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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    MP Election 2023: टिकट नहीं मिलने से कांग्रेस में शुरू हुई कलह, नेताओं ने समर्थकों के साथ घेरा कमलनाथ का बंगला

    By Vaibhav ShridharEdited By: Shubham Sharma
    Updated: Tue, 24 Oct 2023 12:44 AM (IST)

    मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस द्वारा प्रत्याशियों की घोषणा के बाद विरोध-प्रदर्शन का जो सिलसिला शुरू हुआ वह सोमवार को भी जारी रहा। टिकट वितरण से ना ...और पढ़ें

    नेताओं ने घेरा कमल नाथ का बंगला। (फाइल फोटो)
    नेताओं ने घेरा कमल नाथ का बंगला। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. दिनभर होती रहे नारेबाजी, कमल नाथ से मिलने पहुंचे दिग्विजय सिंह की गाड़ी घेरी
    2. पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता को आया हार्टअटैक
    3. पूर्व विधायक रुस्तम सिंह ने दिया त्यागपत्र

    राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस द्वारा प्रत्याशियों की घोषणा के बाद विरोध-प्रदर्शन का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह सोमवार को भी जारी रहा। टिकट वितरण से नाराज नेताओं के समर्थकों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ का भोपाल में बंगला घेरा तो उनसे मिलने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की गाड़ी भी घेर ली। दिनभर नारेबाजी होती रही।

    उधर, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता को हार्टअटैक आया गया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने भाजपा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। टिकट न मिलने से नाराज बुरहानपुर सीट पर भाजपा के हर्ष नंद कुमार सिंह चौहान ने भी रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया।

    कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

    प्रदेश में भाजपा 228 और कांग्रेस 229 प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। दोनों को टिकट वितरण के बाद से कार्यकर्ताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेशभर में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के श्यामला हिल्स स्थित शासकीय आवास के बाहर पिछले तीन-चार दिन से प्रदर्शन हो रहा है।

    सोमवार को होशंगाबाद, सिवनी मालवा, शुजालपुर और जावरा से प्रत्याशी बदलने की मांग को लेकर कार्यकर्ता पहुंचे। जावरा से डीपी धाकड़ के समर्थकों ने प्रत्याशी बदलने की मांग करते हुए कहा कि संघर्ष के समय में जो मैदान में रहा हो, उसे मौका दिया जाना चाहिए।

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    कमल नाथ ने डीपी धाकड़ से की बात

    उधर, शुजालपुर से योगेन्द्र सिंह बंटी बना को प्रत्याशी बनाए जाने की मांग को लेकर दूसरी बार कार्यकर्ताओं ने कमल नाथ के बंगले का घेराव किया। उनके हाथों में बाहरी व्यक्ति नहीं चलेगा नारे की तख्तियां थीं। होशंगाबाद से आए कार्यकर्ताओं ने गिरजा शंकर शर्मा के स्थान पर चंद्रगाेपाल मलैया को टिकट देने की मांग की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ जावरा से टिकट मांग रहे डीपी धाकड़ से बात की।

    उधर, कमल नाथ से मिलने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे तो उनकी गाड़ी को कार्यकर्ताओं को रोक लिया और नारेबाजी की। दोनों के बीच करीब एक घंटे चर्चा हुआ। सूत्रों का कहना है कि प्रत्याशी चयन को लेकर जो असंतोष सामने आ रहा है, उसे काबू में करने पर चर्चा हुई।

    प्रत्याशी चयन को लेकर असंतोष

    वहीं, भाजपा में भी प्रत्याशी चयन को लेकर असंतोष सामने आ रहा है। पवई में संजय नगाइच ने संगठन को 26 अक्टूबर तक अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का समय दिया है। भोपाल दक्षिण पश्चिम सीट से दावेदार पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता के स्थान पर पार्टी ने प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी को प्रत्याशी बनाया है। इसके विरोध में गुप्ता समर्थक पार्टी पदाधिकारियों ने रविवार को त्यागपत्र दे दिया था।

    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के बंगले भी कार्यकर्ता पहुंचे थे। सोमवार को उमाशंकर गुप्ता को हार्टअटैक आया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उन्हें तनाव न लेने की सलाह दी है। उधर, पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने पार्टी की प्राथमिकता सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया।उनके बेटे राकेश सिंह बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं। इंदौर से अग्रवाल समाज के व्यक्ति को प्रत्याशी बनाने की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रखी।

    निष्पक्षता से सर्वे के आधार पर बंटे टिकट

    उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने-समझाने की जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और रणदीप सिंह सुरजेवाला को सौंप दी। कमल नाथ से मुलाकात के बाद दिग्विजय सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि जितने भी असंतुष्ट हैं, उनसे चर्चा करेंगे और फिर निर्णय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लेंगे। धैर्य रखें, किसी के साथ अन्याय हो भी गया होगा तो ध्यान रखेंगे।

    जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है। सरकार कांग्रेस की बन रही है। शिवपुरी से कोलारस से भाजपा विधायक वीरेंद्र रघुवंशी के मुद्दे पर कहा कि कुछ रास्ता निकालने के लिए केपी सिंह से बात कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी से समझौता को लेकर उन्होंने कहा कि वे छह सीटें चाह रहे थे। पिछले चुनाव में एक वे जीते थे और दो पर अच्छे वोट लेकर आए थे। हम चार सीटें देने तैयार थे पर चर्चा कहां बिगड़ी पता नहीं पर अखिलेश यादव भाजपा के साथ नहीं जाएंगे, यह पक्का है।

    कार्यकर्ता कुछ बात कहता है तो उसे गुस्सा मत मानिए

    टिकट वितरण को लेकर असंतोष पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि इतने बड़े राजनीतिक दल, जिसकी सरकार पंच-सरपंच से लेकर प्रधानमंत्री तक 16 राज्यों में है, वहां कार्यकर्ता के मन में भाव रहते हैं। कभी थोड़ा आवेश में आ जाता है। कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने ऐसी प्रतिक्रिया दी होगी। भाजपा के संगठन के तंत्र की व्यवस्था, कार्यपद्धति में संवाद और कार्यकर्ताओं से बातचीत का स्थान है। कार्यकर्ता कुछ बात कहता है तो उसे गुस्सा मत मानिए।

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