यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बॉलीवुड के सुपर डैड्स कैसे करते हैं वर्क लाइफ बैलेंस? पढ़िए कैसे निभाते हैं बच्चों की खास जिम्मेदारी
पिता रोटी कपड़ा और मकान है पिता नन्हे से परिंदे का बड़ा आसमान है। आज का दौर बच्चे की जिम्मेदारियां अलग-अलग नहीं बल्कि साथ मिलकर उठाने का है। फिल्म इंड ...और पढ़ें

मुंबई, प्रियंका सिंह। Bollywood Parenting: मेल पैरेंटिंग को लेकर हो रही बातों के बीच अब पितृत्व अवकाश लेकर नवजात शिशु की देखभाल करना खासा चर्चा में है। रणबीर कपूर, रणवीर सिंह, वरुण धवन, शाहिद कपूर समेत कई कलाकार हैं, जिन्होंने छुट्टी लेकर अपनी संतान का ध्यान रखा है। रणबीर तो आलिया भट्ट की डिलीवरी के दौरान एक सप्ताह तक अस्पताल में ही रुके थे। बेटी राहा के लिए उन्होंने मलयालम में लोरी सीख ली, क्योंकि राहा की देखभाल करने वाली महिला मलयालम में लोरी सुनाती थी।
वहीं रणवीर सिंह ने अपनी बेटी दुआ की देखभाल के लिए ब्रेक लिया। वरुण धवन कहते हैं, ‘भले ही नवजात का आना मां के लिए अलग अनुभव होता है, लेकिन पिता ज्यादा सतर्क हो जाते हैं, खासकर बेटियों के प्रति। मैंने तो अपनी बेटी के लिए लोरी भी खुद कंपोज की है, ताकि वह मेरी रचनात्मक साइड देख सके।’
बच्ची के जन्म के दौरान छुट्टी की जरूरत
अपनी फिल्म ‘मेट्रो... इन दिनों’ की शूटिंग कर रहे अली फजल पिछले साल ही बेटी के पिता बने हैं। वह कहते हैं, ‘बेटी के आने के बाद मेरा शेड्यूल अब उसके हिसाब से चलता है। मैं बार-बार समय देखता हूं कि मैं जल्दी से घर पहुंच जाऊं और सोने से पहले उसके साथ खेल सकूं। जहां तक बच्ची के जन्म के दौरान छुट्टी लेने की बात है, तो मैं प्रार्थना कर रहा था कि उस दौरान काम ही न आए और आए, तो मुंबई में ही हो। ऐसा ही हुआ, इसलिए मुझे शुरुआती कुछ महीने बेटी का पूरा ध्यान रखने का मौका मिला। कलाकार कई बार इसलिए ब्रेक ले पाते हैं, क्योंकि हमारे पास थोड़ी सी सहूलियत है।’
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'मन ही मन देता हूं धन्यवाद'
अभिनेता परितोष त्रिपाठी पिछले महीने ही बेटी के पिता बने हैं। उन्होंने बेटी के जन्म के एक सप्ताह पहले ही काम से छुट्टी ले ली थी। एक महीने से वह छुट्टी पर हैं और जुलाई से काम शुरू करेंगे। पिता की जिम्मेदारियां निभाने को लेकर परितोष कहते हैं, ‘इस वक्त जीवन में बेटी से महत्वपूर्ण कुछ नहीं है। अब काम से जुड़ी सारी मीटिंग्स घर के पास कर रहा हूं। मैं तो हर रोज अपनी पत्नी को मन ही मन धन्यवाद कहता हूं कि उनमें कितनी सहनशक्ति है।
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पैरेंटिंग अब पहले जैसी नहीं रही। जब मैं छोटा था, तब पिता बच्चों को इतना गोद में लेकर नहीं खिलाते थे। शहर का माहौल भी अलग होता है। बच्चे का डायपर बदलने की जिम्मेदारी केवल मां की नहीं है,यह पिता को भी आना चाहिए। जब मेरे पिता की नौकरी लगी थी, तो उन्होंने आर्थिक रूप से असमर्थ बच्चों की स्कूल की फीस भरने में मदद की थी। यह बातें मैं बेटी को जरूर बताऊंगा।’
सबसे मजेदार है पिता का किरदार
फिल्म ‘फाइटर’ के अभिनेता अक्षय ओबेराय के बेटे अव्यान आठ साल के हैं। उन्हें भले ही अपने बच्चे के जन्म के दौरान बाकी कलाकारों की तरह छुट्टी लेने का मौका नहीं मिला, लेकिन बेटे से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जिम्मेदारी निभाने में वह आगे रहते हैं। अक्षय कहते हैं, ‘पिता बनने के बाद मेरी प्राथमिकताएं बदल गई हैं। जिस दिन अव्यान पैदा हुए मैं खुद से ज्यादा उनके बारे में सोचने लगा। मेरे लिए बाकी अभिनेताओं की तरह छुट्टी लेकर बच्चे की देखभाल करने का विकल्प नहीं था।
उस वक्त मैं तीन वेब सीरीज की शूटिंग कर रहा था। खुश हूं मेल पैरेंटिंग को लेकर चर्चा हो रही है। मुझे पिता के रोल में सबसे ज्यादा मजा आता है। मुझे मनोज (बाजपेयी) सर ने कहा था कि फ्रेंडली फादर और फादर जो दोस्त है, उसमें अंतर होता है। मैं दोस्ताना किस्म का पिता हूं, दोस्त नहीं हूं। अपने पिता से मैं आज भी डरता हूं, लेकिन मेरी पैरेंटिंग का तरीका उनसे अलग है। मैं अव्यान को अपने पिता की यही बात सिखाना चाहता हूं कि खूब मेहनत करो।’