बूथ-बूथ मॉनिटरिंग करती दिखीं ममता बनर्जी, चुनाव आयोग और पुलिस पर्यवेक्षकों पर लगाया आरोप
मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी, जो अमूमन मतदान के दिन दोपहर तक अपने कालीघाट स्थित आवास से ही पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करती थीं ...और पढ़ें

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और पुलिस पर्यवेक्षकों पर लगाया आरोप (एएनआई)
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ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और पुलिस पर्यवेक्षकों पर लगाया आरोप
ममता को कभी मतदान के शुरुआती घंटों में इस तरह बूथ-बूथ घूमते नहीं देखा गया
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की राजनीति के केंद्र बिंदु भवानीपुर में बुधवार को लोकतंत्र के पर्व के बीच एक ऐसा दृश्य दिखा, जो पिछले दो दशकों की राजनीति में नहीं दिखा था।
मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी, जो अमूमन मतदान के दिन दोपहर तक अपने कालीघाट स्थित आवास से ही पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करती थीं, इस बार सुबह सात बजे ही सड़क पर उतर गईं। 15 साल के शासनकाल और उससे पहले विपक्ष में रहने के दौरान भी ममता को कभी मतदान के शुरुआती घंटों में इस तरह बूथ-बूथ घूमते नहीं देखा गया।
सुबह निकलने के सियासी मायने
ममना बनर्जी का सुबह-सुबह इलाकों में खुद पहुंचना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे एक ओर जहां उनकी सक्रियता और ‘भवानीपुर की बेटी’ के रूप में खुद को पेश करने की कोशिश माना जा रहा है।
वहीं, विरोधी इसे उनकी घबराहट और हार के भय से जोड़ रहे हैं। भाजपा उम्मीदवार और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता की इस सक्रियता पर तीखा कटाक्ष करते हुए तंज कसा-‘ठेले में न पड़े तो बिल्ली पेड़ पर नहीं चढ़ती।’ सुवेंदु का इशारा साफ था कि ममता को इस बार हार का डर सता रहा है, इसलिए उन्हें जमीन पर उतरना पड़ा।
अधिकारी-बनर्जी का ‘फेस-ऑफ’
भवानीपुर की सड़कों पर एक वक्त ऐसा भी आया जब चुनावी प्रतिद्वंद्वी ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी महज 50 मीटर के फासले पर थे।
इस दौरान दोनों के बीच न तो कोई बात हुई और न ही किसी तरह का सौजन्य विनिमय हुआ। जहां ममता बूथों के बाहर कार्यकर्ताओं से संवाद कर रही थीं, वहीं सुवेंदु ‘बाहरी तत्वों’ को पकड़ने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ दौड़ते नजर आए।
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मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बाहरी राज्यों से आए पर्यवेक्षक भाजपा के निर्देश पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा-‘मैं और अभिषेक रात भर जागे रहे। केंद्रीय बल आधी रात को फिरहाद हकीम के घर पहुंच गए, जिससे महिलाएं आतंकित हो गईं। हमारे कार्यकर्ताओं को बेवजह गिरफ्तार किया जा रहा है।’ दोपहर में जैसे ही सुवेंदु अधिकारी का काफिला कालीघाट के पटुयापाड़ा इलाके में पहुंचा, स्थिति तनावपूर्ण हो गई।