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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chunavi किस्सा: गजब का संयोग! एक ही चुनाव में तीन बड़े नेताओं को मिली हार, 12 वर्ष के अंदर तीनों बने प्रधानमंत्री

    Updated: Mon, 15 Apr 2024 12:04 PM (IST)

    Lok Sabha election 2024 कई बार चुनावों में ऐसे संयोग बन जाते हैं जो आगे चलकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाते हैं। 1984 के आम चुनाव में भी ऐसा ही कुछ ...और पढ़ें

    Lok Sabha Election: तीनों नेता चुनाव हारने के 12 वर्ष के अंदर देश के प्रधानमंत्री बने।
    Lok Sabha Election: तीनों नेता चुनाव हारने के 12 वर्ष के अंदर देश के प्रधानमंत्री बने।

    जागरण सवांददाता, नई दिल्ली। Lok Sabha Election 2024: 1984 का आम चुनाव कांग्रेस की प्रचंड जीत के लिए जाना जाता है। इस चुनाव में तीन राष्ट्रीय नेता चंद्रशेखर, अटल बिहारी वाजपेयी और नरसिंह राव हार गए। दिलचस्प बात यह है कि ये तीनों नेता चुनाव हारने के 12 वर्ष के अंदर देश के प्रधानमंत्री बने।

    जगन्नाथ चौधरी ने चंद्रशेखर को हराया

    चंद्रशेखर इस चुनाव में अपनी परंपरागत सीट बलिया से मैदान में उतरे, लेकिन उन्हें निराशा ही मिली। कांग्रेस के जगन्नाथ चौधरी ने उनको आसान मुकाबले में 53,940 मतों के अंतर से हरा दिया। चंद्रशेखर ने जनता पार्टी से चुनाव (Lok Sabha Election) लड़ा था। बाद में वह 1990 में देश के प्रधानमंत्री बने। सिर्फ विपक्षी दलों के बड़े नेताओं को ही इस चुनाव में हार का सामना नहीं करना पड़ा था।

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    ये भी हारे चुनाव

    कांग्रेस के दिग्गज नेता और गृह मंत्री रहे पीवी नरसिंह राव को भी हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा पहली बार दक्षिण में लोस चुनाव लड़ रही थी और उसके प्रत्याशी सी जंगा रेड्डी ने राव को 54,198 मतों के अंतर से हरा दिया। सी जंगा रेड्डी दक्षिण भारत से सांसद बनने वाले भाजपा के पहले नेता थे।

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    बाद में 1991 में नरसिंह राव देश के प्रधानमंत्री बने। इसी तरह अटल बिहारी वाजपेयी ने ग्वालियर से चुनाव लड़ा था। उन्हें कांग्रेस के माधवराव सिंधिया ने बड़े अंतर से चुनाव में पराजित किया। अटल बिहारी बाजपेयी 1996 में देश के प्रधानमंत्री बने।

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