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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Modi 3.0 Govt: कैसे चुनी जाती है देश की नई सरकार, चुनाव नतीजों से लेकर शपथ ग्रहण तक क्या-क्या होता है? जानिए पूरी प्रक्रिया

    Updated: Fri, 07 Jun 2024 08:28 PM (IST)

    Lok Sabha Election Results Modi 3.0 Oath Ceremony एनडीए गठबंधन ने राष्ट्रपति के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। अब 9 जून को नई सरकार का शपथ ...और पढ़ें

    MODI 3.0 Cabinet: नई एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण 9 जून को होगा। (File Photo)
    MODI 3.0 Cabinet: नई एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण 9 जून को होगा। (File Photo)

    चुनाव डेस्क, नई दिल्ली। Modi 3.0 Govt Oath Ceremony: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिला है और अब वह सरकार बनाने के लिए तैयार है। नई सरकार की गठन की प्रक्रिया में शुक्रवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से नरेंद्र मोदी को गठबंधन दल का नेता चुन लिया गया है। उसके बाद एनडीए ने राष्ट्रपति के सामने सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया है।

    ऐसे में ये जानना अहम हो जाता है कि आखिर सरकार गठन की प्रक्रिया क्या होती है और देश की नई सरकार चुनी कैसे जाती है। हम आपको यहां बताने जा रहे हैं चुनाव नतीजों से लेकर शपथ ग्रहण तक की स्टेप-बाई-स्टेप प्रोसेस।

    कैसे होता है सरकार का गठन

    लोकसभा चुनाव के नतीजे - लोकसभा के चुनाव में जनता अपने सांसद चुनती है। विभिन्न दलों या गठबंधनों के सांसदों की संख्या के आधार पर यह तय होता है कि कौन सरकार बनाने की स्थिति में है।

    मंत्रिमंडल की आखिरी बैठक - चुनाव परिणाम घोषित हो जाने के बाद अंतरिम सरकार अपनी आखिरी मंत्रिमंडल की बैठक करती है और उसमें सदन को भंग करने का प्रस्ताव पेश किया जाता है।

    प्रधानमंत्री का इस्तीफा - इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के पास जाकर अपना इस्तीफा सौंपते हैं। इस्तीफे के बाद नियमों के अनुसार जब तक नई सरकार का गठन नहीं हो जाता, पुरानी सरकार काम करती रहेगी।

    संसदीय दल की बैठक - इस बीच, चुनकर आए सांसदों की संख्या के लिहाज से सबसे बड़े दल या गठबंधन की संसदीय बैठक होती है। इस बैठक में सभी सांसद मिलकर अपने नेता का चुनाव करते हैं, जो प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार होता है।

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    सरकार बनाने का दावा - संसदीय दल की बैठक के बाद सत्ता पक्ष राष्ट्रपति के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करता है। गठबंधन सरकार होने की स्थिति में सभी घटक दलों की समर्थन की चिठ्ठी सौंपनी दी जाती है। इस स्टेप में यह भी संभव होता है कि राष्ट्रपति अपनी तरफ से सबसे बड़े दल को सरकार बनाने और बहुमत साबित करने के लिए आमंत्रित करें।

    शपथ ग्रहण - राष्ट्रपति के पास दावा पेश करने के बाद नई सरकार में चुने गए मंत्रीगण शपथ ग्रहण करते हैं। इसके बाद मंत्रिमंडल की बैठक होती है। संसद का विशेष सत्र बुलाकर सरकार को बहुमत भी साबित करना होता है, जिसके लिए करीब एक महीने का समय होता है। मौजूदा सरकार का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही देश को नई सरकार मिल जाती है।

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