Bihar Politics: प्रशांत किशोर ने इन 6 नेताओं पर जताया भरोसा, 243 विधानसभा सीटों के लिए प्लान तैयार
जन सुराज पार्टी 10 से 25 सितंबर तक बिहार में बिहार बदलाव यात्रा करेगी जिसका लक्ष्य जन सुराज की विचारधारा को जनता तक पहुंचाना और संगठन को मजबूत करना है ...और पढ़ें

HighLights
- जन सुराज की बिहार बदलाव यात्रा 10-25 सितंबर
- संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का लक्ष्य
- महागठबंधन पर मुस्लिम हितैषी होने का दिखावा
जागरण संवाददाता, पटना। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी 10 से 25 सितंबर तक बिहार के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में "बिहार बदलाव यात्रा" का आयोजन करेगी। पार्टी के चुनाव अभियान समिति के प्रदेश संयोजक सुधीर शर्मा ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य जन सुराज की बदलाव की सोच को जनता तक पहुंचाना, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं को साथ जोड़कर पार्टी का व्यापक जनाधार तैयार करना है।
सुधीर शर्मा ने बताया कि इस आयोजन के लिए बिहार के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों को 12 प्रमंडलों में बांटा गया है। इस कार्यक्रम का कार्यभार प्रमंडल संयोजक व सह संयोजक, जिला चुनाव प्रभारी, विधानसभा प्रभारी व विधानसभाओं के संभावित उम्मीदवार अपने अपने स्तर पर संभालेंगे।
इस कार्यक्रम की सफलता के लिए राज्य स्तर पर जिन पदाधिकारियों को जिम्मेवारी दी गई है, उनमें चुनाव अभियान समिति के प्रदेश संयोजक सुधीर शर्मा के साथ ही सह संयोजक उर्मिला कुमारी, सरवर अली, विपिन यादव, प्रीतम सिंह और नरेश मांझी शामिल हैं।
मुस्लिम हितैषी होने का दिखावा करती है महागठबंधन : जन सुराज
दूसरी ओर, जन सुराज ने महागठबंधन पर मुस्लित हितैषी होने का दिखावा करने का आरोप लगाया है। जन सुराज पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व एमएलसी रामबली चंद्रवंशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी ओबैदुर रहमान व पार्टी प्रवक्ता सोनाली आनंद ने राजद व महागठबंधन नेताओं पर जुबानी हमला किया।
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कहा कि तेजस्वी यादव आज जो भी सवाल कर रहे हैं वो सब बेबुनियाद हैं, क्योंकि उनकी पार्टी भी लंबे समय तक बिहार में शासन में रही है। पहले तो उन्हें जवाब देना चाहिए कि जो मुद्दे उठा रहे हैं, अपनी सरकार के वक्त उन्होंने उन मुद्दों पर क्या काम किया।
उन्होंने यह भी कहा कि राजद और महागठबंधन ने आजतक मुस्लिम समाज को भी आबादी के हिसाब से प्रतिनिधित्व नहीं दिया न ही समाज की शिक्षा के लिए काम किया। सिर्फ मुस्लिमों से वोट लेने की बात करते हैं।
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