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कार के बोनट पर लिखा आइकॉनिक डायलॉग Sholay का बना सबसे यादगार सीन, 51 साल बाद भी हर किसी की जुबां पर ये चार शब्द

Published: Thu, 11 Jun 2026 09:59 PM (IST)Updated: Fri, 12 Jun 2026 04:35 PM (IST)

फिल्म शोले का सबसे यादगार पानी की टंकी वाला सीन जावेद अख्तर ने जल्दबाजी में लिखा था। इसके पीछे की ...और पढ़ें

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। फिल्म शोले (Sholay) को बॉलीवुड की कल्ट फिल्मों में गिना जाता है। साल 1975 में जब रमेश सिप्पी (Ramesh Sippy) ने इंडियन सिनेमा को ‘शोले’ दी, तो किसी को नहीं पता था कि रिलीज के कई दशकों बाद भी इसे एक क्लासिक और बेहतरीन फिल्म माना जाएगा। फ़िल्म की कहानी और डायरेक्शन से लेकर किरदारों के लुक तक, सब कुछ आज भी आइकॉनिक माना जाता है।

यही वजह है कि इसके कई डायलॉग (Sholay Dialogues) आज भी चर्चा में हैं और अगर सामने वाला वो बोलता है तो आप समझ जाएंगे कि किस फिल्म की बात हो रही है। वहीं बात अगर शोले की हो और ‘पानी की टंकी’ वाले सीन का जिक्र ना हो ऐसा हो नहीं सकता।

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हिंदी और इंग्लिश में लिखे थे कई डायलॉग्स

‘मौसी जी सुसाइड’ और ‘चक्की पीसिंग एंड पीसिंग’ जैसे डायलॉग्स में हिंदी और इंग्लिश का बेहतरीन इस्तेमाल किया गया, जिससे दर्शकों को खूब हंसी आई। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ‘शोले’ का जो सीन सबसे यादगार माना जाता है, उसे जावेद अख्तर ने जल्दबाजी में लिखा था? उसके पीछे की कहानी भी ऐसी है कि आपको हंसी आ जाए।

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जावेद अख्तर के पास नहीं थी फुर्सत

मशहूर राइटर ने ‘एंटरटेनमेंट पाकिस्तान’ को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि जब उन्होंने पानी की टंकी वाला सीन लिखा, तो वे बहुत जल्दी में थे और उन्हें उसे दोबारा पढ़ने का मौका भी नहीं मिला। उन्होंने बताया कि सीन तो लिख लिया गया था, लेकिन डायलॉग्स अधूरे थे। वे रोज उन्हें लिखने की कोशिश करते थे, लेकिन फिल्म बनाने के दौरान काम करने, हंसने और खाने-पीने में इतने व्यस्त रहते थे कि लिख नहीं पाते थे।

फ्लाइट पकड़ने में हो रही थी देर

फिर एक सुबह, एयरपोर्ट जाते समय उन्होंने उस सीन के डायलॉग्स पूरे करने का फैसला किया। उन्हें बैंगलोर जाने वाली फ्लाइट पकड़ने में काफी देर हो रही थी, इसलिए जब उन्हें फ्लाइट में बोर्डिंग के लिए बुलाया जा रहा था, तब उन्होंने कार के बोनट पर ही डायलॉग्स लिख दिए। जावेद जी के पास टाइम नहीं था इसलिए उन्होंने बिना दोबारा पढ़े ही वे कागज अपने असिस्टेंट को थमा दिए। और इस तरह सिनेमा की एक बेहतरीन फिल्म मिली।

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