'मां' का ये सच जानकर फूट-फूटकर रोए थे Kamal Haasan, नौकरानी ने खोला था घर का इतना बड़ा राज
सालों तक कमल हासन (Kamal Haasan) से एक बात छुपाई गई थी, वो भी उनके मां के बारे में। जब उन्हें अपनी मां की सच्चाई पता चली तो वह टूट गए थे। ...और पढ़ें

मां का सच जानकर रोए थे कमल हासन। फोटो क्रेडिट- एक्स

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। एक दिन कमल हासन (Kamal Haasan) कमरे में बैठकर पूरा दिन रोते रहे। वह एक सच को मानना ही नहीं चाहते थे। घरवालों ने तो उनसे एक राज छुपा लिया, लेकिन जब उनके कानों में सच गूंजा तो आंखों से आंसू बहने लगे। यह सच अभिनेता की मां से जुड़ा था।
कमल हासन भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेताओं में से एक हैं। प्रोफेशनल फ्रंट के अलावा वह निजी जिंदगी के लिए भी खूब तारीफें बटोरते हैं। उनकी निजी जिंदगी से जुड़ा एक राज दो साल पहले उनकी भाभी ने खोला था। उन्होंने बताया था कि कमल हासन क्यों अपनी मां का सच जानने पर रोने लगे थे।
भाभी को मानते थे मां
कमल हासन चार भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। मां राजलक्ष्मी श्रीनिवासन वॉयलिन बजाया करती थीं और पिता डी. श्रीनिवासन पेशे से वकील थे। कमल और उनके बड़े भाई के बीच 20 साल का अंतर था। इसीलिए अभिनेता अपने भाई चारुहासन की तरह मानते थे। यहां तक कि चारुहासन की पत्नी कोमलावल्ली भी अभिनेता के लिए मां समान थी या यूं कहें कि वह बचपन में उन्हें ही मां मानते थे।
मां की जगह भाभी ने की परवरिश
जी हां, कमल हासन बचपन में भाभी कोमलावल्ली को ही अपनी असली मां समझते थे। दरअसल, जब उनकी मां राजलक्ष्मी को डायबिटीज हो गया तो उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उस वक्त भाभी कोमलावल्ली ने ही उनकी देखभाल की और वह उन्हें अपनी मां समझने लगे थे।
खबरें और भी
Kamal Haasan with his mother- Instagram
सच जानकर खूब रोए थे एक्टर
इस बारे में खुद उनकी भाभी ने 2024 में अवल विटकन को दिए इंटरव्यू में कहा था, "जब तक वह चार या पांच साल का था, उसे लगता था कि मैं ही उसकी मां हूं। मेरी सास भी इस बात से सहमत थीं और कहती थीं, 'उसे ऐसा ही सोचने दो।' लेकिन जब घर की नौकरानियों ने उसे सच बताया तो वह पूरे दिन रोता रहा।"
कमल हासन की भाभी ने आगे बताया था, "वह रोते हुए पूछता था, 'क्या तुम मेरी मां नहीं हो? क्या वह मेरी मां है?' वह मुझसे बहुत जुड़ा हुआ था। उसके जन्म के तुरंत बाद ही मेरी सास की तबीयत खराब हो गई थी। इसलिए असल में मैंने ही उसे पाला-पोसा।" कोमलापल्ली ने यह भी बताया था कि जब उन्होंने अपना बेटा खोया था, तब कमल ही उनका सहारा बने थे।