यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मां दुर्गा के अवतार में Hema Malini ने दी रोंगटे खड़े करने वाली परफॉर्मेंस, नृत्य देख फटी रह गईं यूजर्स की आंखें
हेमा मालिनी (Hema Malini) फिल्म इंडस्ट्री की वह दिग्गज और नामचीन एक्ट्रेस हैं जिन्होंने एक्टिंग के साथ-साथ अपने डांस से भी लोगों के लोगों में अलग जगह ...और पढ़ें

HighLights
- हेमा मालिनी ने मां दुर्गा बनकर किया डांस
- सोशल मीडिया पर छाया हेमा मालिनी का मां दुर्गा का अवतार
- एक्ट्रेस ने कला को बढ़ावा देने पर भी दिया जोर
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। दिग्गज एक्ट्रेस हेमा मालिनी (Hema Malini) ने दशकों तक एक्टिंग और डांस से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। वह अब फिल्मों में पहले की तरह नजर नहीं आती हैं, लेकिन एक्टिंग लाइन से जुड़ा उनका शौक आज भी बरकरार है।
इन दिनों पूरे देश में नवरात्रि की धूम देखने को मिल रही है। हेमा मालिनी कमाल की एक्ट्रेस होने के साथ-साथ क्लासिकल डांस के लिए भी जानी जाती हैं। 75 साल की उम्र में भी वह भारत की सांस्कृतिक विरासत को अपने नृत्य में खूबसूरती से दिखाती हैं। इसी कड़ी में उन्होंने मथुरा में नव दुर्गा महोत्सव के दौरान में मां दुर्गा बनकर खूबसूरत परफॉर्मेंस दी।
मां दुर्गा बनीं हेमा मालिनी
भारी गहनों से लदीं हेमा मालिनी ने मां दुर्गा की तरह शेर पर सवार होकर खूबसूरत प्रस्तुति दी। डांस के प्रति उनके जुनून को देख लोग उनकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए हैं। करीब दो घंटे तक 'बागबान' एक्ट्रेस ने मां दुर्गा बनकर स्टेज पर नृत्य किया, जिसमें वह राक्षस भस्मासुर का वध करते भी देखी गईं।
#WATCH | Uttar Pradesh: Actor and BJP MP from Mathura, Hema Malini presented a dance drama on the occasion of Navaratri, in Mathura (06.10) pic.twitter.com/rU2abVNeOl
— ANI (@ANI) October 6, 2024
दुर्गा सप्तशती पर आधारित नृत्य नाटिका में दिव्य स्त्री की शक्ति को दिखाते हुए हेमा मालिनी ने परफॉर्म किया। उन्होंने माता सती और पार्वती बनकर भी लोगों दिल जीता।
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शिक्षा के साथ-साथ कला भी जरूरी
अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली परफॉर्मेंस के बाद हेमा मालिनी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ''मैं आज यहां परफॉर्म करके बहुत खुश हूं।'' इसी के साथ उन्होंने शिक्षा और कला पर भी बात की। हेमा मालिनी ने कहा, ''शैक्षणिक शिक्षा जरूरी है, लेकिन बच्चों के लिए कला में रुचि पैदा करना भी जरूरी है। यह व्यक्तित्व के लिए बेहतर साबित होता है और आत्मनिर्भरता की भावना को बढ़ावा देता है।''