केरलम में फिर से LDF सरकार या UDF करेगी कमाल? सोमवार को होगा फैसला
केरल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को बहुमत मिलने का अनुमान है, जिससे सत्तारूढ़ एलडीएफ को झटका लग सकता है। यह परिणा ...और पढ़ें
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केरल में सत्ता बदलने के संकेत,एग्जिट पोल में यूडीएफ को बढ़त (फाइल फोटो)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की वापसी के संकेत मिले हैं। ज्यादातर अनुमानों में यूडीएफ को सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) से आगे बताया गया है।
अनुमानों के अनुसार, 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ 70 से लेकर 90 सीटों तक हासिल कर सकता है, यानी वह बहुमत के आंकड़े को पार कर सकता है। वहीं एलडीएफ के बहुमत से पीछे रहने की संभावना जताई गई है।
अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ सरकार बदलने की घटना नहीं होगी, बल्कि केरल की पारंपरिक राजनीति की वापसी भी मानी जाएगी, जहां हर चुनाव में सत्ता बदलती रही है।
केरल की राजनीति में फिर दिखा पुराना ट्रेंड
केरल में लंबे समय से यूडीएफ और एलडीएफ के बीच बारी-बारी से सत्ता बदलने का चलन रहा है। 2021 में एलडीएफ की वापसी इस ट्रेंड से अलग थी, लेकिन मौजूदा एग्जिट पोल संकेत दे रहे हैं कि राज्य फिर उसी पुराने पैटर्न की ओर लौट सकता है। यह भी दिखाता है कि केरल के मतदाता सत्ता को संतुलित रखने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बदलाव करते रहते हैं।
एग्जिट पोल के आंकड़े यह भी बताते हैं कि मुकाबला एकतरफा नहीं है। यूडीएफ भले ही आगे दिख रहा हो, लेकिन एलडीएफ भी पूरी तरह पीछे नहीं है। सीटों का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है, जिससे यह साफ होता है कि वोट प्रतिशत में मामूली बदलाव भी सीटों पर बड़ा असर डाल सकता है।
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एलडीएफ के लिए झटका, यूडीएफ के लिए मौका
अगर एलडीएफ सत्ता से बाहर होता है, तो यह वामपंथी दलों के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि केरल ही उनका मुख्य मजबूत राज्य है। इससे उनकी भूमिका सरकार से विपक्ष में बदल सकती है। वहीं यूडीएफ की वापसी यह दिखाएगी कि उसने लोगों की नाराजगी को अपने पक्ष में बदलने में सफलता पाई है। रोजगार, महंगाई, प्रवासन और शासन जैसे मुद्दे इस चुनाव में अहम रहे हैं।