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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cabinet: मंत्रिमंडल में कितनी तरह के होते हैं मंत्री? कैबिनेट-स्वतंत्र प्रभार और राज्यमंत्री में अंतर; किसकी क्या होती है भूमिका?

Published: Sun, 09 Jun 2024 04:26 PM (IST)

Cabinet History नरेंद्र मोदी आज लगातार तीसरी बार सात बजकर 23 मिनट पर प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। उनके ...और पढ़ें

Cabinet History: कितने प्रकार के होते हैं कैबिनेट मंत्री, क्या होती हैं इनकी भूमिकाएं।
Cabinet History: कितने प्रकार के होते हैं कैबिनेट मंत्री, क्या होती हैं इनकी भूमिकाएं।

HighLights

  1. कैबिनेट मंत्री के पास हो सकते हैं एक से अधिक मंत्रालय।
  2. राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भी सीधे प्रधानमंत्री को करते हैं रिपोर्ट।
  3. राज्यमंत्री को कैबिनेट मंत्री के सहयोग के लिए बनाया जाता है।

चुनाव डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद नरेंद्र मोदी 9 जून शाम 07:23 बजे लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ केंद्रीय मंत्रियों ने भी शपथ ली है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में तीन प्रकार के मंत्री होते हैं। कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और राज्य मंत्री। इनमें कैबिनेट मंत्री सबसे शक्तिशाली होता है।

कैबिनेट मंत्री के बाद दूसरे नंबर पर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार आता है। तीसरे नंबर पर राज्य मंत्री आता है। आपको बताते हैं कि इन तीनों मंत्रियों के क्या काम होते हैं और क्या अंतर हैं? तीनों मंत्रियों की क्या भूमिकाएं होती हैं?

कैबिनेट मंत्री

जो सांसद सबसे अनुभवी होते हैं, उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया जाता है। कैबिनेट मंत्री सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं। उन्हें जो मंत्रालय दिया जाता है, उसकी पूरी जिम्मेदारी उनकी होती है। कैबिनेट मंत्री के पास एक से अधिक मंत्रालय भी हो सकते हैं। बैठक में कैबिनेट मंत्री का शामिल होना अनिवार्य होता है। सरकार अपने सभी फैसले कैबिनेट की बैठक में लेती है।

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

कैबिनेट मंत्री के बाद राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का नंबर आता है। ये भी सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं। मंत्रालय की सारी जिम्मेदारी इनकी होती है। स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री कैबिनेट मंत्री के प्रति उत्तरदायी नहीं होते हैं, लेकिन ये कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं होते हैं।

राज्यमंत्री

राज्यमंत्री को दरअसल कैबिनेट मंत्री के सहयोग के लिए बनाया जाता है। ये पीएम को नहीं, बल्कि कैबिनेट मंत्री को रिपोर्ट करते हैं। एक कैबिनेट मंत्री के मातहत एक या दो राज्यमंत्री बनाए जाते हैं। ये कैबिनेट मंत्री के नेतृत्व में काम करते हैं। कैबिनेट मंत्री की अनुपस्थिति में मंत्रालय का सारा काम देखते हैं।

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कैसे हुई कैबिनेट शब्द की उत्पत्ति?

  • कैबिनेट शब्द इतालवी गैबिनेटो से आया है, जो लैटिन कैपन्ना से उत्पन्न हुआ है।
  • कैबिनेट शब्द का अर्थ मंत्रिमंडल होता है। किसी सरकार के उच्चस्तरीय नेताओं के समूह को कैबिनेट कहते हैं।
  • कैबिनेट का उपयोग सोलहवीं शताब्दी में एक कोठरी या छोटे कमरे को दर्शाने के लिए किया जाता था। खासतौर पर कुलीन या राजघराने के घरों में इसका उपयोग किया जाता था।
  • इंग्लैंड, फ्रांस और इटली जैसे अन्य स्थानों पर कैबिनेट शब्द का उपयोग शुरू हुआ।

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