यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
AR Rahman Birthday: लता मंगेशकर के साथ एआर रहमान का पहला गाना इस शर्त पर हुआ था रिकॉर्ड, दिलचस्प है यह किस्सा
AR Rahman Birthday साउथ और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को कई सुपरहिट सॉन्ग्स देने वाले एआर रहमान का कला के क्षेत्र में काफी सम्मान है। फिल्म इंडस्ट्री में उ ...और पढ़ें

HighLights
- फिल्म इंडस्ट्री में एआर रहमान का रहा है अहम योगदान
- एआर रहमान के कंपोज किए गाने हैं आज भी मशहूर
- लता मंगेशकर के लिए म्यूजिक कंपोज का दिलचस्प है किस्सा
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सुरीली आवाज में गाने गाकर और उन्हीं गानों की मंत्रमुग्ध करने वाली धुन बनाने के लिए मशहूर सिंगर-कंपोजर एआर रहमान (AR Rahman) किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। कड़ी मेहनत और लीक से हटकर काम करने के लिए मशहूर एआर रहमान को साउथ इंडस्ट्री के साथ ही हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी काफी सम्मान मिला है। आज इस दिग्गज सिंगर का 57वां जन्मदिन है। उनके स्पेशल डे पर हम आपको उनके गानों से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा बताएंगे।
सुरों के सरताज हैं एआर रहमान
एआर रहमान ने ग्लैमर इंडस्ट्री को और सिंगर्स से अलग कई बेहतरीन धुनों वाले गाने दिए हैं। करीब तीन दशक से भी ज्यादा के लंबे करियर में इस म्यूजिक मास्ट्रो ने ढेर सारे अवॉर्ड्स भी अपने नाम किए। एआर रहमान को यूं ही सुरों का सरताज और संगीत का जादूगर नहीं कहा जाता। इसके पीछे उनकी हार्ड कोर मेहनत और संगीत के प्रति कभी न खत्म होने वाला प्यार छुपा है। उनका म्यूजिक पूरी दुनिया में मशहूर है।

लता मंगेशकर ने रख दी थी शर्त
रहमान ने 1995 में आई आमिर खान और उर्मिला मातोंडकर की 'रंगीला' से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू किया था। पहली ही फिल्म से उन्होंने सिनेमा की इस दुनिया में अपनी धाक जमा ली थी। फिर एक वक्त आया, जब उन्हें 'स्वरकोकिला' लता मंगेशकर के लिए म्यूजिक कंपोज करने का मौका मिला। यह मौका था 1998 में आई मणिरत्नम की फिल्म 'दिल से' के 'जिया जले' के लिए म्यूजिक देने का। फिल्म का ये गाना आज भी फेमस है। हालांकि, इसके लिए लता मंगेशकर ने एआर रहमान के लिए एक शर्त रख दी थी।
दरअसल, रहमान बचपन से ही लता मंगेशकर के फैन थे। बल्कि वे खुद को उनका भक्त मानते थे। उनके घर में 'स्वरकोकिला' का बड़ा सा पोस्टर लगा होता था, जिसे रोज नमन कर उनके पिता अपने दिन की शुरुआत करते थे। ऐसे में जब एआर रहमान को उनके लिए म्यूजिक कंपोज करने का मौका मिला, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मगर समस्या ये थी कि एआर रहमान चेन्नई में ही गाने रिकॉर्ड किया करते थे।
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एआर रहमान ने की थी सेटिंग
लता मंगेशकर को जब ये बात पता चली, तो उन्होंने उन्हें तकलीफ न देते हुए खुद ही चेन्नई जाने का फैसला किया। इसी के साथ उन्होंने एक शर्त भी रखी। शर्त ये थी कि वो गाना सिर्फ गुलजार साहब की मौजूदगी में ही रिकॉर्ड करेंगी। वह गुलजार को भाई जैसा मानती थीं। जब वह चेन्नई पहुंचीं, तो रिकॉर्डिंग रूम देखकर हैरान हो गईं। वहां उन्हें अकेले ही गाना था। जब उन्होंने अकेले गाने पर आपत्ति जताई, तब एआर रहमान ने सेटिंग ऐसी की कि वह गाना गा रही हों और गुलजार उनके सामने खड़े हैं। इससे उन्हें ये लगे कि वह किसी के लिए तो गा रही हैं।
लता मंगेशकर की खूबसूरत आवाज और एआर रहमान के सुरों से सजा 'जिया जले' गाना आज भी हिट चार्टबस्टर्स की लिस्ट में शुमार है। न सिर्फ ये एक सॉन्ग, बल्कि सभी गानों को पसंद किया गया। फिल्म का रोमांटिक ट्रैक- 'दिल से' एआर रहमान ने गाया था।
इन सुपरहिट गानों को भी किया है कंपोज
एआर रहमान के कंपोज किए गाने सुपरहिट सॉन्ग्स की लिस्ट में शुमार हैं। मानो संगीत की दुनिया इनके बिना अधूरी सी है। इसी कड़ी में एक नजर डालेंगे इस टैलेंटेड सिंगर के कंपोज किए बाकी गानों पर।
तू ही रे
1995 में रिलीज हुई 'बॉम्बे' फिल्म का ये गाना आज भी सॉन्ग लिस्टनर्स का फेवरेट माना जाता है।
ये हसीं वादियां
90 के दशक की फिल्म 'रोजा' में 'ये हसीं वादियां, ये खुला आसमान' सिंगर चित्रा और एसपी बालासुब्रमन्यम ने गाया था।
छैया-छैया
'छैया-छैया' गाने के आगे आज भी कई गानों की चमक फीकी नजर आती है। यह इंडियन पॉप-लोक सॉन्ग है। सूफी संगीत और उर्दू कविता पर आधारित इस गाने को सुखविंदर और सपना अवस्थी ने गाया है।
कुन फाया कुन
'कुन फाया कुन' एआर रहमान के कंपोज किए बेहतरीन गानों में से एक है। यह 2011 की फिल्म रॉकस्टार का गाना है।
रंग दे बसंती
2009 में रिलीज हुई 'रंग दे बसंती' का टाइटल ट्रैक इसी नाम से दिलेर मेहंदी की आवाज में रिलीज हुआ था।
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