यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Dupahiya 2 Update: गजराज राव की दुपहिया का आएगा दूसरा पार्ट? डायरेक्टर सोनम नायर ने बताई अंदर की बात
अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई दुपहिया सीरीज (Dupahiya Web Series) को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। गजराज राव और रेणुका साहने स्टारर दुपहिया एक काल्प ...और पढ़ें

HighLights
- दुपहिया सीरीज को दर्शकों का प्यार मिला
- ओटीटी लवर्स इसके दूसरे पार्ट का इंतजार कर रहे हैं
- सीरीज की डायरेक्टर ने फिल्म से जुड़े किस्से शेयर किए
स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई। हाल ही में प्रदर्शित गजराज राव अभिनीत वेब सीरीज ‘दुपहिया’ को काफी सराहना मिल रही है। इसकी निर्देशक सोनम नायर ने इस शो से जुड़े कई रोचक किस्से और अपने अनुभव साझा किए।
बंगाल से ताल्लुक रखने वाली सोनम नायर ‘दुपहिया’ से पहले फिल्म ‘गिप्पी’ और वेब सीरीज ‘काफिर’ व ‘मसाबा मसाबा’ का निर्देशन कर चुकी हैं। ओटीटी प्लेटफार्म पर लगातार काम करने को लेकर सोनम कहती हैं, 'मेरी पहली फिल्म ‘गिप्पी’ में कोई बड़े स्टार नहीं थे, साधारण सी फिल्म थी। ऐसी कहानी ओटीटी प्लेटफार्म पर चलती है। मेरी जो भाषा है, वह ओटीटी वाली है। जैसे ही ओटीटी आया, मुझे लगा कि वह जगह मिल गई, जहां पर मैं अपनी कहानी कह सकती हूं।'
ओटीटी की सबसे बड़ी चुनौती
ओटीटी पर कंटेंट की अधिकता को लेकर सोनम कहती हैं, 'अब बहुत सारा कंटेंट है। उसमें अलग दिखना कि लोग 50 चीजें छोड़कर आपका शो देखें, वो भी घंटों तक, क्योंकि वेब शोज चार-पांच घंटों के होते हैं। अब लोग रील्स भी देखते हैं, उनसे भी प्रतिस्पर्धा थी कि वे छोटी रील्स की बजाय इस शो को देखें। किसी शो को देखना और इतने घंटों तक लोगों को बांधे रखना आज की जीवनशैली में कठिन है। कुछ अलग करना चुनौती थी ताकि लोग मजबूर हो जाएं कि इस सीरीज को देखना ही पड़े।'
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शूटिंग से जुड़ा मजेदार किस्सा
‘दुपहिया’ की शूटिंग का एक मजेदार किस्सा साझा करते हुए सोनम कहती हैं, 'इस सेट पर कुछ कलाकार मुंबई से आए थे, कुछ आस-पास के शहरों जैसे ग्वालियर, झांसी, पटना से आए थे। बाकी के लोग उसी गांव में रहते थे। हम लोगों की रोज कास्टिंग चलती थी। अगर किसी आंटी ने अच्छी चाय पिला दी, तो वह कहती थीं कि चाय पसंद आई तो मुझे भी कुछ लाइनें दे दो। फिर मैं उन्हें एक लाइन दे देती थी।'
एक रोल के लिए एक बुजुर्ग चाहिए था, तो गांव में जो दो-तीन बुजुर्ग लोग थे, उनका ऑडिशन कर लिया गया था। लोकल लोगों के साथ काम करने का अनुभव मजेदार था। उन्होंने ना कोई शूटिंग देखी थी, ना उन्हें कोई आइडिया था कि अभिनय और शूटिंग क्या होता है। वह कितने दिन तक शुक्रिया अदा करते रहते थे कि हमने उनसे एक सीन कराया। वह खुशी अलग ही थी।
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गांव की यादें और खटिया का जुड़ाव
क्या सोनम अपने शोज से कोई खास चीजें अपने पास रखती हैं? इस पर वह कहती हैं, 'मुझे वहां खटिया पर लेटना, उस पर बैठकर निर्देशन करना इतना पसंद आया था कि मैंने अपने घर पर भी एक खटिया रखी हुई है। उस पर बैठकर जब खिड़की के बाहर देखती हूं, तो लगता है कि गांव आ गए हैं।'
क्या आएगा ‘दुपहिया’ का दूसरा सीजन?
क्या ‘दुपहिया’ का दूसरा सीजन लाने की तैयारी हो रही है? इस पर सोनम कहती हैं, 'मेरा भी मन है कि अपने कलाकारों के साथ दोबारा गांव जाकर शूट करें। लेकिन जब तक प्लेटफार्म हरी झंडी नहीं देगा, तब तक कैसे बनाएंगे? फिलहाल तो हम भी प्रतीक्षा कर रहे हैं।