'कृष्णावतारम' को बनाने में लगे थे साढ़े पांच साल, Ramayana Part 1 से तुलना पर बोले हार्दिक गज्जर
7 मई 2026 को सिनेमाघरों में आई फिल्म 'कृष्णावतारम पार्ट 1' को दर्शकों का बहुत अच्छा रिस्पांस मिला था। हालांकि, ...और पढ़ें
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कृष्णावतारम पार्ट 1 के डायरेक्टर से बातचीत/ फोटो- Imdb
HighLights
कृष्णावतारम पार्ट 1 की सक्सेस पर बोले हार्दिक गज्जर
रामायण से तुलना पर अभिनेता ने तोड़ी चुप्पी
फिल्म को बनाने में क्यों लगे थे साढ़े पांच साल?
तान्या अरोड़ा, नई दिल्ली। कृष्णावतारम पार्ट 1 मई के महीने में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म में श्रीकृष्ण की कहानी ने फैंस का दिल छुआ। हलांकि, फिल्म के बजट और इसके स्केल की तुलना रामायण पार्ट 1 के साथ हुई। हाल ही में हार्दिक गज्जर ने फिल्म की सफलता से लेकर 'रामायण' से हुई तुलना पर खुलकर दैनिक जागरण से बात की।
कृष्णावतारम पार्ट 1 का रिस्पांस बहुत ही अच्छा रहा है, जिसकी उम्मीद नहीं थी, क्या कहेंगे आप?
हार्दिक- ऑडियंस का रिस्पांस बहुत ही अच्छा रहा है, सबसे पहले उन्हीं का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा। बाकी कंटेंट बेस फिल्में चलती है। कृष्ण जी पर फिल्म है, उनके हाथ में ही है फिल्में चलाना और नहीं चलाना।
इस फिल्म के लिए कितनी रिसर्च की थी?
मूवी को 0 से फाइनल मुकाम तक पहुंचाने में हमें साढ़े पांच साल लगे हैं। दो साल का फर्स्ट हाफ मैंने रिसर्च किया और एक साल राइटिंग में लगा, तो करीबन 2 से 3 साल तक का टाइम रहा है। एक साल प्रोडक्शन चला एक साल पोस्ट चला है, शूटिंग हमारे छह शेड्यूल में हुए थे। अलग-अलग लोकेशन पर शूट थे तो उसमें ब्रेक्स भी बहुत थे। ज्यादा टाइम राइटिंग लगा 3 साल के आसपास, बाकि प्रोडक्शन के साथ साढ़े पांच साल लगा।
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कृष्णावतारम के सेकंड पार्ट की रिलीज का क्या प्रोग्राम है?
हमारा अगले साल का प्लान है लाने का, जो हमारे प्रोड्यूसर हैं, उन्होने जनता को बताया है कि इसका अगला पार्ट हम नेक्स्ट साल में रिलीज करेंगे।
पहले पार्ट ने लोगों को हिट किया, अब सेकंड पार्ट को किस लेवल पर लाने वाले हैं?
सेकंड पार्ट का मैं ज्यादा डिस्कशन नहीं कर पाऊंगा,जब वह बनकर रेडी होगा, तभी उसके मुताबिक चीजें काम करेंगी। जो फर्स्ट पार्ट था, वो ह्यूमन साइड ऑफ गॉड था, अगर देखने जाए तो उसमें एक नया प्रोस्पेक्टिव था, जिस वजह से लोगों को पसंद आ रही है, क्योंकि इससे काफी चीजें लोगों को पता थी, हमें कृष्ण के बारे में किसी को बताने की जरूरत नही है।
दर्शकों को कृष्णावतारम पार्ट 1 में आप काफी कुछ दिखा चुके हैं। अब सेकंड में उनके लिए क्या नया होगा ये जानने के लिए भी वह एक्साइटेड हैं?
द्वारिकाधीश की साइड लोगो के लिए अनएक्स्पेटेड थे, सत्यभामा, कृष्ण जी की लाइफ, जो नौ रस की बात हम करते हैं, वो हमने इस पार्ट में एक्सप्लोर किया। कृष्ण जी इतने बड़े हैं कि अगर मैं उन पर फिल्में बनाना चाहूं तो मेरी लाइफ कम पड़ जाएगी। महाभारत के अलावा बहुत सी चीजें ऐसी हैं कृष्ण जी की, जो बुक्स और ग्रंथों में हैं, उसी पे बेस्ड सब कहानी है।
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बीआर चोपड़ा की महाभारत से कुछ इनपुट लिए हैं?
जब वो महाभारत आई थी, तब हम बच्चे थे, छोटे थे। उन्होंने बड़े स्केल पर दिखाई थी। अगर आप देखो तो गांव के गांव ठहर जाते थे। वो लेजेंडरी है चीजे, अगर उससे अगर इंस्पिरेशन नहीं लेंगे तो किस्से लेंगे।
रामायण से आपकी कृष्णावतारम की तुलना काफी हुई थी, उस पर क्या बोलेंगे?
अगर उस फिल्म पर काफी पैसा लगा है, तो यह बिल्कुल भी गलत नहीं है, क्योंकि श्रद्धा का विषय है और उसमें गिनती नहीं करते हम लोग। जिसकी जैसी श्रद्धा उसके अनुसार भगवान को चढ़ावा चढ़ाना चाहिए। दोनों फिल्मों की तुलना करना ही गलत है, क्योंकि इन दोनों ही फिल्मों का विषय एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है। मेरा जो एक्सपीरियंस है और जो चीजें हैं, सब अलग है, तो जाहिर सी बात है वर्किंग स्टाइल भी अलग-अलग ही होंगे। 'रामायण' IMAX के लिए शूट हुई है, तो जाहिर सी बात है कि उसका बजट ज्यादा होगा ही, लेकिन मेरे पास रिसोर्सेस लिमिटेड थे, तो मैंने उसी हिसाब से वर्क किया।
