'सिंगल मदर भी दूसरी शादी की हकदार...', 'मां का सम' एक्ट्रेस मोना सिंह ने कहा- रूढ़िवादी सोच तोड़ रहे हैं
कोहरा 2 वेब सीरीज, हैप्पी पटेल, बार्डर 2, सूबेदार फिल्मों समेत कई प्रोजेक्ट पिछले दिनों कर चुकीं मोना आज रिलीज हुई अमेजन प्राइम वीडियो की वेब सीरीज मा ...और पढ़ें

वेब सीरीज 'मां का सम' में दिखेंगी मोना सिंह/ फोटो- Instagram
HighLights
मोना सिंह की नई वेब सीरीज ओटीटी पर रिलीज
एक्ट्रेस ने स्कूल के दिनों के बारे में की बात
इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आई 'मां का सम'
स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई। ओटीटी नए-नए कंटेंट लेकर आ रहा है और अभिनेत्री मोना सिंह उन पर नए प्रयोग करने के लिए तैयार हैं। मोना हाल ही में रिलीज हुई अमेजन प्राइम वीडियो की वेब सीरीज मां का सम में नजर आईं। सीरीज में उनके पात्र का बेटा गणित के जरिये अपनी मां के लिए हमसफर की तलाश कर रहा है। एक्ट्रेस ने हाल ही में अपने शो के बारे में बात की।
आपकी मम्मी किन मामलों में सख्त और कूल रही हैं?
मैं फौजी परिवार से हूं। सोमवार हो या रविवार, अनुशासन में ही रहना होता था। सुबह सात बजे उठकर नहाकर नौ बजे तक टेबल पर बैठना होता था। होमवर्क करके फिर घुड़सवारी, तैराकी जैसी एक्टिविटी करना भी अहम था। आर्मी में एक्सपोजर मिलता है मेरी मां इसी बात को लेकर सख्त थी कि पढ़ाई अच्छे से करो। बाकी करियर चुनने में कोई रोक-टोक नहीं हुई थी। आजाद ख्यालों के परिवार से हूं। वह इंडस्ट्री में किसी को जानते नहीं थे कि बेटी मुंबई जा रही है तो मदद के लिए किसी को फोन ही कर दें। यहां जो किया है, खुद से किया है। करियर का निर्णय लेते वक्त बस पूछा गया था कि क्या करना है। फिर पंख दिए गए कि जाओ बेटा, उड़ो अपनी जिंदगी जियो।
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ओटीटी ने जितनी आजादी दी है, उतनी ही यहां प्रतियोगिता बढ़ गई है?
प्रतियोगिता न हो तो कोई मतलब ही नहीं है। कहानियों में आपस में प्रतियोगिता होनी चाहिए। बेस्ट शोज, कहानी, एक्टर आने चाहिए। यह इंडस्ट्री इसी बारे में हैं कि हर वक्त यहां कुछ नया लेकर आते रहें। कहानियां ताजगी भरी होनी चाहिए जैसे यह शो है, जिसमें ताजगी है, जहां मां अपने बेटे के लिए नहीं, बल्कि बेटा अपनी मां के लिए हमसफर ढूंढ रहा है। ऐसे शोज से कितना कुछ सीखने को मिलता है। मां को लेकर बनी रूढ़िवादी सोच को हम तोड़ रहे हैं। सिंगल मदर भी दूसरी शादी की हकदार है। दौर बदल रहा है,ऐसे में समाज का सोच भी बदल रहा है।

करियर में कितनी कैलक्यूलेटिव रही हैं, कभी करियर में खुद पर शक हुआ?
मैंने कैलक्यूलेटिव जोखिम जरूर लिया है। उसके अलावा जीवन में कोई योजना नहीं बनाई, न ही जोड़ा घटाया कि ये करूंगी, तो वो होगा में हमेशा अपने दिल की सुनती हूं। जैसे ही स्क्रिप्ट पढ़ती हूं, मेरा दिमाग मुझसे सवाल पूछना शुरू कर देता है, तो लगता है कि यह करना चाहिए मेरे सभी रोल फिर चाहे वो हैप्पी पटेल, कोहरा 2, सूबेदार या बैड्स आफ बालीवुड का हो सब रोल अलग हैं। भाग्यशाली हूं कि एक जिंदगी में इतने सारी जिंदगियां पात्रों के जरिये जी रही हूं।
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लगातार काम कर रही हैं। ब्रेक कब लेती हैं?
मैं अपना सपना जी रही हूं। यही सपना था कि अलग काम करूं, बाकियों से हटकर दिखूं। अलग परफार्मेस दूं। इंडस्ट्री अब मुझे वह मौके दे रही है, तो मैं खुश हूं कि इतने प्रोजेक्ट एक साथ रिलीज हो रहे हैं। भर-भर के काम मिल रहे हैं। अच्छा समय है। जो सोचा था वह पूरा हो रहा है, तो संतुष्ट महसूस कर रही हूं।

स्कूल के दिनों में किस विषय से डर लगता था?
गणित एक ऐसा विषय है, जो कभी सात सवाल समझ नहीं आया। मुझे गणित के टीचर से बहुत डर लगता था। उनके क्लास में मैं या तो स्कूल की कैंटीन में बैठे रहती थी या क्लास बंक कर देती थी यह बहाना करके की मेरे पीरियड्स चल रहे हैं, पेटदर्द हो रहा है। बचपन में तो सच में गणित से डर लगता था। हालांकि मैंने अपना स्नातक कामर्स में किया था। इन नंबरों ने कभी पीछा नहीं छोड़ा।
इस इंडस्ट्री में कभी-कभी इंतजार थोड़ा लंबा हो जाता है, लेकिन उसका मतलब यह नहीं है कि निराश हो जाएं या खुद पर शक करें। यहां इंतजार करना होता है, जो कई बार करना कठिन हो जाता है इसका मतलब यह नहीं है कि छोड़कर हट जाएं या जिंदगी से हताश और निराश हो जाएं।
कभी कोई विश लिस्ट रही है, जिसमें कुछ चीजें होनी बाकी हैं?
नहीं, ऐसी कोई लिस्ट नहीं है। मुझे बस काम करते रहना है। मैं खुद को रिटायर होते हुए नहीं देख सकती हूं। मुझे यही करना है जितना खुद को नया बनाते रहेंगे, अच्छे मौके मिलेंगे।