यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
माइक छोड़ थाम लिया था कैमरा, हॉलीवुड से इंस्पायर थी डायरेक्टर Kishore Kumar की पहली फिल्म
सुरों के सरताज रहे किशोर कुमार (Kishore Kumar) ने डायरेक्शन के फील्ड में भी हाथ अजमाया था। एक अभिनेता और गायक बाद किशोर की नई भूमिका का आगाज 60 के दशक ...और पढ़ें

HighLights
- निर्देशक भी रहे थे किशोर कुमार
- 60 के दशक में बनाई थी पहली फिल्म
- हॉलीवुड से प्रेरित थी उनकी फिल्म की कहानी
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। नाम एक किरदार अनेक वाली कहावत किशोर कुमार (Kishore Kumar) पर एक दम सटीक बैठते है। 4 दशक के लंबे करियर में उन्होंने सिनेमा के हर फील्ड में अपना योगदान दिया। फिर चाहें माइक पकड़कर गीत गाना हो, कैमरे के सामने एक्टिंग करनी हो, कलम से गीत लिखने हो या फिर बतौर निर्देशक किसी फिल्म का निर्माण करना हो।
गायक के बाद 60 के दशक में किशोर दा ने कैमरे पीछे आकर एक डायरेक्टर के तौर पर अपनी पहली फिल्म दूर गगन की छांव को बनाया। लेकिन क्या आपको जानकारी है कि उनकी ये मूवी हॉलीवुड की फिल्म से प्रेरित थी।
कब रिलीज हुई थी दूर गगन की छांव में
साल 1960 आते-आते किशोर कुमार ने बतौर गायक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपने पैर जमा लिए थे। एक एक्टर के तौर भी अपना लोहा भी मनवा चुके थे। अब उनके जहन में कुछ और करने का ख्याल आया और उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में एंट्री मारने की सोची। सब कुछ सेट रहा और साल 1964 में किशोर की पहली डायरेक्टोरियल फिल्म दूर गगन की छांव को बड़े पर्दे पर रिलीज किया।
ये भी पढ़ें- जब पहली बार रफी, किशोर और मुकेश ने एक साथ छेड़े थे सुर, 47 साल पुराने गाने से पूरी हुई थी फैंस की मुराद
.jpg)
सिर्फ डायरेक्टर ही नहीं बल्कि बतौर एक्टर और प्रोड्यूसर भी उन्होंने इस फिल्म में काम किया था। रोचक बात ये थी दूर गगन की छांव में किशोर कुमार के बेटे और अमित कुमार ने भी बाल कलाकार की भूमिका अदा की थी। बाप-बेटी जोड़ी वाली ये फिल्म ठीक-ठाक प्रदर्शन करने में सफल रही थी।
खबरें और भी
किस हॉलीवुड मूवी से प्रेरित थी किशोर की फिल्म
दूसरी भाषा की फिल्मों से प्रेरित होकर हिंदी सिनेमा में मूवी बनाने का चलन काफी पुराना है। किशोर कुमार की दूर गगन की छांव में भी इस ट्रेंड का हिस्सा रही थी। दरअसल उनकी ये फिल्म हॉलीवुड की पॉपुलर फिल्म द प्राउड रिबेल से इंस्पायर थी, जिसे साल 1958 में अंग्रेजी सिनेमा में रिलीज किया गया था। फिल्म की कहानी में दिखाया गया है कि अपने बेजुबान बेटे की आवाज वापस लाने के लिए ऑपरेशन कराने हेतु एक पिता पैसे जुटाने के लिए किस तरह से जद्दोजहद करता है।
.jpg)
इन फिल्मों का भी किशोर ने किया डायरेक्शन
दूर गगन की छांव में से किशोर कुमार के डायरेक्शन करियर का आगाज हुआ था। इसके बाद उन्होंने
-
हम दो डाकू
-
दूर का राही
-
बढ़ती का नाम दाढ़ी
-
शब्बास डैडी
-
दूर वादियों में कहीं
-
चलती का नाम जिंदगी
-
ममता की छांव में
इस तरह की कई ऐसी मूवीज रहीं, जिनका डायरेक्शन किशोर कुमार ने किया था। लेकिन इसमें कोई दोराये नहीं हैं कि निर्देशक के तौर पर उनका करियर उतना सफल नहीं रहा, जितनी शौहरत उन्होंने एक सिंगर और एक्टर बनकर हासिल की थी।