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बारिश का मौसम, मोहब्बत की याद...दिल छलनी करती है Ghulam Ali की गजल; खामोश आशिक का दर्द बयां करता है गीत

Updated: Tue, 18 Aug 2026 04:30 PM (IST)

बारिश का मौसम...घर की बालकनी और बैकग्राउंड में बजने वाला ये 26 साल पुरानी पाकिस्तानी सिंगर की ये गजल अक्सर खामोश आशिक को रूला देती है।

26 साल बाद भी आशिकों के दिलों को करता है छलनी/ फोटो- Instagram

26 साल बाद भी आशिकों के दिलों को करता है छलनी/ फोटो- Instagram

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एँटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड गानों और लोगों के जज्बातों का आपस में गहरा कनेक्शन है। दिल खुश हो, दोस्तों के साथ डांस करना हो या अपने दिल का हाल बयां करना, हर मौके के लिए कोई न कोई गाना बना हुआ है।

आशिकों का हाल-ए-दिल बयां करने वाले तो अबतक कई गाने हमने आपको बताए हैं, लेकिन आज हम आपको गुलाम अली की गाई उस गजल के बारे में बताने जा रहे है, जो किसी के अकेलेपन, बेबसी और अधूरे प्यार की कहानी को बखूबी बयां करती है। कौन सी है वह गजल जो बारिश के मौसम के साथ भिगोकर जाती हैं आंखें। 

गजल को सुनकर आशिकों के दिल में उठती है टीज

जिस गाने का जिक्र हम अपने इस लेख में कर रहे हैं, वह साल 2000 में रिलीज हुई सिंगर गुलाम अली की गजल है। इस गाने के लिरिक्स हैं 'हम को किसके गम ने मारा'। गजल के लिरिक्स मसरूर अंवर ने लिखे हैं। पाकिस्तानी गायक गुलाम अली की इस गजल को रिलीज हुए 26 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी स्लो सॉन्ग सुनने वाले बालकनी में अकेले बैठे हुए यही बजाते है, जो उन्हें पुरानी यादों में ले जाता है।

'हम को किसके गम ने मारा के मूड की बात करें तो यह एक बेहद दर्दभरी गजल है, जो मुख्य रूप से गहरे दर्द, खामोश त्याग और अधूरे प्यार के सन्नाटे को बयां करता है।

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गजल में बीच में है शायराना अंदाज

उस्ताद गुलाम अली की गाई इस गजल की सबसे बड़ी खूबसूरती ये है कि इसमें बीच-बीच में शायरी परोसी गई है। जैसे गजल की एक लाइन है "दिल के लुटने का सबब न पूछों सबके सामने, नाम आएगा तुम्हारा ये कहै फिर से।" इस एक लाइन में ही गजल गायक ने ये बयां किया कि प्रेमी का दिल तोड़ने के पीछे उसकी महबूबा ही है, लेकिन वह उसका नाम लेकर उसे बदनाम नहीं करना चाहता।

 Video Credit:Saregama Ghazal 

आज भी गुलाम अली की इस गजल को कितना ज्यादा पसंद किया जाता है, इस बात का अंदाजा आप कमेंट से लगा सकते हैं। एक यूजर ने लिखा, "मैंने ये गजल 2025 में सुनी थी और सच कहूं मुझे ये बेहद पसंद आई, इसके एक-एक लिरिक्स दिल छूने वाले हैं।" दूसरे यूजर ने लिखा, "बचपन में जब बड़े ये गाने सुनते थे, तो हम सोचते थे क्यों बजाते हैं ये गजल बार-बार, आज समझ आ रहा है कि क्यों सबकी फेवरेट थी।" इस गजल को यूट्यूब पर 93 लाख से ज्यादा व्यूज मिले हैं।

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