'OTT नहीं होता तो...', 12th फेल से चमके अंशुमान पुष्कर, डेल्ही क्राइम 3 में कम सीन मिलने पर क्या कहा?
राधिका आप्टे की हालिया रिलीज फिल्म साली मोहब्बत (Saali Mohabbat) में नजर आए एक्टर अंशुमान पुष्कर (Anshumaan Pushkar) ने इंडस्ट्री में संघर्ष और ओटीटी ...और पढ़ें

अंशुमान पुष्कर का संघर्ष से भरा रहा करियर। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम
HighLights
अंशुमान पुष्कर जामताड़ा सीरीज में आ चुके हैं नजर
बड़ी बॉलीवुड फिल्मों का भी हिस्सा रहे अंशुमान पुष्कर
टीवी सीरियल्स के लिए ऑडिशन दे चुके अंशुमान पुष्कर
स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई। MBA करके अभिनय में आए अंशुमान पुष्कर (Anshumaan Pushkar) किरदार की लंबाई को अहमियत नहीं देते। वह खुश हैं कि निर्माता उन्हें अलग-अलग भूमिकाओं में ले रहे हैं। बीते साल ‘मालिक’, ‘डेल्ही क्राइम 3’ में नजर आए अंशुमान के कई प्रोजेक्ट कतार में हैं। दैनिक जागरण के साथ बातचीत में उन्होंने अपने करियर और प्रोजेक्ट के चुनाव पर बात की है।
गुजरे साल की किन चीजों को अपने पास रखना चाहेंगे?
मैं सब साथ लेकर चलता हूं। जिंदगी के किसी भी पल या पहलू को पीछे छोड़ना नहीं चाहता। पिछले साल की खास बातों का जिक्र करें, तो हां, ‘ट्वेल्थ फेल’ (12th Fail Movie) के बाद थिएटर में मेरी फिल्म (मालिक) का प्रदर्शित होना खूबसूरत एहसास रहा।
इस साल कौन से प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित होने की कतार में हैं?
तीन–चार प्रोजेक्ट्स हैं। वेब सीरीज ‘अक्का’ नेटफ्लिक्स पर आ रही है। जियो हाटस्टार पर ‘हजामत’ नाम का शो है, जो प्यारी और सरल कहानी है। इसके अलावा मैंने टीवीएफ के साथ भी एक प्रोजेक्ट किया है।
ग्रे शेड वाले पात्र आपको भा रहे हैं...
मैं हर तरह के रोल करना चाहता हूं। अभी मेरा करियर शुरुआती दौर में है, इसलिए मैं ये नहीं सोच रहा कि किस दिशा में जा रहा हूं। एक अभिनेता के तौर पर आप हर चीज एक्सप्लोर करना चाहते हैं। मुझे खुशी है कि मैंने ‘ट्वेल्थ फेल’ में बहुत पॉजिटिव रोल किया, फिर ‘जामताड़ा: सबका नंबर आएगा’ में ग्रे किरदार निभाया। अच्छा लगता है कि एक जैसे रोल में फंसा नहीं हूं और मुझे अलग-अलग तरीकों से परखा जा रहा है। दर्शकों का प्यार बताता है कि मैं ठीक कर रहा हूं।
जिंदगी का कौन सा दौर था, जिसने सबसे ज्यादा परीक्षा ली?
जब मैंने पहली बार गंभीरता से एक्टिंग के बारे में सोचा और इस इंडस्ट्री में आया, तब कई ऐसे पल थे जब मैं टूट गया था। वो कठिन दौर होता है, क्योंकि पैसे की कमी थी। एमबीए करने के बाद तीन-चार साल ऐसे थे, जब मेरे दोस्त अच्छी कमाई कर रहे थे और मैं किराया देने के लिए भी संघर्ष कर रहा था। वो एक तरह का खालीपन पैदा करता है। मुश्किल पल आपको एक अलग तरह से तैयार करते हैं। अगर आप उन मुश्किल समय में टिके रहते हैं, तो वही आपकी जिंदगी के सबक बन जाते हैं।
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‘डेल्ही क्राइम 3’ में आपका रोल ‘ट्वेल्थ फेल’ के मुकाबले छोटा था। क्या किरदार की लंबाई आपके लिए मायने नहीं रखती है?
बतौर अभिनेता आप पात्र को जीना चाहते हैं। अगर मैं उसकी लंबाई के बारे में सोचने लगूंगा, तो अटक जाऊंगा। ‘डेल्ही क्राइम’ के तीसरे सीजन में मैंने बिल्कुल अलग किरदार किया। भले ही रोल छोटा था, लेकिन दर्शकों ने पसंद किया। मेरे लिए पात्र मायने रखता है, लंबाई नहीं। मैं थिएटर से आया हूं और जानता हूं कि एक दमदार सीन भी आपको यादगार बना सकता है। बात लंबाई की नहीं, असर की है।
ओटीटी प्लेटफार्म्स ने आपको अपनी जगह बनाने में मदद की?
अगर ओटीटी नहीं होता, तो मुझे नहीं पता मैं कहां होता, क्योंकि मैंने बहुत सारे टीवी सीरियल्स के लिए ऑडिशन दिए और कोई अच्छा रोल नहीं मिला। फिल्में तो बहुत दूर का सपना लगती थीं। ओटीटी ने बहुत से कलाकारों को पहचान दी। ये बदलाव मेरे और इंडस्ट्री दोनों के लिए बहुत बड़ा था।