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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Teacher's Day 2023: ये हैं बॉलीवुड के असली टीचर, कोई पढ़ाता था अंग्रेजी तो किसी ने बनाये इंजीनियर

    By Jagran NewsEdited By: Rajshree Verma
    Updated: Mon, 04 Sep 2023 03:50 PM (IST)

    Teachers Day 2023 बॉलीवुड में आप कई कलाकारों को एक्टिंग करते हुए देखते हैं। इनमें से कुछ कलाकार ऐसे हैं जिन्होंने शायद अपनी पढ़ाई भी सही से पूरी नहीं क ...और पढ़ें

    बॉलीवुड के ये एक्टर असल जिंदगी में भी टीचर (Photo Credit: Instagram)
    बॉलीवुड के ये एक्टर असल जिंदगी में भी टीचर (Photo Credit: Instagram)

    HighLights

    1. बॉलीवुड के ये एक्टर रहे हैं असल जिंदगी में भी टीचर
    2. कादर खान इंजीनियरिंग में सिविल इंजीनियरिंग पढ़ाते थे
    3. अक्षय कुमार बच्चों को कुंग फू सिखाते थे

    नई दिल्ली, जेएनएन। सिनेमा एक ऐसी इंडस्ट्री है, जिसमें तमाम तरह के कलाकार मिलते हैं। कुछ ऐसे हैं, जिन्होंने स्कूली पढ़ाई ही पूरी नहीं की तो कुछ ऐसे भी हैं, जिन्होंने ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेएशन से लेकर प्रोफेशनल पढ़ाई तक की। इनमें कुछ ऐसे भी हैं, जिन्होंने खुद पढ़ने के साथ किसी स्कूल या कॉलेज में पढ़ाया।

    पढ़ाई का साथ अभिनय के बाद भी नहीं छूटा और कुछ सेलिब्रिटीज ने अभिनय क्लासेज के जरिए पढ़ाने का सिलसिला शुरू किया। टीचर्स डे के मौके पर ऐसे ही कलाकारों की बात, जो जिंदगी के किसी पड़ाव पर असली शिक्षक बने।

    बलराज साहनी

    बलराज साहनी को हिंदी सिनेमा का जीनियस एक्टर माना जाता है, साथ ही वो पढ़े-लिखे एक्टर्स में शामिल थे। फिल्मों में आने से पहले वो साहनी विश्वभारती विश्वविद्यालय में अंग्रेजी और हिंदी के टीचर थे। 1946 में उन्होंने इंसाफ के साथ अभिनय की पारी शुरू की थी। बलराज साहनी की ज्यादातर फिल्मों में सामाजिक विषयों को उठाया गया था। 'दो बीघा जमीन', 'काबुलीवाला', 'हकीकत', 'भाभी की चूड़ियां', 'नीलकमल', 'वक्त', 'हमराज' और 'गरम हवा' उनकी यादगार फिल्में हैं।

    Photo Credit: Mid Day

    कादर खान

    दिग्गज संवाद लेखक और अभिनेता कादर खान फिल्मों में आने से पहले मुंबई के भायखला इलाके में स्थित एमएच साबू सिद्दीकी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सिविल इंजीनियरिंग पढ़ाते थे। उन्होंने 1970 से 1975 के बीच अध्यापन किया था। उन्हें फिल्मों में लाने का श्रेय दिलीप कुमार को जाता है, जिन्होंने उस वक्त के कॉमेडी एक्टर आगा की सलाह पर कादर का नाटक ताश के पत्ते देखा और प्रभावित होकर फिल्म के लिए साइन कर लिया।

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    Photo Credit: Mid Day

    टॉम ऑल्टर

    टॉम ऑल्टर हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल हैं, जिन्हें फिल्मों में अंग्रेजों के किरदार निभाने के लिए जाना जाता था। हालांकि, टॉम एक दिग्गज थिएटर पर्सनैलिटी होने के साथ बेहतरीन अभिनेता थे। टॉम ने फिल्मों में आने से पहले हरियाणा के सेंट थॉमस स्कूल में शिक्षक के रूप में काम किया। वहीं, क्रिकेट की कोचिंग भी देते थे।

    अक्षय कुमार

    फिल्मों में आने से पहले अक्षय कुमार का भी टीचिंग से रिश्ता रहा है। अक्षय की फिल्मी यात्रा की शुरुआत मॉडलिंग से हुई थी। यह वो वक्त था, जब वो जीवन-यापन के लिए कुंग फू सिखाते थे। अक्षय का कैमरे से पहला परिचय भी कराटे इंस्ट्रक्टर के रूप में हुआ था। फिल्म थी 1987 में आयी 'आज'।

    Photo Credit: Instagram

    चंद्रचूड़ सिंह

    चंद्रचूड़ सिंह ने तेरे मेरे सपने फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया, जो अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के तहत निर्मित की गई थी। अभिनय में करियर बनाने से पहले चंद्रचूड़ दून स्कूल में संगीत शिक्षक थे।

    अनुपम खेर

    500 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके अनुपम खेर अभी भी सक्रिय हैं और निरंतर फिल्मों में नजर आ रहे हैं। अनुपम अभिनय के अलावा अपने एक्टिंग इंस्टीट्यूट में टीचिंग भी करते हैं।

    ऐसे और भी कलाकार हैं, जो किसी ना किसी तरह शिक्षण से जुड़े हैं। सुभाष घई मुंबई में इंस्टीट्यूट चलाते हैं, जिसमें अभिनय के साथ निर्देशन और फिल्म से जुड़े अन्य कोर्स पढ़ाये जाते हैं। नसीरुद्दीन शाह ने पुणे स्थित एफटीआईआई में अभिनय पढ़ाया है। रसिका दुग्गल उनकी स्टूडेंट रही थीं।

    Photo Credit: Instagram