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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    RD Burman Birth Anniversary: 'रिमझिम गिरे सावन', 'तुम आ गये हो'... वो गीत, जिनके बिना अधूरी आरडी बर्मन की बात

    By Aditi YadavEdited By: Aditi Yadav
    Updated: Tue, 27 Jun 2023 12:16 PM (IST)

    R.D. Burman 84th Birth Anniversary ओ हसीना जुल्फों वाली जाने जहां से लेकर मेरी प्यारी बिंदू जैसी क्लासिक फिल्मों में अपना जादू बिखेरने वाले पंचम दा न ...और पढ़ें

    RD Burman 84th birth anniversary Photo Credit Instagram
    RD Burman 84th birth anniversary Photo Credit Instagram

    HighLights

    1. 27 जून को है संगीतकार आरडी बर्मन की 84वीं जयंती
    2. आरडी ने बनायीं हिंदी सिनेमा में कई कालजयी धुनें और गाने
    3. आरडी बर्मन अपने अलग तरह के संगीत के लिए मशहूर रहे हैं

     नई दिल्ली, जेएनएन। RD Burman 84th Birth Anniversary: हिंदी सिनेमा में संगीतकार तो बहुत हुए हैं, जिनकी धुनों ने कई पीढ़ियों को झूमने के लिए मजबूर किया, मगर राहुल देव बर्मन यानी आरडी बर्मन वाद्य यंत्रों के साथ प्रयोग करने के लिए जाने जाते थे और इस खूबी ने ना सिर्फ उनके संगीत को वक्त के साथ प्रासंगिक रखा, बल्कि एक नयापन भी बना रहा। 

    आरडी बर्मन का करियर तीन दशक से भी ज्यादा लम्बा रहा और इस दौरान उन्होंने कई यादगार गीतों का निर्माण किया। आरडी बर्मन जितना अपने संगीत के लिए मशहूर थे, उतने ही अपनी आवाज के लिए भी जाने जाते थे। 27 जून को उनकी 84वीं बर्थ एनिवर्सरी है। इस मौके पर हम आपको उनके कुछ सुपर हिट गानों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें सुनकर यादों में खो जाएंगे।

    'ओ हसीना जुल्फों वाली' से लेकर 'मेरी प्यारी बिंदू' जैसी क्लासिक फिल्मों में उन्होंने अपना जादू बिखेरा। पंचम दा ने गुलजार, आशा भोंसले और किशोर कुमार के साथ मिलकर हर मिजाज के लिए गाने तैयार किए थे।

    नौ साल की उम्र में किया पहला गाना कंपोज

    आरडी बर्मन का जन्म 27 जून 1939 को कोलकाता में हुआ था। लगातार तीन दशकों तक हिंदी सिनेमा पर राज करने वाले आरडी ने 331 फिल्मों को संगीत से सजाया। आरडी बर्मन के पिता सचिन देव बर्मन बॉलीवुड के महान संगीतकारों में से एक थे। आरडी बर्मन को बचपन से ही संगीत का बहुत शौक था। पंचम दा जब महज नौ साल के थे, तब उन्होंने अपना पहला गाना कंपोज किया था। उन्होंने 'ऐ मेरी टोपी पलट के आ' कंपोज किया था। उनके तमाम गाने ऐसे भी हैं, जिनकी कशिश वक्त के साथ भी हल्की नहीं पड़ी है।

    'प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया'

    सत्ते पे सत्ता फिल्म का गाना 'प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया' इसे सपन चक्रवर्ती और किशोर कुमार ने अपनी आवाज दी थी। फिल्म में अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, अमजद खान और शक्ति कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। ये गाना अमिताभ बच्चन और उनके सात भाइयों पर फिल्माया गया था।

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    'रिमझिम गिरे सावन'

    1979 में रिलीज हुई फिल्म मंजिल का गाना 'रिमझिम गिरे सावन' बारिश के पसंदीदा गानों में शामिल है। सावन के मौसम में अक्सर यह गाना होठों पर आ जाता है। अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी पर फिल्माये गीत को किशोर कुमार ने आवाज दी थी।

    'ओ मेरे दिल के चैन'

    फिल्म मेरे जीवन साथी का गाना 'ओ मेरे दिल के चैन' हिंदी सिनेमा के आइकॉनिक गीतों में शामिल है। यह गाना आज भी हिट है। राजेश खन्ना और तनुजा पर फिल्माये गाने को किशोर कुमार ने गाया था।

     

    'तुम क्या जानो मोहब्बत क्या है'

    फिल्म हम किसी से कम नहीं का गाना 'तुम क्या जानो मोहब्बत क्या है' को आरडी बर्मन ने खुद गाया था और उन्होंने ही इसका म्यूजिक भी दिया था। फिल्म में ऋषि कपूर ने लीड रोल निभाया था।

     

    'तुम आ गए हो नूर आ गया है'

    ये गाना फिल्म आंधी का है, जिसे किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने आवाज दी थी। संजीव कुमार और सुचित्रा सेन पर फिल्माये गये गाने के बोल गुलजार ने लिखे थे।