केरलम चुनाव का शंखनाद: 1,254 उम्मीदवारों ने भरा दम, कुल 2,125 नामांकन दाखिल
मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने मंगलवार को बताया कि चुनाव आयोग को केरलम विधानसभा चुनाव के लिए 1,254 उम्मीदवारों से कुल 2,125 नामांकन पत्र प्राप ...और पढ़ें

केरलम विधानसभा चुनाव में 1254 उम्मीदवारों ने 2125 नामांकन दाखिल किए (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
केरलम में नौ अप्रैल को 140 नए विधायकों के चुनाव के लिए मतदान होगा
केरलम विधानसभा चुनाव के लिए 1,254 उम्मीदवारों से कुल 2,125 नामांकन पत्र प्राप्त हुए
पीटीआई, तिरुअनंतपुरम। मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने मंगलवार को बताया कि चुनाव आयोग को केरलम विधानसभा चुनाव के लिए 1,254 उम्मीदवारों से कुल 2,125 नामांकन पत्र प्राप्त हुए हैं। केरलम में नौ अप्रैल को 140 नए विधायकों के चुनाव के लिए मतदान होगा।
केलकर ने कहा कि नामांकन की जांच चल रही है, जिसके बाद नाम वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने कहा कि वैध उम्मीदवारों की अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी और अगले दो हफ्तों के भीतर मतपत्रों की छपाई पूरी कर ली जाएगी।
केलकर ने बताया कि 1.75 लाख मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पहली बार आयोग ने सर्टिफिकेशन के साथ आनलाइन प्रशिक्षण माड्यूल शुरू किए हैं। विशेष रूप से 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगों के लिए डाक द्वारा मतदान पर विशेष ध्यान दिया गया है।
असम में 776 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए
असम विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच के दौरान मंगलवार को 776 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए। दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए यह प्रक्रिया 25 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
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124 विधानसभा क्षेत्रों के लिए नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो चुकी है, जबकि बारपेटा (सुरक्षित) और ढेकियाजुली सीटों के लिए यह प्रक्रिया अभी लंबित है। जिन उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को अभी मंजूरी मिलनी बाकी है, उनमें ढेकियाजुली से दोबारा चुनाव लड़ रहे भाजपा के कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल और बारपेटा और ढेकियाजुली से कांग्रेस के उम्मीदवार शामिल हैं।
नौ अप्रैल को होने वाले इन चुनावों के लिए कुल 815 उम्मीदवारों ने 1,389 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि गुरुवार दोपहर तीन बजे तक है।
केरलम भाजपा अध्यक्ष के हलफनामे पर विवाद, माकपा और कांग्रेस देंगी कानूनी चुनौती
केरलम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर पर अपने नामांकन पत्रों के साथ जमा किए गए हलफनामे में बेंगलुरु में अपनी बहुमूल्य संपत्ति के बारे में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया है।
सत्ताधारी माकपा और विपक्षी कांग्रेस ने इस मामले को लेकर चंद्रशेखर के खिलाफ कानूनी लड़ाई की घोषणा की है, क्योंकि नेमाम निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग आफिसर ने आरोपों और शिकायतों के बावजूद भाजपा नेता का नामांकन स्वीकार कर लिया था।
राजीव चंद्रशेखर ने आरोपों को निराधार बताते हुए अपने राजनीतिक विरोधियों को अदालत का रुख करने की चुनौती दी है। भाजपा ने नेमोम निर्वाचन क्षेत्र से चंद्रशेखर को माकपा नेता और शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी और पूर्व कांग्रेस विधायक के.एस. सबरीनाथन के खिलाफ मैदान में उतारा है।
जांच के बाद चंद्रशेखर के खिलाफ दर्ज शिकायत के बावजूद उनका नामांकन स्वीकार कर लिया गया है। इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए सबरीनाथन ने कहा कि रिटर्निंग आफिसर एक अर्ध न्यायिक प्राधिकरण है और ऐसे मामलों पर निर्णय लेने का अधिकार क्षेत्र उसके पास नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि अब इस मामले को उचित कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए कांग्रेस के नीमम निर्वाचन क्षेत्र के कोर कमेटी अध्यक्ष मनक्कड़ सुरेश ने आरोप लगाया कि बेंगलुरु के कोरमंगला में स्थित अचल संपत्ति को उम्मीदवार के हलफनामे में जानबूझकर छिपाया गया है।
भाजपा के चुनाव प्रचार में अघोरी साधु
भाजपा उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर के चुनाव प्रचार के दौरान अघोरी साधु समेत संन्यासियों के एक समूह के आने से नीमम निर्वाचन क्षेत्र में बहस छिड़ गई है। एलडीएफ और यूडीएफ के उम्मीदवार वी. शिवनकुट्टी और के.एस. सबरीनाथन ने चुनाव प्रचार के दौरान साधुओं की मौजूदगी का मजाक उड़ाया है।
शिवनकुट्टी ने कहा कि नीमम में 23 स्कूल हैं और उन्होंने चिंता व्यक्त की कि पढ़ाई के समय सड़कों पर अघोरी साधुओं को देखकर बच्चे डर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के संन्यासियों का निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी महत्व होने की संभावना नहीं है।