यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
MP Election 2023: निशा बांगरे का इस्तीफा हुआ मंजूर, चुनाव लड़ने का ऐलान किया; दाखिल करेंगी नामांकन
MP Election 2023 छतरपुर की पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने SDM पद से इस्तीफा दे दिया था। राज्य शासन द्वारा मंजूर किए जाने के बाद मंगलवार देर रात उ ...और पढ़ें

HighLights
- पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे लड़ेंगी चुनाव
- सोशल मीडिया पर की घोषणा
- कांग्रेस दे रही पूरा साथ
ऑनलाइन डेस्क, बैतूल (मध्य प्रदेश)। MP Election 2023: मध्य प्रदेश में इस साल नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसे लेकर सभी पार्टियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
वहीं, पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने अपने SDM पद से इस्तीफा दे दिया था। राज्य शासन द्वारा उनका इस्तीफा मंजूर किए जाने के बाद मंगलवार देर रात उन्होंने भी चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
सोशल मीडिया पर निशा बांगरे ने अपने समर्थकों को एक संदेश दिया, जिसमें उन्होंने लिखा- मैं चुनाव लड़ूंगी। बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार को नामांकन दाखिल करूंगी। लड़े हैं जीते हैं, लड़ेंगे जीतेंगे।
आमला सीट से बदल सकता है कांग्रेस प्रत्याशी
बता दें कि निशा बांगरे बैतूल की आमला सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थीं। लेकिन राज्य शासन द्वारा उनके त्यागपत्र पर फैसले में देरी होने के कारण कांग्रेस पार्टी ने मनोज मालवे को प्रत्याशी घोषित कर दिया। वहीं, अब संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस आमला सीट पर अपना प्रत्याशी बदल सकती है।
सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन करने का आरोप
छतरपुर SDM रहीं निशा बांगरे के खिलाफ 21 अगस्त, 2023 को सिविल सेवा आचरण नियम 1985 का उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। जिसके बाद विभागीय जांच शुरू की गई थी।
निशा बांगरे ने अपने बैतूल स्थित आवास पर सर्वधर्म सभा का आयोजन किया था, इसमें शामिल होने के लिए उन्होंने अनुमति मांगी थी। शासन ने अनुमति नहीं दी पर वे इसमें शामिल हुईं और फिर सेवा से त्यागपत्र दे दिया। लेकिन शासन ने उनका त्यागपत्र स्वीकार नहीं किया।
कांग्रेस ने दिया पूरा साथ
बता दें कि निशा इस मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक गईं थी। उन्होंने त्यागपत्र स्वीकार कराने के लिए आमला से मुख्यमंत्री आवास तक पदयात्रा निकाली थी पर भोपाल के बोर्ड आफिस चौराहे के पास उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। इस पूरे मामले में कांग्रेस निशा के साथ खड़ी रही।