“मेरे बेटे को न्याय चाहिए”, उत्तम नगर हत्याकांड मामले में परिवार ने की CBI जांच की मांग; अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान पानी के गुब्बारे को लेकर हुए विवाद में 26 वर्षीय तरुण की मौत हो गई। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक ...और पढ़ें
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के उत्तम नगर थाना क्षेत्र की हस्तसाल पुनर्वासित कॉलोनी में होली के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
इस घटना में घायल हुए 26 वर्षीय युवक तरुण की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। इलाके में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
गुब्बारे से शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार 4 मार्च की रात करीब 11 बजकर 9 मिनट पर उत्तम नगर थाने में पड़ोसियों के बीच झगड़े की पीसीआर कॉल मिली थी। मौके पर जांच में पता चला कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक लड़की द्वारा फेंका गया पानी का गुब्बारा सड़क से गुजर रही एक महिला पर जा गिरा।
इसके बाद दोनों पक्षों के परिवार के सदस्य सड़क पर इकट्ठा हो गए और उनके बीच मारपीट हो गई। झड़प में एक पक्ष के तीन और दूसरे पक्ष के पांच लोग घायल हुए थे। इनमें से अधिकांश को उसी दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
इलाज के दौरान हुई मौत
घटना के बाद पुलिस ने पहले भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया था। शुरुआती कार्रवाई में चार वयस्कों को गिरफ्तार किया गया और एक नाबालिग को पकड़ा गया।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- दिल्ली में विशेष समुदाय की युवती पर रंग भरा गुब्बारा गिरा तो पीट-पीटकर युवक को मार डाला, छावनी बना इलाका
हालांकि 5 मार्च की दोपहर अस्पताल में भर्ती 26 वर्षीय तरुण की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) भी जोड़ दी, जिससे यह मामला हत्या का बन गया।
पांच दशक से पड़ोसी हैं दोनों परिवार
पुलिस के अनुसार दोनों परिवार पिछले करीब 50 वर्षों से पड़ोसी हैं और उनके बीच पहले भी पार्किंग और कूड़ा फेंकने जैसे छोटे-छोटे मुद्दों को लेकर विवाद होते रहे हैं।
पुलिस ने अब तक कुल सात लोगों को पकड़ा है, जिनमें छह आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और एक नाबालिग को बाल न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। क्षेत्र को जोन, सेक्टर और सब-सेक्टर में बांटकर पुलिस की तैनाती की गई है और लगातार गश्त की जा रही है।
उन्होंने बताया कि दोनों समुदायों के लोगों से बातचीत कर शांति बनाए रखने की अपील की गई है और अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा गया है।
परिवार ने की सीबीआई जांच की मांग
वहीं मृतक तरुण के पिता ने कहा कि, हमारी मांग है कि हमारे बेटे को न्याय मिले, पुलिस ने अब तक न तो कोई जांच की है और न ही हमसे उसके बारे में कुछ पूछा है। वे कह रहे हैं कि उन्होंने 5-6 लोगों को गिरफ्तार किया है लेकिन उन्होंने हमें यह नहीं दिखाया कि किसे गिरफ्तार किया गया है।
हम सीबीआई जांच चाहते हैं, हम कल पुलिस स्टेशन भी गए थे, लेकिन उन्होंने दरवाजे बंद कर दिए। जब हम विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे, तो उन्होंने लाठीचार्ज कर दिया।
तरुण के पिता ने कहा कि जैसे ही मेरा बेटा आया, 15-20 लोगों ने उस पर हमला कर दिया और उसे मौके पर ही मार डाला, वे सभी यहीं घूम रहे थे, लेकिन पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया।
अफवाहों से बचने की अपील
पुलिस का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व घटना को अलग रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की गई है।