यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
असम के मंत्री हिमंता बिस्व सरमा पर निर्वाचन आयोग की कार्रवाई, 48 घंटे के लिए चुनाव प्रचार करने पर लगाई रोक
Assam Assembly Election 2021 निर्वाचन आयोग ने असम के मंत्री एवं भाजपा नेता हिमंता बिस्व सरमा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने 48 घंटे के लिए हिम ...और पढ़ें

गुवाहाटी, एजेंसियां। निर्वाचन आयोग ने असम के मंत्री एवं भाजपा नेता हिमंता बिस्व सरमा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने 48 घंटे के लिए हिमंता बिस्व सरमा के चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है। आयोग ने हिमंता बिस्व सरमा को विपक्षी दल बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के नेता हग्रामा मोहिलरी को कथित तौर पर धमकाने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हिमंता बिस्व सरमा से शुक्रवार शाम पांच बजे तक जवाब देने को कहा गया था।
समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक आयोग हिमंता बिस्व सरमा के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और 48 घंटे के लिए उनके चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी। कांग्रेस ने यह आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग का रुख किया था कि सरमा ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) का दुरुपयोग कर मोहिलरी को जेल भेजने की धमकी दी है।
निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि वह हिमंत बिस्व सरमा के बयानों की कड़ी निंदा करता है। आयोग दो अप्रैल को तत्काल प्रभाव से 48 घंटे के लिए हिमंता बिस्व सरमा पर कोई सार्वजनिक सभा करने, सार्वजनिक जुलूस निकालने, रैलियां करने, रोडशो, साक्षात्कार देने और मीडिया में सार्वजनिक बयान देने पर रोक लगाता है।
निर्वाचन आयोग ने हिमंता बिस्व सरमा को भेजे नोटिस में कहा था कि प्रथम दृष्ट्या उसका मानना है कि सरमा ने आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रविधानों को उल्लंघन किया है। आयोग की ओर से राज्य के चुनाव तंत्र द्वारा उपलब्ध कराए गए भाषण का प्रारूप का भी जिक्र किया गया है। असम में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान कराए जा रहे हैं।
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मालूम हो कि असम में तीसरे और अंतिम चरण का मतदान छह अप्रैल को कराया जाएगा। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट असम में कांग्रेस की सहयोगी पार्टी है। एक दिन पहले ही निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु में भी सख्त कार्रवाई की थी। आयोग ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर द्रमुक नेता ए राजा के चुनाव प्रचार करने पर तत्काल प्रभाव से 48 घंटे के लिए रोक लगा दी थी।
निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में आचार संहिता का उल्लंघन करने पर ए. राजा को फटकार लगाई थी और उनका नाम द्रमुक के स्टार प्रचारकों की सूची से हटा दिया था। यही नहीं निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में ए राजा से चुनाव प्रचार के दौरान संयमित बयान देने को कहा था। साथ ही अशोभनीय, अपमानजनक, अश्लील टिप्पणी से बचने की नसीहत दी थी।