दिल्ली में लापरवाही की हद: नाले से गाद निकालकर सड़क पर छोड़ा, खुले ढक्कन दे रहे हैं हादसों को न्योता
दिल्ली में नालों की सफाई के बाद निकाली गई गाद को समय पर न उठाने और खुले ढक्कनों से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इससे राहगीरों को सांस लेने में दिक्कत, ...और पढ़ें
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नाले से गाद निकालकर सड़क पर छोड़ा। जागरण
HighLights
नालों से निकली गाद सड़कों-फुटपाथों पर पड़ी।
खुले नाले के ढक्कन दुर्घटना का कारण बन रहे।
सूखी गाद से उड़ती धूल सांस लेने में दिक्कत।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। राजधानी दिल्ली में नालों की सफाई के बाद निकाली गई गाद को समय पर नहीं उठाए जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
पश्चिमी दिल्ली के द्वारका और मधु विहार क्षेत्र में कई स्थानों पर नालों से निकाली गई गाद फुटपाथों और सड़क किनारे पड़ी हुई है।
वहीं, सफाई कार्य के दौरान हटाए गए कई नाले के ढक्कन अब भी खुले पड़े हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पाकेट-1 सेक्टर-2 द्वारका, सेक्टर-10 पुलिस चौकी के सामने, ट्रैफिक रेड लाइट के आसपास, मधु विहार और डाबड़ी बड़े नाले के किनारे स्थिति सबसे अधिक खराब है।
राहगीरों को सांस लेने में होती है परेशानी
मधु विहार मोड़ से लेकर द्वारका सेक्टर-10 रेड लाइट तक फुटपाथों पर गाद के ढेर लगे होने से पैदल चलने की जगह तक नहीं बची है। गर्म मौसम में यह गाद सूखकर महीन धूल में बदल जाती है, जो हवा के साथ आसपास फैलती रहती है। इससे राहगीरों को सांस लेने में परेशानी होती है और वाहन चालकों की दृश्यता भी प्रभावित होती है।
वहीं, बारिश होने पर यही गाद कीचड़ में तब्दील होकर फुटपाथों और सड़कों पर फैल जाती है, जिससे लोगों का चलना मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि खुले नाले और हटाए गए ढक्कन किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए स्थिति और अधिक चिंताजनक बनी हुई है।
लोगों का आरोप है कि सफाई कार्य तो कर दिया गया, लेकिन गाद को उठाने और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पूरी नहीं की गई। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से गाद को तत्काल हटाने, खुले नालों को सुरक्षित करने और फुटपाथों को जल्द अतिक्रमण व गंदगी मुक्त बनाने की मांग की है।
नाले की सूखी गाद से उड़ती धूल सीधे सांसों में जा रही है। खुले ढक्कन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। - महेश कुमार, राहगीर
फुटपाथ पूरी तरह बाधित हैं। धूल, कीचड़ और खुले नालों के कारण पैदल चलना मुश्किल और खतरनाक हो गया है। - अमन, राहगीर