'गधे पर काला मुंह...' जब इरफान खान की फिल्म को लेकर मच गया था बवंडर, Jaya Bachchan ने संभाला था मामला
तिग्मांशु धूलिया ने इलाहाबाद में हासिल की शूटिंग के दौरान मिली धमकियों को याद किया। उन्होंने बताया कि जया बच्चन ने बीच में आकर इस मामले को सुलझाने में ...और पढ़ें
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जब तिग्मांशु धूलिया को मिली थी इलाहाबाद में धमकी

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। फिल्ममेकर तिग्मांशु धूलिया ने हाल ही में अपने होमटाउन इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में अपनी पहली फिल्म 'हासिल'(Haasil) की शूटिंग के दौरान आई परेशानी के बारे में बताया। डायरेक्टर ने बताया कि फिल्म में स्टूडेंट पॉलिटिक्स को दिखाने की वजह से लोकल पॉलिटिकल हस्तियों ने इसका कड़ा विरोध किया, जिसके बाद उन्हें जया बच्चन से मदद लेनी पड़ी।
स्टूडेंट पॉलीटिक्स पर बेस्ड थी फिल्म
2003 में रिलीज हुई 'हासिल' (Haasil) ने उत्तर प्रदेश में कैंपस पॉलिटिक्स को अच्छे से दिखाने के लिए क्रिटिक्स की तारीफ बटोरी। इस फिल्म में धूलिया ने पहली बार इरफान खान (Irrfan Khan) के साथ काम किया, जिन्होंने बाद में उनके साथ पान सिंह तोमर और साहेब, बीवी और गैंगस्टर जैसी मशहूर फिल्मों में काम किया। इरफान खान, आशुतोष राणा, जिमी शेरगिल की जबरदस्त परफॉर्मेंस वाली यह फिल्म हिंदी हार्टलैंड में स्टूडेंट पॉलिटिक्स को अच्छे से दिखाने के लिए जानी गई।
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‘लोगों को लगा कि मैं यूनिवर्सिटी को गलत दिखा रहा हूं’
एक इंटरव्यू में बातचीत में तिग्मांशु धूलिया (Tigmanshu Dhulia) ने कहा कि यह प्रॉब्लम आशुतोष राणा के कैरेक्टर वाले ओपनिंग सीन को शूट करने के लगभग तुरंत बाद शुरू हुई। उन्होंने कहा, 'जब मैं इलाहाबाद में हासिल की शूटिंग कर रहा था, तो हमने जो पहला सीन शूट किया, वह आशुतोष राणा की एंट्री का था। फिल्म में, वह यूनिवर्सिटी प्रेसिडेंट का रोल कर रहे हैं। एक कहानी में, अगर राम हैं तो रावण भी होना चाहिए। क्योंकि मैंने ‘रावण’ वाला सीन पहले शूट किया, इसलिए लोगों को लगा कि मैं यूनिवर्सिटी को गलत दिखा रहा हूं'।
गधे पर घुमाने की मिली थी धमकी
'यूनिवर्सिटी में लक्ष्मी शंकर ओझा नाम के एक स्टूडेंट लीडर हुआ करते थे। फिल्म में, आशुतोष के कैरेक्टर का नाम लक्ष्मी शंकर पांडे था (जिसे बाद में बदलकर गौरी शंकर पांडे कर दिया गया)। जल्द ही मुझे एक फोन आया, जिसमें कहा गया, ‘आप हमारे बारे में एक फिल्म बना
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‘उन्होंने कहा कि वे मेरा चेहरा काला कर देंगे, मुझे गधे पर घुमाएंगे’ धूलिया ने बताया कि टेंशन तेजी से बढ़ी और उन्हें डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के ऑफिस बुलाया गया। उन्होंने कहा, 'यह पहली बार था जब शहर में कोई फिल्म शूट हो रही थी। मैं तब तक ‘तिग्मांशु धूलिया’ नहीं बना था, यह मेरी पहली फिल्म थी। मैं बहुत एक्साइटेड होकर अपने होमटाउन गया था, यह सोचकर कि मैं वहीं शूट करूंगा'।
'लेकिन जल्द ही लोग बहुत एक्टिव हो गए और मुझे डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के ऑफिस बुलाया गया। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के करीब 20-25 पूर्व प्रेसिडेंट वहां मौजूद थे। उन्होंने मुझे घेर लिया और मुझे धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वे यात्री होटल की खिड़कियां तोड़ देंगे, उसमें आग लगा देंगे, मेरा चेहरा काला कर देंगे और मुझे गधे पर बिठाकर पूरे शहर में घुमाएंगे'।
‘मैं डर गया और रोने लगा’
धुलिया ने माना कि इस सिचुएशन ने उन्हें इमोशनली प्रभावित किया। उन्होंने कहा, 'यह 2001 की बात है। मैं डर गया और रोने लगा। मेरे सारे इमोशन बाहर आ गए। मैं अपने ही शहर आया था और मुझे वहां बेइज्जती महसूस हुई। मैं इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट भी हूं'।
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जया बच्चन बीच में आईं
आखिरकार मामला तब शांत हुआ जब धूलिया ने जया बच्चन (Jaya Bachchan) से बात की, जिन्होंने मामले को सुलझाने में मदद की। उन्होंने कहा, 'मुझे जया बच्चन जी को फोन करना पड़ा। अगर उन्होंने मदद नहीं की होती, तो यह एक बड़ी प्रॉब्लम होती। उन्होंने अमर सिंह जी को बीच में बुलाया और मामला सुलझ गया'। फिर डायरेक्टर ने तय किया कि फिल्म में शहर का नाम नहीं लिया जाएगा, इसीलिए फिल्म का इलाहाबाद का नाम नहीं मिलेगा।
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2003 में रिलीज हुई हासिल को तिग्मांशु धूलिया ने डायरेक्ट किया था और इसमें इरफान खान, जिम्मी शेरगिल, ऋषिता भट्ट, आशुतोष राणा ने अहम किरदार निभाए थे।
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