यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सोनीपत लोकसभा: क्या भाजपा इन चेहरों पर खेलेगी दांव? कांग्रेस में भी कई नामों पर मंथन; यह है सीट का गुणा-गणित
Lok Sabha Election 2024 हरियाणा की सोनीपत लोकसभा सीट पर कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने अभी तक प्रत्याशियों की घोष ...और पढ़ें

नंदकिशोर भारद्वाज, सोनीपत। लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा नहीं होने से टिकटार्थियों के दिल की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। भाजपा, कांग्रेस और जजपा की ओर से प्रत्याशी अभी घोषित नहीं किए गए हैं। प्रदेश में छठे चरण में मतदान होने के चलते अभी नामांकन में एक महीना बचा है। इसलिए तीनों पार्टियां जांच-परखकर जिताऊ प्रत्याशी ही घोषित करना चाहती हैं।
कांग्रेस वेट एंड वाच की नीति पर चल रही है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी भाजपा से पहले अपना प्रत्याशी घोषित नहीं करेगी। भाजपा का प्रत्याशी घोषित होने के बाद कांग्रेस जातीय व क्षेत्रीय समीकरणों को देखते हुए अपने प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी। जजजा अभी हलकों में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से रायशुमारी कर रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने सोनीपत में टिकट के दावेदारों की राय जानकर नामों का पैनल बनाकर हाईकमान को सौंप दिया था। किंतु तेजी से बदले घटनाक्रम के अनुसार मौजूदा सांसद का टिकट कटने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस कारण राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि भाजपा रोहतक या सोनीपत में एक ब्राह्मण नेता को टिकट दे सकती है।
भाजपा से ये नाम चर्चा में
वहीं रोहतक से सांसद डॉ. अरविंद शर्मा अपना टिकट पक्का बता रहे हैं। अगर सोनीपत में पार्टी ब्राह्मण को टिकट देती है तो प्रदेश महामंत्री मोहन लाल बड़ौली या ओलिंपियन पहलवान योगेश्वर दत्त के नाम चर्चा में हैं। अगर पार्टी वैश्य को टिकट देती है तो पूर्व मंत्री कविता जैन प्रत्याशी हो सकती हैं। वहीं जाट नेता के रूप में पहले से चल रहे नामों के साथ पूर्व मंत्री कृष्णा गहलावत और पैरालिंपिक कमेटी की पूर्व अध्यक्ष दीपा मलिक के नाम भी दौड़ में हैं।
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79 नेताओं ने मांगा कांग्रेस का टिकट
वहीं कांग्रेस में पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह, धर्मपाल मलिक, कुलदीप शर्मा, सुरेंद्र दहिया, पदम सिंह दहिया, डा. राजेंद्र सिंह टोंक समेत 79 नेताओं ने टिकट के आवेदन कर रखा है। इसके साथ ही हरिद्वार के जयराम आश्रम के संचालक सतपाल ब्रह्मचारी के नाम पर विचार कर रही है। अगर पार्टी किसी महिला को टिकट देती है तो सुधा मलिक के नाम की चर्चा है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी भाजपा से पहले अपना प्रत्याशी घोषित नहीं करेगी। पार्टी अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है।
जजपा इन पर खेल सकती दांव
इधर, भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद जजपा भी लोकसभा चुनाव लड़ने का निर्णय लेने के लिए जिलाध्यक्षों के माध्यम से रायशुमारी कर रही है। रायशुमारी के बाद ही पार्टी हाईकमान चुनाव लड़ने या नहीं लड़ने का फैसला करेगी। एक-दो दिन में जिलाध्यक्ष दुष्यंत चौटाला को अपनी रिपोर्ट सौंप देंगे। दूसरी सोनीपत से जिलाध्यक्ष राज सिंह दहिया, जींद के जिलाध्यक्ष कृष्ण राठी और जुलाना के विधायक अमरजीत सिंह ढांडा का नाम चर्चा में है।
खर्च बचाने को प्रत्याशियों की घोषणा देर से होगी
प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए 25 मई को मतदान होगा और चार जून को मतगणना होगी। प्रत्याशी 29 अप्रैल से लेकर छह मई तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। अभी छह मई में सवा महीने का समय बचा है। पार्टियों ने प्रत्याशियों की घोषणा को अभी टाल दिया है।
सूत्रों का कहना है कि हर प्रत्याशी के लिए खर्च की सीमा 95 लाख रुपये रखी गई है। चुनाव में अभी समय है। अगर पार्टियों ने अभी प्रत्याशी घोषित कर दिए तो चुनाव कार्यालयों में खर्च अधिक होगा, इसलिए खर्च अधिक न हो इसके लिए देरी से घोषणा की जाएगी।