'मुझे हीरो नहीं बनना,' Browm एक्टर जीशू सेनगुप्ता की दो टूक, इस फिल्म बड़ी फिल्म में आएंगे नजर
बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से लेकर हिंदी सिनेमा तक अपनी धाक जमाने वाले अभिनेता जीशू सेनगुप्ता ने हाल ही में दैनिक जागरण को दिए इंटरव्यू में फिल्मी करियर प ...और पढ़ें
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अभिनेता जीशू सेनगुप्ता (फोटो क्रेडिट- एक्स)
HighLights
एक्टिंग करियर पर बोले एक्टर जीशू सेनगुप्ता
ब्राउन वेब सीरीज में निभाया नेगेटिव रोल
इस फिल्म में नजर आएंगे जीशू
प्रियंका सिंह, मुंबई। बांग्ला सिनेमा से लेकर हिंदी, तेलुगु और ओटीटी की दुनिया तक, जीशू सेनगुप्ता ने पिछले तीन दशकों में अपनी अभिनय प्रतिभा के दम पर अलग पहचान बनाई है।
हाल ही में वह वेब सीरीज ब्राउन में नकारात्मक भूमिका में नजर जीशू का मानना है कि एक कलाकार के लिए किरदार का आकार नहीं, बल्कि उसकी गहराई मायने रखती है। अभिनय, करियर, भाषा की चुनौतियों और अपने पिता से मिली सीख पर जीशू से हुई बातचीत के अंश।
हिंदी में आप अलग-अलग रोल कर पा रहे हैं, टाइपकास्ट से कैसे बच रहे हैं?
इसे मैं किस्मत कह सकता हूं। खुद को उन रोल्स के जरिए आगे लेकर जा पा रहा हूं। जहां तक ब्राउन में निगेटिव रोल करने की बात है, तो यह रोल भी मुझे अभिनव ने फोन करके दिया था। मैं उनका फैन रहा हूं। मुझे उनकी डेल्ही बेल्ही फिल्म बेहद पसंद है।
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उन्होंने कहानी सुनाई, रोल अच्छे था, तो ना कहने का सवाल ही नहीं उठता था। जब मैं कोई भी कहानी पढ़ता हूं, तो अपने रोल की बैकस्टोरी जरूर तैयार करता हूं। इसमे तो बैकस्टोरी भी थी, तो ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ा।
आप बांग्ला सिनेमा से होने के बावजूद हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा में अच्छा खासा काम कर रहे हैं। इसका क्या फार्मूला हैं, जो दूसरे एक्टर क्रैक नहीं कर पा रहे हैं?
मैं खुद को केवल कलाकार मानता हूं। मैंने थिएटर में काम किया है, टीवी, फिल्में और ओटीटी भी कर रहा हूं। मेरे लिए अपने काम को सच्चाई से करना मायने रखता है। कैमरा के सामने तो मैंने टीवी से शुरुआत की थी। लेकिन ये भी सच है कि इस कला में किस्मत बहुत बड़ी चीज होती है।
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मुझे ईश्वर ने कई मौके दिए हैं, जहां मैं अपनी प्रतिभा दिखा पाया। मुझे अच्छे से पता है कि मेरे पीछे मुझसे ज्यादा प्रतिभाशाली कलाकार लाइन में खड़े हैं। मैं सही जगह पर, सही समय पर नहीं हुआ, तो वह मौका दूसरे किसी को मिल जाएगा। फिर हो सकता है कि वह काम उसे सुपरस्टार बना दे। मैं खुश हूं कि मैं सही समय पर सही जगह रहा।
आपने हिंदी में कई ऐसे प्रोजेक्ट रहे हैं, जहां अभिनेत्रियां उस कहानी को लीड कर रही थीं। कभी इनसिक्योर नहीं हुए?
नहीं, मैंने बांग्ला सिनेमा में भी ऐसा काम किया है, जिसमें मेरा केवल 10 मिनट का ही रोल था, लेकिन उसके लिए मुझे अवार्ड मिला था। यह स्पष्टता मुझे रितुपर्णो घोष के साथ काम करने के दौरान मिली थी। उन्होंने एक बार मुझसे पूछा था कि तू क्या बनना चाहता है। हीरो जो एक्टर है या एक्टर जो हीरो है।

मैंने कहा था एक्टर जो हीरो भी बन सकता है। उन्होंने कहा बेहतर सोचा। मैंने पूछा क्यों? उन्होंने कहा क्योंकि बतौर एक्टर आप ज्यादा समय तक टिके रहेंगे, लेकिन हीरो के तौर पर समय सीमा होगी। मुझे मेरे क्राफ्ट से प्यार है, मुझे अभिनय से प्यार है। पहले बंगाल के लोग ही कहते हैं थे कि जीशू मुंबई और दक्षिण भारत में जाकर छोटे-छोटे रोल कर रहा है।
उनको ये पता नहीं था कि मुझे बांग्ला सिनेमा में भी छोटे-छोटे रोल के लिए अवार्ड मिला है। आज इंटरनेट मीडिया के कारण मेरी पहुंच को देखकर वही लोग मुझे वहां अब वैसे ही पसंद कर रहे हैं, जैसे यहां। इसके लिए बस आपको काम करते रहना होगा। बाकी कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। अगर आप स्पष्ट हैं कि जीवन में आपको क्या करना है, तो उससे बढ़िया कुछ नहीं होता है।
प्रियदर्शन के साथ आप फिर भूत बंगला के बाद अब हैवान फिल्म में काम कर रहे हैं?
प्रियम सर पिता जैसे हैं। हम काफी समय से काम करना चाहते थे। भूत बंगला में हुआ। हैवान के लिए उन्होंने कहा की मेहमान भूमिका है, तुम करोगे, मैंने कहा आदेश करिए जहां आना है, मैं पहुंच जाऊंगा। उन्होंने कहा कि पहले रोल तो सुन लो, मैंने कहा मुझे जरुरत नहीं है।
लोग रोहित शेट्टी के साथ कामेडी फिल्में करना चाहते हैं, आपने फिर उनके साथ गंभीर फिल्म आईपीएस मारिया चुन ली?
हां, मैं लकी हूं कि रोहित शेट्टी के साथ काम कर रहा हूं, इससे बढ़िया क्या हो सकता है। उनकी अगली फिल्म आईपीएस मारिया के लिए शूट कर रहा हूं। उसके अलावा मेरी बांग्ला फिल्म अभिमान भी है, जो 19 जून को रिलीज होगी।