'सतलुज' से पहले भी 'सिखों के नरसंहार' के गवाह बने हैं Diljit Dosanjh, 2 मूवीज देख कांप जाएगी रूह; OTT पर उपलब्ध
दिलजीत दोसांझ 'सतलुज' को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। यह पहली बार नहीं है, जब उन्होंने पंजाब का संवेदनशील ...और पढ़ें

दिलजीत दोसांझ की इन फिल्मों का है 1984 के सिख दंगों से कनेक्शन/ फोटो- Imdb

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 'सरदार जी-3' के बाद दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' (Satluj) को भी लेकर बहस छिड़ चुकी है। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट 'जसवंत सिंह खालरा' की जिंदगी पर बनी यह फिल्म तीन साल तक सेंसर बोर्ड के पास अटकी रही थी। पहले इस फिल्म का नाम 'पंजाब-95' था, क्योंकि फिल्म में 1995 में पंजाब के दौर और फर्जी मुठभेड़ो में हजारों लोगो की मौत के मुद्दे को उठाया गया था।
इस फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज करने के लिए सेंसर बोर्ड ने 127 कट लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन मेकर्स ने इससे इनकार कर दिया था। हालांकि, इसे तीन साल बाद सिनेमाघरों में न लाकर सीधा मूवी को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया, लेकिन सुरक्षा कारणों और सेंसर बोर्ड का प्रमाण पत्र न मिलने पर इसे ओटीटी से 48 घंटों के अंतराल में हटा दिया गया।
हालांकि, ये पहली बार नहीं है, जब दिलजीत दोसांझ ने पंजाब का कोई संवेदनशील मुद्दा उठाया है। इससे पहले वह दो ऐसी फिल्में बना चुके हैं जो 1984 के सिख दंगों में उनके हालातों पर बेस्ड है।
जोगी
साल 2022 में रिलीज हुई अली अब्बास जफर के निर्देशन में बनी फिल्म 'जोगी' में भी 1984 के सिख विरोधी दंगो पर आधारित है। मूवी में दिलजीत दोसांझ ने जोगिंदर सिंह का किरदार निभाया था, जो दंगे में फंसा होता है और अपने परिवार की जान बचाने की कोशिश में लगा है। फिल्म में उनके अलावा कुमुद मिश्रा, मोहम्मद जीशान अयूब, हितेन तेजवानी और अमायरा दस्तूर जैसे सितारों ने भी काम किया था।
इस फिल्म का भले ही खुलेआम विरोध नहीं किया गया था, लेकिन संवेदनशील घटना के बीच में फिल्म में रोमांटिक एंगल दिखाने के कारण कुछ लोगों ने मेकर्स की आलोचना की थी। इस मूवी को आप नेटफ्लिक्स (Netflix) पर देख सकते हैं।
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पंजाब 1984
साल 2014 में रिलीज हुई फिल्म 'पंजाब 1984' में भी दिलजीत दोसांझ ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म के निर्देशन की कमान अनुराग सिंह ने संभाली थी। 1984 में पंजाब आतंकवाद और अलगाववाद के साये में जी रहा था। यह वो दौर था, जब धर्म के अनुयायी जरनैल सिंह भिंडरांवाले और उनके समर्थक गोल्डन टेम्पल को अपना गढ़ और अलग खालिस्तान बनाने की मांग कर रहे थे।

फिल्म 'पंजाब-1984' की कहानी में दिलजीत दोसांझ ने 'शिवजीत सिंह' नामक युवक की भूमिका निभाई थी, जिसे पंजाब में हो रहे दंगों में गलती से पुलिस आतंकवादी मान लेती है और उसे मजबूरन अपना घर छोड़ना पड़ता है। यह एक मां की लाचारी को दिखाता है, जो अपने लापता बेटे को ढूंढती है। ये फिल्म भी आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।
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