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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'राजस्थान में अपनाया जाएगा बिहार सरकार का मॉडल', CM गहलोत बोले- हम जातीय सर्वे कराएंगे

    By Jagran NewsEdited By: Anurag Gupta
    Updated: Sat, 07 Oct 2023 11:20 PM (IST)

    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब प्रदेश में जातीय सर्वे करवाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि हम सर्वे करवाएंगे। इसके आदेश जल्द हो जाएंगे। गहलोत ने कहा कि ...और पढ़ें

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. राजस्थान में परिवारों का सर्वे होगा: अशोक गहलोत
    2. सर्वे में समय लगता है, बिहार में लगे डेढ़ साल: मुख्यमंत्री

    जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने अब प्रदेश में जातीय सर्वे करवाने की बात कही है। इससे पहले नौ अगस्त को उन्होंने बांसवाड़ा जिले के मानगढ़ में एक जनसभा में जातीय गणना करवाने की बात कही थी।

    शुक्रवार को जयपुर में हुई प्रदेश कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी जातीय गणना करवाने की बात कही थी, लेकिन शनिवार को गहलोत ने जातीय सर्वे करवाने की बात कही है।

    क्या कुछ बोले अशोक गहलोत?

    मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम सर्वे करवाएंगे। इसके आदेश जल्द हो जाएंगे। गहलोत ने कहा कि सर्वे होगा, क्योंकि जनगणना तो केंद्र सरकार करवा सकती है। परिवारों का सर्वे होगा, जिससे आर्थिक स्थिति के बारे में पता चल जाएगा। यह कांग्रेस का वादा है कि हम इसको आगे बढ़ाएंगे।

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    विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण जातीय सर्वे के काम में व्यवधान आने के सवाल पर गहलोत ने कहा कि निर्णय शीघ्र हो जाएगा। उसके बाद आचार संहिता लागू होती है तो भी इसमें कोई परेशानी नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय में बहस हो चुकी है। बिहार सरकार के पक्ष में फैसला आया है। बिहार सरकार का मॉडल ही राजस्थान में अपनाया जाएगा।

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    सीएम ने कहा कि सर्वे में समय लगता है। बिहार में भी डेढ़ साल लगे थे। हम चाहेंगे कि प्रत्येक परिवार की आर्थिक स्थिति का पता लग सके, जिससे भविष्य में बनने वाली योजनाओं का फायदा आवश्यकता वाले लोगों को मिल सके। देश में सामाजिक सुरक्षा कानून लागू होना चाहिए, लेकिन सामाजिक सुरक्षा किसे मिले, इसके लिए प्रत्येक परिवार का सर्वे होना आवश्यक है।

    गहलोत पर बरसे राज्यवर्धन सिंह राठौड़

    उधर, भाजपा प्रवक्ता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने जयपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि गहलोत राजस्थान में जातीय सर्वे करवाने की बात कह रहे हैं। वह ऐसा कब करेंगे, शायद दो दिन में तो चुनाव आचार संहिता लागू हो सकती है। शिवसेना (शिंदे ) के राजस्थान प्रभारी चंद्रराज सिंघवी ने एक बयान में कहा कि जातीय सर्वे की घोषणा कर गहलोत विधानसभा चुनाव में राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं, लेकिन उन्हें जनता पूरी तरह से पहचानती है।

    खेड़ा ने कहा,

    कांग्रेस शासित राज्यों में होगा जातीय सर्वेकांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शनिवार को उदयपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पछले दिनों छत्तीसगढ़ कहा था कि कांग्रेस शासित राज्यों में जातीय सर्वे करवाया जाएगा। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अप्रैल में कहा था कि जात आधारित सर्वेक्षण होना चाहिए। ऐसे में कांग्रेस शासित राज्यों में जातीय सर्वे होगा।

    जातीय वोट बैंक साधने को आठ नए बोर्ड

    राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जातीय वोट बैंक को कांग्रेस के पक्ष में लुभाने को लेकर पूरी कोशिश कर रहे हैं। इसके तहत उन्होंने शनिवार को जातीय आधार पर आठ बोर्ड गठित किए हैं। इनमें अध्यक्षों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया जाएगा।

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    पांच साल के कार्यकाल में गहलोत जातीय आधार पर अबतक एक दर्जन बोर्ड गठित कर चुके हैं। ये बोर्ड गठित सीएम ने राज्य मेघवाल कल्याण बोर्ड, राज्य पुजारी बोर्ड, राज्य वाल्मीकि कल्याण बोर्ड, राज्य राजा बली कल्याण बोर्ड, राज्य केवट कल्याण (मां पूरी बाई कीर) बोर्ड, राज्य जाटव कल्याण बोर्ड, राज्य धाणका कल्याण बोर्ड और राज्य चित्रगुप्त कायस्थ कल्याण बोर्ड गठित करने के आदेश जारी किए हैं। इससे पहले कांग्रेस सरकार ने विप्र कल्याण बोर्ड,अग्रसेन कल्याण बोर्ड, देवनारायण कल्याण बोर्ड एवं महात्मा ज्योतिबा फुले कल्याण बोर्ड बनाए थे।