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    जब अमिताभ बच्चन ने Vinod Khanna से छीन लिया था लीड रोल, डैनी डेंजोंगप्पा को भी देनी पड़ी थी बड़ी कुर्बानी

    Updated: Tue, 16 Sep 2025 01:08 PM (GMT+05:30)

    Amitabh Bachchan को हिंदी सिनेमा का महानायक कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 70 के दशक में एक ऐसी ब्लॉकबस्टर मूवी आई थी जिसमें बिग बी ने विनोद ...और पढ़ें

    अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना (फोटो क्रेडिट- फेसबुक)
    अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना (फोटो क्रेडिट- फेसबुक)

    HighLights

    1. विनोद खन्ना पहले निभाने वाले थे लीड रोल।
    2. अमिताभ बच्चन के करियर की ब्लॉकस्टर फिल्म।
    3. डैनी डेंजोंगप्पा को चुकानी पड़ी थी भारी कीमत।

     एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। Sholay की ऐतिहासिक सफलता के बाद अभिनेता अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) को हिंदी सिनेमा में काफी लोकप्रियता मिली। लेकिन 1975 में आई इस ऑलटाइम ब्लॉकबस्टर के बावजूद बिग बी को बड़ी फिल्में मिलने में समस्या हो रही थी। निर्देशक ओम प्रकाश मेहरा संग उनकी काफी अच्छी बनती थी और उनकी कई फिल्मों में अमिताभ ने लीड रोल निभाया। 

    लेकिन एक फिल्म ऐसी थी, जिसमें विनोद खन्ना (Vinod Khanna) लीड रोल के लिए फाइनल किए गए थे, लेकिन देखते ही देखते वह सपोर्टिंग एक्टर बनकर रह और अमिताभ बच्चन के हाथ लीड रोल लग गया। इस फिल्म के चलते एक्टर डैनी डेंजोंगप्पा (Danny Denzongpa) को भी कुर्बानी देनी पड़ी थी। आइए जानते है कि पूरा किस्सा क्या था।

    इस फिल्म में विनोद खन्ना लीड से बने साइड हीरो

    दरअसल ओम प्रकाश मेहरा के एक रिश्तेदार 70 के दशक में एक फिल्म बनाना चाह रहे थे, जिसका नाम खून पसीना (Khoon Pasina) था। इस फिल्म के निर्देशन की कमान राकेश कुमार को सौंपी गई थी, जो उस वक्त ओम प्रकाश मेहरा के अस्सिटेंट डायरेक्टर हुआ करते थे। राकेश ने फिल्म की कहानी लिखी और लीड रोल के लिए उन्होंने विनोद खन्ना का नाम फाइनल किया और सेकेंड लीड के लिए उन्होंने डैनी डेंजोंगप्पा का नाम तय किया। 

    फोटो क्रेडिट- फेसबुक

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    ओल्ड इज गोल्ड फिल्म्स इंस्टाग्राम पेज की जानकारी के मुताबिक जब राकेश ने खून पसीना की कहानी ओम प्रकाश मेहरा को सुनाया तो उन्होंने कहा कि मैं भी इस फिल्म को प्रोड्यूस करूंगा, लेकिन तुमको लीड रोल में अमिताभ बच्चन को कास्ट करना पड़ेगा। क्योंकि अमिताभ और ओम प्रकाश मेहरा काफी अच्छे दोस्त हुआ करते थे।

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    फोटो क्रेडिट- फेसबुक

    ये सुनकर राकेश कुमार हैरान हो गए, क्योंकि वह विनोद खन्ना को पहले ही इसके बारे में बता चुके थे और अपने दोस्त से लीड रोल छीनकर किसी और को देने के लिए राकेश काफी परेशान थे। वह असमंजस में पड़ गए थे कि कैसे विनोद को सपोर्टिंग रोल के लिए मनाया जाए और डैनी डेंजोंगप्पा को मना किया जाए।

    चमक गया था अमिताभ का करियर

    लेकिन विनोद ने अपनी दोस्ती की खातिर खून पसीना में सेकेंड लीड रोल प्ले किया। जबकि अमिताभ की एंट्री के बाद अभिनेता डैनी को इससे बाहर कर दिया गया था। 1977 में रिलीज हुई खून पसीना फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई है और इससे बतौर एक्टर अमिताभ बच्चन के करियर को काफी फायदा हुआ था। 

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