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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'प्रत्‍याशी को नहीं जानती...बस निशान देखा और बटन दबा आई', किसको दिया वोट? मतदाताओं के जवाब सुन लोग हो रहे हैरान

    By Jagran News NetworkEdited By: Jagran News Network
    Updated: Tue, 21 May 2024 07:52 PM (IST)

    Lok Sabha Election 2024 लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण का मतदान सोमवार को संपन्न हुआ जिसमें मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्‍सा लिया। इस बीच जब वोट देकर मतदाता ...और पढ़ें

    Lok Sabha Chunav 2024: लोकसभा चुनाव के बीच मतदान केंद्र पर वोटिंग करते मतदाता।
    Lok Sabha Chunav 2024: लोकसभा चुनाव के बीच मतदान केंद्र पर वोटिंग करते मतदाता।

    मीरा सिंह, मुजफ्फरपुर: सुबह से सड़कों पर सन्नाटा तो मतदान केंद्रों के आसपास चहल-पहल। मुस्तैदी के साथ तैनात जवान। सराय सैयद अली लेन वार्ड 27 के मतदान केंद्र 132 पर सुबह साढ़े 11 बजे तक टोटल 1140 मतदाताओं में से 140 पुरुष और 111 महिलाएं मतदान कर चुकी थीं। मतदानकर्मी शबाना परवीन और पवन कुमार ने कहा कि लोग तो आ रहे, लेकिन मतदान धीमा ही है।

    कटही पुल सब्जी मंडी वार्ड 11 की बूथ संख्या 61 पर जयश्री मिलीं। कहने लगीं कि किस पार्टी से कौन प्रत्याशी खड़ा है यह तो नहीं जानती। हम तो निशान देखकर बटन दबा आए हैं। हमारा देश मजबूत हुआ है, इसलिए बदलाव की जरूरत ही नहीं।

    वहीं, मतदान केंद्र 132 पर वोट देकर बाहर निकली 48 वर्षीय रीता कुमारी खड़ी मुस्कुरा रही थीं। कहती हैं, देश में विकास हुआ है। हमारा देश मजबूत हुआ है। गरीब महिलाओं को स्वरोजगार के जरिये रोजी-रोटी मिल रही है। आज तक देश को कभी इतना सम्मान नहीं मिला और क्या चाहिए। हमने इसी आधार पर मतदान किया है।

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    मतदाताओं की है यह शिकायत

    दामुचक मतदान केंद्र से वोट देकर लौट रहीं डॉ. सुरभि कहती हैं, मेरे दिमाग में मेरा देश पहले है। इसी आधार पर वोट किया है। चुनाव में इस बार थोड़ी निराशा स्थानीय नेताओं को लेकर है। वे जीतकर सत्ता में आ तो जाते हैं, पर विकास के लिए कोई काम नहीं करते। निचले पायदान के लोग ठीक से काम नहीं करेंगे तो शीर्ष पर बैठा एक व्यक्ति क्या कर लेगा।

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    'राम जी अपने घर आ गए और क्या चाहिए'

    तभी, 62 वर्षीय आभा चौधरी कहती हैं कि हमें प्रत्याशी से मतलब नहीं। हम तो ऊपर बैठे नेता को देख रहे हैं। हमारे रामजी अपने घर में आ गए, स्वरोजगार से महिलाएं सशक्त हो रही हैं। हमने तो इसी आधार पर वोट किया है। रास्ते में संजू कुमार मिल गईं, कहने लगीं हमारे लिए तो विकास ही मुद्दा है। बिजली, पानी, गैस से लेकर राशन तक सरकार दे रही है। हमारा शिखर नेतृत्व बहुत बढ़िया है। देश और मजबूत हो इसके लिए वोट किया है।

    एगो चावल लेकर क्या होगा?

    सराय सैयद अली लेन वार्ड 27 में कतार में खड़ीं शाहिना परवीन अपने नंबर का इंतजार करते हुए यह बोल ही रही थीं कि उनके पीछे खड़ी 65 वर्षीय अम्मा बोल पड़ीं सरकार से कहां कुछ मिल रहा है। वृद्धावस्था पेंशन भी नहीं मिल रही। अधिकारी के चक्कर लगाकर थक गए, वे कहते हैं दो-तीन हजार रुपये लगेंगे।

    फिर से नाम जुड़ेगा। हम गरीब आदमी कहां से लाएंगे इतना पैसा। हमलोग पढ़े-लिखे तो हैं नहीं। हमें क्या पता सरकार ने गरीबों के लिए क्या योजना बनाई है। हम तो बदलाव के लिए वोट किए हैं।

    ये लोग नहीं दे पाए वोट...

    कटही पुल सब्जी मंडी वार्ड 11 में बूथ संख्या 61 पर मतदान करने आए पिंटू कुमार वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने से परेशान थे। कहने लगे तीन बार नाम जुड़वाए फिर भी कट गया। मेरे परिवार से भैया-भाभी वोट देकर गए हैं। पूछने पर पर्ची मिलान कर रहीं आंगनबाड़ी सेविका राखी कुमारी कहने लगीं कि यहां टोटल 1087 वोटर हैं।

    करीब दो सौ लोगों के नाम कटे हैं। ये सब किराये के मकान में रहते थे। मकान बदल लेने के कारण इनका वार्ड बदल गया है। रेलवे क्वार्टर पूरा टूट गया। ये लोग यहां से हटकर दूसरे वार्ड में चले गए, इसलिए इनका नाम कट गया।

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