Asha Bhosle के निधन की कवरेज पर पाकिस्तान में बवाल, न्यूज चैनल को इस कारण थमाया गया नोटिस!
आशा भोसले के निधन की कवरेज करना एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल को काफी महंगा पड़ गया है। उन्हें PEMRA की तरफ से नोटिस भेजा गया, जिसमें 14 दिन के अंदर उनसे जव ...और पढ़ें
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आशा भोसले के निधन की कवरेज के लिए पाकिस्तानी न्यूज चैनल को मिला नोटिस/ फोटो- Instagram

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले (Asha Bhosle) के निधन पर जहां पूरी दुनिया शोक मना रही है, वहीं पाकिस्तान में उन्हें श्रद्धांजलि देने पर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
पाकिस्तान में मीडिया की निगरानी करने वाली संस्था PEMRA (पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी) ने अपने देश के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया है। क्या है यह पूरा मामला, नीचे पढ़ें डिटेल्स
आशा भोसले के निधन की कवरेज पर क्यों भेजा नोटिस?
साल 2019 में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद, पाकिस्तान ने अपने यहां भारतीय फिल्मों और कंटेंट के प्रसारण पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, PEMRA ने जियो न्यूज को नोटिस भेजकर पूछा है कि उन्होंने आशा भोसले के निधन की कवरेज के दौरान भारतीय गानों और उनके विजुअल्स का इस्तेमाल क्यों किया? अथॉरिटी का कहना है कि यह पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का सीधा उल्लंघन है, जिसमें भारतीय कंटेंट के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई थी।
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मैनेजिंग डायरेक्टर अजहर अब्बास ने दिया करारा जवाब
'कारण बताओ' नोटिस के बाद पाकिस्तान के चैनल 'जियो न्यूज' के मैनेजिंग डायरेक्टर अजहर अब्बास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर PEMRA को करारा जवाब दिया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा,
"जब भी हम किसी महान कलाकार के बारे में खबर दिखाते हैं, तो उनके काम का सम्मान करना हमारी परंपरा रही है। सच कहूं तो, आशा भोसले जैसी महान कलाकार के कद को देखते हुए हमें और भी ज्यादा गाने दिखाने चाहिए थे। फिर भी, पाकिस्तानी मीडिया रेगुलेटर ने इस पर रोक लगाने का फैसला लिया है।"
अजहर अब्बास ने कला को देशों की सीमाओं में बांधने पर सवाल उठाते हुए आगे लिखा, "आशा भोसले खुद पाकिस्तान की दिग्गज सिंगर नूर जहां की बहुत बड़ी प्रशंसक रही थीं और प्यार से उन्हें अपनी बड़ी बहन कहती थीं। उन्होंने नुसरत फतेह अली खान जैसे दिग्गज सिंगर्स के साथ काम किया था। युद्ध और तनाव के समय में कला और कलाकारों को राजनीति में नहीं घसीटना चाहिए। संगीतकार और कलाकार ही वो लोग होते हैं, जो नफरत के खिलाफ एकजुट होते हैं और दूरियों को मिटाकर लोगों को करीब लाते हैं।"
लाइसेंस रद्द करने की दी गई चेतावनी
पाकिस्तानी मीडिया रेगुलेटर (PEMRA) ने इस 'कारण बताओ' नोटिस में साल 2015 की आचार संहिता और प्रसारण नियमों के उल्लंघन का हवाला दिया है। अथॉरिटी ने जियो न्यूज की मालिकाना कंपनी 'मेसर्स इंडिपेंडेंट मीडिया कॉर्पोरेशन' के सीईओ को 14 दिनों के अंदर लिखित जवाब देने और 27 अप्रैल तक पेश होने का निर्देश दिया है। साथ ही, यह चेतावनी भी दी है कि अगर वे सही जवाब नहीं दे पाए, तो चैनल पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है या उनका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।