बोल बम के जयघोष से गूंजी पूर्वी दिल्ली, कांवड़ियों की सेवा के लिए सड़कों पर उतरे स्थानीय लोग
कांवड़ यात्रा के आगमन से पूर्वी दिल्ली का यमुनापार क्षेत्र शिवमय हो गया है, जहां 4 अगस्त से शुरू हुए सेवा शिविरों में कांवड़ियों के लिए व्यापक इंतजाम ...और पढ़ें

कांवड़ यात्रा के आगमन से पूर्वी दिल्ली का यमुनापार क्षेत्र शिवमय हो गया है। इमेज एआई
HighLights
4 अगस्त से यमुनापार में कांवड़ सेवा शिविर शुरू।
आकर्षक कांवड़ और वेशभूषा श्रद्धालुओं का मुख्य आकर्षण।
सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए।
नितीश कुमार, पूर्वी दिल्ली। सावन की आस्था अब यमुनापार की सड़कों पर उतर आई है। चार अगस्त से कांवड़ सेवा शिविर शुरू होने के साथ ही जीटी रोड, एनएच-नौ, मौजपुर, अप्सरा बार्डर, बिहारी कालोनी, स्वामी दयानंद मार्ग, वजीराबाद रोड, यमुना विहार सहित अन्य प्रमुख कांवड़ मार्ग शिवभक्ति के रंग में सराबोर नजर आने लगे हैं।
हरिद्वार और गंगोत्री से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की लगातार बढ़ती आमद से पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में डूब गया है। बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच हजारों श्रद्धालु सेवा शिविरों में विश्राम कर रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग भी उनके स्वागत और सेवा में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रहे हैं।
इस बार भी कांवड़ यात्रा का प्रमुख आकर्षण श्रद्धालुओं की आकर्षक कांवड़ और अनूठी वेशभूषा बनी हुई है। कोई पतंग के आकार की कांवड़ लेकर चल रहा है तो कोई हनुमान स्वरूप में नजर आ रहा है। फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और धार्मिक प्रतीकों से सजी कांवड़ श्रद्धालुओं और राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
कई श्रद्धालु दोस्तों के समूह के साथ तो कई पूरे परिवार और छोटे-छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं। कांवड़ मार्गों पर उमड़ रही आस्था को देखने के लिए स्थानीय लोग भी रुक रहे हैं और कांवड़ियों का स्वागत कर सेवा कार्यों में भागीदारी निभा रहे हैं।
भोजन से लेकर उपचार तक की व्यापक व्यवस्था
कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। लंबी दूरी तय कर आने वाले कांवड़ियों के लिए स्वादिष्ट भोजन, शीतल पेयजल, विश्राम स्थल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। एनएच-नौ स्थित एक कांवड़ शिविर के आयोजक गिरीश चंद वर्मा ने बताया कि शिविर में महिलाओं की सुरक्षा सहित सभी कांवड़ियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। करीब 40 स्वयंसेवक चौबीसों घंटे सेवा में जुटे हैं। बुधवार को घायल हुए एक कांवड़िये का शिविर में मौजूद चिकित्सक ने तत्काल उपचार भी किया।
स्वास्थ्य, सुरक्षा, सफाई और यातायात के पुख्ता इंतजाम
शिविरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य, सुरक्षा, सफाई और यातायात के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से प्रत्येक शिविर में शिफ्टवार लगभग पांच पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक शिविर में तीन स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की है, जबकि निजी संस्थाओं के सहयोग से छह से सात चिकित्सा कर्मी भी सेवाएं दे रहे हैं।
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पैदल कांवड़ियों के लिए प्राथमिक उपचार, छालों, बुखार, सर्दी-जुकाम, चोट और थकान की दवाओं के साथ मसाज की सुविधा भी उपलब्ध है। वहीं, एमसीडी ने प्रत्येक शिविर में सफाई, कचरा उठाने और फागिंग के लिए तीन-तीन कर्मचारियों की तैनाती की है।इस दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए यमुनापार में 640 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की गई है।