास गलत दिशा में जाते बाइक चालक। जागरण

HighLights

  1. कोटला मुबारकपुर और गोविंदपुरी चौक पर भारी ट्रैफिक उल्लंघन।

  2. हर घंटे 34,000 से अधिक ट्रैफिक नियम तोड़े जा रहे हैं।

  3. IRTE स्टडी ने सड़क सुरक्षा की गंभीर खामियों को उजागर किया।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। राजधानी दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे निर्माण कार्य जहां ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं, वहीं चौराहे-तिराहे पर नियमों के उल्लंघन के चलते जाम की स्थिति विकराल होती जा रही है।

ट्रैफिक लाइट जंप, गलत दिशा में वाहन चलाने के साथ ही लोग लेन का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। दक्षिणी दिल्ली के कोटला मुबारकपुर और गोविंदपुरी चौक पर ही हर घंटे 34,000 से ज्यादा ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन हो रहे हैं।

इसकी पुष्टि इंस्टीट्यूट आफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन (आइआरटीई) की हालिया स्टडी में भी हुई है। गोविंदपुरी चौराहे से हर घंटे लगभग 26,000 वाहन गुजरते हैं, जिनसे अनुमानित 16,791 उल्लंघन होते हैं। वहीं कोटला मुबारकपुर से होकर गुजरने वाली लगभग 24,000 गाड़ियों से करीब 17,931 उल्लंघन होते हैं।

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संस्था के ये आंकड़े खास तौर पर स्टडी किए गए दो चौराहे से जुड़े हैं, जो शहर के व्यस्त चौराहों पर होने वाले असुरक्षित व्यवहार और सुरक्षा संबंधी खामियों को दिखाते हैं।

आइआरटीई ने हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठी में आंकड़ों के माध्यम से ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, सड़क सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं, काम से जुड़ी चुनौतियों, डिलीवरी के दबाव के साथ ही मौजूदा कानूनी एवं नियामक ढांचे की उदासीनता पर चिंता जताई है।

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संस्था अध्यक्ष डा. रोहित बालूजा के मुताबिक दुर्घटना होने के बाद उसका विश्लेषण करने के बजाय, जान जाने से पहले ही जोखिमों की पहचान करने की जरूरत है।

वैज्ञानिक तरीके से परखने पर होंगे कई फायदे

ट्रैफिक के साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को ''नियर मिस'' (बाल-बाल बचने की घटनाएं), असुरक्षित तरीके से गाड़ी चलाना, टकराव वाले प्वाइंट और ट्रैफिक से जुड़ी अन्य जोखिम वाली स्थितियों का व्यवस्थित रूप से अध्ययन करना चाहिए।

गलत तरीके से ओवरटेकिंग करना, खतरनाक तरीके से लेन बदलना, गाड़ियों के बीच सही दूरी न रखना और ''राइट आफ वे'' (रास्ते पर प्राथमिकता) की अनदेखी करना आदि ऐसे चेतावनी भरे संकेत हैं जिन्हें मापा जा सकता है।

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वैज्ञानिक तरीके से देखने-परखने से यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किसी गंभीर दुर्घटना के होने से पहले उस जगह पर बेहतर ट्रैफिक इंजीनियरिंग, सड़क इस्तेमाल करने वालों की ट्रेनिंग, रेगुलेटरी दखल या खास तौर पर नियम लागू करने की जरूरत है या नहीं।

अव्यवस्था के लिए ढांचागत त्रुटि भी जिम्मेदार

  • साइन और मार्किंग का न होना: सड़क पर सही साइन और साफ दिखने वाली लेन मार्किंग की कमी।
  • फीके जेब्रा क्रासिंग: पैदल यात्रियों के लिए ज़ेबरा क्रासिंग फीके पड़ गए हैं, जिससे उनका इस्तेमाल करना खतरनाक हो गया है।
  • ''गिव-वे'' (रास्ता देने) का साइन न होना: रास्ता देने वाले साइन की कमी, जिससे अक्सर दुर्घटना होते-होते बचती है।
  • सिग्नल में खराबी: खराब ट्रैफिक लाइट जो वाहनों की सामान्य आवाजाही में बाधा डालती हैं।

चौराहों पर इस तरह हो रहा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन

उल्लंघन का प्रकार कोटला मुबारकपुर गोविंदपुरी
रेड लाइट जंप 4808 1731
बिना हेलमेट 3068 3725
गलत लेन चुनना 1840 1632
लेन-अनुशासन का उल्लंघन 924 डाटा नहीं
गलत दिशा में वाहन 782 डाटा नहीं
गलत यू-टर्न डाटा नहीं 365
ट्रैफिक लाइट पर गति धीमी न करना डाटा नहीं 704