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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Rajasthan Polls 2023: जयपुर की सात सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर, दोनों ही पार्टियों को भीतरघात का डर

    By Jagran NewsEdited By: Devshanker Chovdhary
    Updated: Wed, 15 Nov 2023 09:36 PM (IST)

    Rajasthan Polls 2023 राजस्थान की राजधानी जयपुर की नौ विधानसभा सीटों में से सात सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर नजर आ रही है। दो सीटों ...और पढ़ें

    पढ़ें जयपुर में क्या है सीटों का गणित? (फाइल फोटो)
    पढ़ें जयपुर में क्या है सीटों का गणित? (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर की नौ विधानसभा सीटों में से सात सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर नजर आ रही है। दो सीटों पर भाजपा की स्थिति मजबूत है। मतदान से 10 दिन पहले चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। दोनों ही पार्टियों को लगभग सभी सीटों पर भीतरघात का डर सता रहा है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने नौ में से छह सीटों पर कब्जा किया था। वहीं, तीन सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। लेकिन अब यह प्रदर्शन वापस दोहराना मुश्किल नजर आ रहा है।

    भाजपा को पीएम के रोड शो से उम्मीद

    चुनावी समीकरणों के हिसाब से जयपुर की विधाधर नगर और झोटवाड़ा सीटों पर भाजपा मजबूत स्थिति में है। वहीं, हवामहल, किशनपोल, आदर्श नगर, सिविल लाइंस, मालवीय नगर, बगरू व सांगानेर में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर नजर आ रही है। इन सीटों पर दोनों ही पार्टियों में घोषित प्रत्याशियों के प्रति कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।

    ऐसे में भीतरघात का खतरा भी बढ़ा हुआ है। हालांकि, दोनों ही पार्टियों के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने में जुटे हैं। चुनाव में भाजपा हिंदुत्व के मुददे पर फोकस कर रही है। भाजपा की कोशिश हिंदू वोटों को अपने पक्ष में लामबंद करने की है। भाजपा को 22 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जयपुर में होने वाले रोड़ शो के बाद स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मोर्चा संभाल लिया है।

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    क्या है सीटों का गणित?

    सिविल लाइंस सीट पर भाजपा ने पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी का टिकट काटकर गोपाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस से उनका मुकाबला गहलोत सरकार के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास से है। खाचरियावास को पांच साल में किए गए कार्यों के भरोसे जीत की उम्मीद है। वहीं, शर्मा को ब्राह्मण वोटों पर भरोसा है। शहर में सबसे अधिक ब्राह्मण वोट इसी विधानसभा क्षेत्र में है।

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    आदर्श नगर में भाजपा ने पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी का टिकट काटकर रवि नैय्यर को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने विधायक रफीक खान को फिर टिकट दिया है। जयपुर में सबसे अधिक मुस्लिम मतदाता इसी विधानसभा क्षेत्र में है। झोटवाड़ा सीट पर कांग्रेस ने अर्भिषेक चौधरी और भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को टिकट दिया है। यहां निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में आशुसिंह चुनाव लड़ रहे हैं। राठौड़ की स्थिति यहां मजबूत नजर आ रही है।

    विधाधर नगर में कांग्रेस ने सीताराम अग्रवाल और भाजपा ने सांसद दीया कुमारी को टिकट दिया है। इस सीट पर दीया कुमारी की स्थिति मजबूत नजर आ रही है। किशनपोल सीट पर कांग्रेस ने विधायक अमीन कागजी को फिर प्रत्याशी बनाया है। वहीं, भाजपा ने संघ के स्वयंसेवक चंद्रमोहन बटवाड़ा को टिकट दिया है। बटवाड़ा का भाजपा के नेता व कार्यकर्ता ही विरोध कर रहे हैं। यहां कांटे की टक्कर नजर आ रही है।

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    हवामहल सीट पर कांग्रेस ने सामान्य कार्यकर्ता आरआर तिवाड़ी और भाजपा ने बालमुकुंदाचार्य को प्रत्याशी बनाया है। तिवाड़ी को आम आदमी की छवि का फायदा हो रहा है। वहीं, बालमुकुंदाचार्य को हिंदूवादी छवि का लाभ मिल रहा है। कांग्रेस ने हवामहल के वर्तमान विधायक महेश जोशी का टिकट काटा है।

    सांगानेर में कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पेंद्र भारद्वाज और भाजपा के भजनलाल शर्मा के बीच मुकाबला है। भाजपा ने इस सीट पर वर्तमान विधायक अशोक लाहोटी का टिकट काटा है। बगरू में कांग्रेस विधायक गंगादेवी व भाजपा प्रत्याशी कैलाश वर्मा के बीच कड़ी टक्कर है। मालवीय नगर में भाजपा के कालीचरण सराफ व कांग्रेस की अर्चना शर्मा के बीच कांटे की टक्कर है।