Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Dhurandhar 2 के इस गाने के बोल सालों पहले सनी देओल की मूवी में हुए थे इस्तेमाल, नुसरत साहब की कव्वाली से चुराए लिरिक्स

    Updated: Wed, 15 Apr 2026 09:18 PM (IST)

    फिल्म 'धुरंधर 2' का लोकप्रिय गाना 'जान से गुजरते हैं' अपनी धुन और बोल के लिए चर्चा में है। यह गाना सूफी गायक खान साहब ने गाया है। दिलचस्प बात यह है कि ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड में गानों को कॉपी करने का दौर लंबे समय से चला आ रहा है। कोई भी गाने के बोल, धुन या फिर म्यूजिक को उठाकर कुछ बदलाव कर उसे बड़ी ही आसानी से जनता के सामने पेश कर दिया जाता है। इसी बीच 90 के दशक में एक दौर रिमिक्स का आया था जब पुराने गानों को रिमिक्स करके बनाया जाता था।

     सालों से चला आ रहा पुराने गानों का क्रेज

    हालांकि 2010 के बाद से ये दौर थोड़ा बदला है। आजकल सीधे चोरी करने के बजाय रीमिक्स और रिक्रिएशन का दौर है। अब पुराने हिंदी गानों को ही नए संगीत के साथ दोबारा पेश किया जाता है। अब कानूनी तौर पर 'राइट्स' खरीदे जाते हैं, इसलिए इसे कॉपी कहने के बजाय 'आधिकारिक रिक्रिएशन' कहा जाता है।

    Sunny (29)

    यह भी पढ़ें- 'फिल्मों में गाली-गलौज...', Prem Chopra ने किया Dhurandhar 2 का रिव्यू, बता दी मूवी की सबसे बड़ी कमी!

    धुरंधर 2 के कई गाने इसकी बानगी हैं। वैसे तो इस मूवी के सारे ही गाने हिट हैं लेकिन इसका पॉपुलर गाना जान से गुजरते हैं एक अलग ही चिंगारी पैदा करता है। "दिल पे ज़ख्म खाते हैं" (Jaan Se Guzarte Hain) को प्रसिद्ध सूफी गायक खान साहब (Khan Saab) ने अपनी आवाज दी है। यह गाना शाश्वत सचदेव द्वारा रचित है।

    सनी देओल की फिल्म में हुआ था इस्तेमाल

    ओरिजनली ये गाना एक बेहद मशहूर सूफी कव्वाली है, जिसे मूल रूप से महान गायक उस्ताद नुसरत फतेह अली खान ने गाया है। यह दर्द और रूहानी अंदा से भरी कव्वाली है प्यार में जुर्म और बेवफाई के जज्बातों को दर्शाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि धुरंधर 2 से पहले इस गाने की पंच लाइन का इस्तेमाल सनी देओल की फिल्म जीत में किया गया था?

    खबरें और भी

    nusrat

    नुसरफ फतेह अली खान ने गाया है ओरिजनल गाना

    साल 1996 में आई फिल्म ‘जीत’ में इस खास गाने को तब्बू पर फिल्माया गया है जिसके नाम ‘दिल का क्या करे साहेब’ है। यह गाना कविता कृष्णमूर्ति की शानदार आवाज में गाया गया था और इसमें सूफी व कव्वाली स्टाइल का जादू था। इस गाने की लाइन जुर्म सिर्फ इतना है तुमको प्यार करते हैं उस्ताद नुसरत फतेह अली खान साहब की प्रसिद्ध कव्वाली 'दिल पे जख्म खाते हैं' से प्रेरित है।

    फिल्म में यह गाना इमोशनल और दर्द भरे अंदाज में पेश किया गया था, जो आज भी पुरानी यादों को ताजा कर देता है। यही धुन हाल ही में धुरंधर 2: द रिवेंज में 'जान से गुजरते हैं' के रूप में नई आवाज और नई ऊर्जा के साथ वापस आई है जिसे लोग लूप में सुनना पसंद कर रहे हैं। संगीत प्रेमियो के दिल में इस गाने के लिए एक अलग ही जगह है।

    यह भी पढ़ें- पाकिस्तान का डबल स्टैंडर्ड! एक तरफ आशा भोसले की डेथ कवरेज पर नोटिस, दूसरी तरफ Dhurandhar के गाने मचा रहे गदर