Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    275 फिल्मों में यह एक्ट्रेस बनी 'मां', Amitabh Bachchan की मूवी से हुईं अमर; राखी-रीमा भी नहीं तोड़ पाए रिकॉर्ड

    Updated: Sun, 10 May 2026 01:21 AM (IST)

    राखी और रीमा लागू भले ही  'मां' बनकर बॉलीवुड में बहुत फेमस हुई हों, लेकिन उनसे अधिक बार 'मां' का किरदार निभाने वालीं एक और एक्ट्रेस हैं, जिनका रिकॉर्ड ...और पढ़ें

    ये हैं पर्दे की सबसे फेमस 'मां'/ फोटो- Instagram

    ये हैं पर्दे की सबसे फेमस 'मां'/ फोटो- Instagram

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 'मां' के किरदार को लेकर अब भले ही बॉलीवुड एक्ट्रेसेस ओपन हो चुकी हों, लेकिन हिंदी सिनेमा का एक दौर ऐसा भी था जहां एक्ट्रेसेस हमउम्र और खुद से बड़े एक्टर की मां बनने से कतराती थीं। उस समय एक एक्ट्रेस ऐसी आईं, जिन्होंने महज 24 साल की उम्र में 'मां' का किरदार निभाने का जोखिम उठाया।

    275 से अधिक फिल्मों में मां का किरदार अदा करने वाली कौन थीं वह एक्ट्रेस जिनके रिकॉर्ड को न तो राखी तोड़ पाईं और न ही रीमा लागू? जो पर्दे पर अमिताभ बच्चन की 'मां' बनकर अमर हुईं, चलिए आपको मदर्स डे (Mother's Day 2026) के खास मौके पर उनके बारे में दिलचस्प बातें बताते हैं: 

    24 साल की उम्र में 8 साल बड़े एक्टर की बनी थीं मां

    जिस एक्ट्रेस के बारे में हम आपको बता रहे हैं, उन्हें 'मदर ऑफ बॉलीवुड' का टैग मिला था। अब तक तो आप समझ गए होंगे कि हम किसकी बात कर रहे हैं, लेकिन अगर अभी तक आपको हिंट नहीं मिला, तो बता दें कि यहां बात दिग्गज अभिनेत्री 'निरूपा रॉय' की हो रही है, जिन्होंने 24 साल की कम उम्र में पर्दे पर पहली बार दिग्गज अभिनेता देवानंद की मां की भूमिका निभाई थी।

    साल 1955 में रिलीज हुई फिल्म 'मुनीम जी' में निरूपा रॉय उनकी मां बनी थीं। दिलचस्प बात यह है कि जब निरूपा रॉय ने यह किरदार निभाया, तो उनकी उम्र महज 24 साल थी, जबकि देवानंद उनसे 8 साल बड़े थे। इस प्रभावशाली किरदार को निभाने के लिए उन्हें 'बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस' का पुरस्कार भी मिला था।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- Mother's Day के मौके पर के एल राहुल ने शेयर की Athiya और इवारा की अनदेखी तस्वीर, लिखा- 'मुझे और प्यार हो गया'

    munim ji

    'पार्वती' से कैसे दुखियारी मां बनीं निरूपा रॉय?

    निरूपा रॉय ने 40 और 50 के दशक में कई धार्मिक फिल्मों में काम किया था। उन्होंने लगभग 16 फिल्मों में देवी का किरदार निभाया था। लोग उनके देवी स्वरूप से इतने प्रभावित थे कि वे घर पर उनका आशीर्वाद लेने आते थे। साल 1950 में रिलीज हुई मूवी में उन्होंने 'देवी पार्वती' का किरदार निभाया था। इसके बाद वह 'वीर अर्जुन', 'नागपंचमी' और 'सती अनुसुइया' जैसी फिल्मों में नजर आईं।

    हालांकि, 1955 में आई देवानंद की फिल्म 'मुनीम जी' ने उनकी स्क्रीन पर देवी की छवि को धुंधला कर दिया और पर्दे की 'मां' के रूप में उन्हें एक नया जन्म मिला। इस फिल्म में उनके काम को इतना पसंद किया गया कि इसके बाद उन्हें अधिकतर फिल्मों में मां के किरदार ही ऑफर होने लगे।

    nirupa roy become most famous mother in bollywood  (1)

    अमिताभ बच्चन की 'मां' के रूप में आज भी हैं फेमस

    50 के दशक में मां का किरदार निभाने वालीं निरूपा रॉय को असली पहचान 70 के दशक में अमिताभ बच्चन की 'मां' के रूप में मिली। उन्होंने फिल्म 'दीवार' में बिग बी की 'मां' का रोल निभाया था, जिसमें शशि कपूर द्वारा बोला गया डायलॉग 'मेरे पास मां है' हमेशा के लिए आइकॉनिक बन गया। फैंस के बीच वह अमिताभ बच्चन की फिल्मी मां के रूप में काफी लोकप्रिय हैं।

    'दीवार' के अलावा निरूपा रॉय ने 'अमर अकबर एंथोनी', 'मुकद्दर का सिकंदर' और 'सुहाग' जैसी फिल्मों में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। हालांकि, उन्होंने पर्दे पर अधिकतर दुखियारी मां के ही किरदार अदा किए हैं, जिनकी वजह से बॉलीवुड में उन्हें 'दुखों की रानी' और 'क्वीन ऑफ मिजरी' जैसे टैग भी मिले।

    deevar

    रीमा-राखी भी नहीं तोड़ पाईं निरूपा रॉय का रिकॉर्ड

    दौर बदला और 'मां' का रोल निभाने का कॉम्पिटिशन भी। राखी ने जहां 'करण-अर्जुन', 'खलनायक', 'राम-लखन', 'सैलाब', 'शतरंज' और 'क्षत्रिय' जैसी फिल्मों में मां के किरदार निभाए। इसके अलावा बदलते दौर के साथ रीमा लागू भी 'हम साथ-साथ हैं' और 'हम आपके हैं कौन' जैसी फिल्मों में मां के रोल के लिए फेमस हुईं, लेकिन इतने शानदार किरदार निभाकर भी ये दोनों दिग्गज अभिनेत्रियां निरूपा रॉय का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाईं।

    यह भी पढ़ें- Anushka Sharma ने सासू मां को विश किया मदर्स डे, पति विराट कोहली ने भी लिख दी दिल की बात