यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
20 years Of Lakshya: असली फौजियों के साथ हुई 'लक्ष्य' की शूटिंग, ऋतिक रोशन से पहले इस एक्टर को ऑफर हुई थी फिल्म
ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) अमिताभ बच्चन और प्रीति जिंटा स्टारर फिल्म लक्ष्य को रिलीज हुए 20 साल (20 years of Lakshya) होने वाले हैं। यह मूवी 2004 में ...और पढ़ें

HighLights
- साल 2004 में रिलीज हुई थी लक्ष्य
- ऋतिक संग नजर आई थीं प्रीति जिंटा
- जानें फिल्म से जुड़े दिलचस्प किस्से
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 20 years of Lakshya: साल 2004 में रिलीज हुई ऋतिक रोशन, प्रीति जिंटा और अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म 'लक्ष्य' को रिलीज हुए कल यानी 21 जून को 20 साल पूरे होने वाले हैं। इस फिल्म का निर्देशन फराहन अख्तर ने किया था। हालांकि, मूवी उस समय बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी, लेकिन इसके गाने हिट हुए थे।
आज भी कई लोगों की जुबान पर 'लक्ष्य' के गाने सुनने को मिल जाते हैं। ऋतिक रोशन स्टारर यह फिल्म भले ही सिनेमाघरों में असफल रही हो, लेकिन इससे जुड़े कई दिलचस्प किस्से हैं। इस मूवी को देखने के बाद कई लोगों ने सेना में जाने का फैसला किया था। चलिए जानते हैं इसके दिलचस्प किस्सों के बारे में।
यह भी पढ़ें: Shah Rukh Khan की 'मैं हूं ना' के लिए ऋतिक रोशन थे पहली पसंद, फराह खान ने बताया क्यों ठुकराई फिल्म
क्या थी लक्ष्य की कहानी
इस मूवी में देखने को मिला था कि कैसे करण शेरगिल (ऋतिक रोशन) नाम के एक शख्स की लाइफ में कोई लक्ष्य नहीं होता, लेकिन वह बाद में सेना में भर्ती हो जाता है और युद्ध नायक बनकर उभरता है। वहीं, प्रीति जिंटा ने इसमें रिपोर्टर का किरदार निभाया था।

(Photo Credit: Imdb)
बेहद मुश्किल थी फिल्म की शूटिंग
इस मूवी की शूटिंग करना फरहान के लिए आसान काम नहीं था। उन्होंने लगभग माइनस 8-9 डिग्री तापमान में लद्दाख में तंगलांगला दर्रे से 17582 फीट ऊपर इसकी शूटिंग की थी।
असली फौजी बने थे फिल्म का हिस्सा
फिल्म में सेना को दिखाया गया है। ऐसे में फरहान ने इसमें असली फौजियों के साथ भी शूटिंग की है। आईएमडीबी की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म में सेना के कई फौजियों का किरदार 13वीं बटालियन पंजाब रेजिमेंट के असली सैनिकों द्वारा निभाई गई थीं।
खबरें और भी

(Photo Credit: Imdb)
इसके साथ ही आईएमए में ड्रिल इंस्ट्रक्टर सूबेदार श्रीवर्धन सच में एक रियल इंस्ट्रक्टर रहे हैं, जिन्होंने भारतीय सेना की सबसे सीनियर/इलाइट इन्फेंट्री यूनिट: ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स में सेवा की है।
14 साल बाद की थी स्क्रिप्ट राइटिंग
इस फिल्म के साथ जावेद अख्तर 14 साल बाद लेखन में फिर से लौटे थे। इससे पहले उन्होंने 1989 में आई फिल्म 'मैं आजाद हूं' की कहानी लिखी थी। फिल्म से जुड़ा एक किस्सा शेयर करते हुए फरहान ने रणवीर इलाहाबादिया के इंटरव्यू में बताया था कि जब मेरे पिता इसकी कहानी लिख रहे थे उस समय उनकी बात सेना के एक सीनियर ऑफिसर से हो रही थी।
उस दौरान उस शख्स ने कहा कि आप हर समय इसके बाद में पढ़ते हैं। हर कोई इंडियन आर्मी का गुणगान करता है, लेकिन बाद हर साल सेना में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या घटती जा रही है। इसके आगे उन्होंने कहा कि 2004 में मूवी रिलीज हुई और 2017 में मैं IMA (इंडियन मिलिट्री एकेडमी) गया था।

(Photo Credit: Imdb)
उस समय वहां के अधिकारी ने मुझसे कहा कि मैं आपको कुछ दिखाता हूं और फिर उन्होंने माइक पकड़ा और वहां बैठे कैडेट्स से पूछा कि आप में से कितने ऐसे हैं, जो लक्ष्य देखने के बाद यहां आए हैं और उस समय उनमें से 70 प्रतिशत लोगों ने अपने हाथ खड़े किए।
ऋतिक नहीं थे पहली पसंद
'लक्ष्य' के लिए मेकर्स की पहली पसंद ऋतिक नहीं थे, उनसे पहले लीड रोल के लिए आमिर को लिया जाने वाला था, लेकिन एक्टर ने मंगल पांडे की वजह से इस मूवी को मना कर दिया था।