Lata Mangeshkar के साथ एक गाना गाकर सुपरहिट हो गई थीं ये सिंगर, अपनी 'दिलरूबा' के लिए आज भी गुनगुनाते हैं लोग
Lata Mangeshkar को भारत कोकिला कहा जाता है और उनके गाने आज भी लाखों दिलों की धड़कन हैं। लता मंगेशकर ने जो गाने गाए वो तो फेमस हुए ही लेकिन उनके साथ जि ...और पढ़ें
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लता मंगेशकर के साथ इस सिंगर ने दिया चार्टबस्टर सॉन्ग
HighLights
लता मंगेशकर के साथ इस सिंगर ने दिया चार्टबस्टर सॉन्ग
1963 में रिलीज हुआ था ये सुपरहिट गाना
आज भी अपनी दिलरूबा के लिए गुनगुनाते हैं लोग
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड इंडस्ट्री में लता मंगेशकर के संगीत की एक अलग ही जगह है। उन्होंने म्यूजिक में एक अलग और बड़ा नाम कमाया है, इसीलिए उनके सोलो गानों के साथ ही जिन सिंगर्स ने उनके साथ गाने गाए वो भी मशहूर हो गए। आइए एक ऐसी ही सिंगर के बारे में जानते हैं जिन्होंने भारत कोकिला के साथ एक ऐसा गाना गाया जो आज भी लोग अपनी दिलरूबा के लिए गुनगुनाते हैं।
कौन सा है वो गाना
हम जिस गाने की बात कर रहे हैं वो है हंसता हुआ नूरानी चेहरा (Hansta Hua Noorani Chehra)... जिसे लता मंगेशकर के साथ कमल बारोट ने गाया है। दोनों ही इस गाने की को-सिंगर्स थीं। इस गाने का म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने दिया है और लिरिक्स असद भोपाली ने लिखे हैं। इस गाने को महीपाल और गीतांजलि पर फिल्माया गया। यह गाना फिल्म पारसमणि (Parasmani) का है जो 1963 में रिलीज हुई थी।
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कमल बारोट का बेस्ट सॉन्ग
उनके अन्य गीतों में सी.आई.डी. 909 का "तेरा निखरा निखरा चेहरा" और "धड़क तो होगा दिल हुजूर" शामिल हैं। उन्होंने टॉप सिंगर्स के साथ कुछ बेहद सफल गाने गाए। इनमें सबसे लोकप्रिय गीत "हंसता हुआ नूरानी चेहरा" है, जो पारसमणि (1963) का एक डांस सॉन्ग था और कमल की को-सिंगर लता मंगेशकर थीं। कई लोग इसे उस समय उनके करियर का बेस्ट गीत मानते हैं। यह बिनाका गीतमाला के टॉप 10 में एंट्री के साथ एक चार्टबस्टर बन गया। उनका एक और मशहूर गाना है दादीअम्मा दादीअम्मा मान जाओ..है जो उन्होंने आशा भोंसले के साथ गाया था।
कमल बारोट के बारे में
कमल बारोट का जन्म 18 नवंबर 1938 को हुआ। वह एक भारतीय प्लैबेक सिंगर हैं जिन्होंने बॉलीवुड में मुख्य रूप से काम किया। उन्होंने 1957 में फिल्म शारदा से बॉलीवुड में डेब्यू किया। बाद में उन्होंने 117 फिल्मों में 140 गाने गाए। उनका सबसे मशहूर सिंगल फिल्म रामू दादा का, सुना है जबसे मौसम है प्यार के काबिल था। वह आमतौर पर लता मंगेशकर या आशा भोसले के साथ गीत गाती थीं। लेकिन उन्होंने महान मुकेश के साथ यादगार कोलेब किया। उन्होंने रॉकेट गर्ल (1961) से "चांद कैसा होगा", मैं शादी करने चला (1962) से "जब से हम तुम, बहारों में", मैडम जोरो (1964) से "हम भी खो गए" जैसे गाने गाए हैं।