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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं Mousami Chatterjee, इसी व्यवहार की वजह से खो चुकी हैं कई रोल

    Updated: Sun, 27 Apr 2025 02:10 PM (IST)

    बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में तब भी कॉम्पटीशन था और आज भी ये देखने को मिलता है। खुद को बेस्ट दिखाने की होड़ में सभी एक्टर और एक्ट्रेस लगे रहते हैं। इनमे ...और पढ़ें

    मौसमी चटर्जी की फिल्मों के नाम (फोटो- इंस्टाग्राम)
    मौसमी चटर्जी की फिल्मों के नाम (फोटो- इंस्टाग्राम)

    HighLights

    1. गलत बात पर तुरंत देती थीं जवाब
    2. कई बड़े एक्टर्स के साथ किया काम
    3. एक्ट्रेस के हाथों से निकले अच्छे रोल

    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने साल 1967 में फिल्म बालिका वधू से डेब्यू किया था। इसके बाद वह प्रीनीता, अनुराग, गुलाम, बेगम बादशाह, हमशक्ल और सबसे बड़ा रुपैया जैसी फिल्मों में दिखाई दीं। मौसमी बहुत ही मुखर स्वभाव की थीं और अपनी बात पर अड़ी रहने वाली एक्ट्रेसेज के तौर पर जानी जाती हैं।

    कई अच्छे ऑफर्स से धोना पड़ा हाथ

    वह किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करती थीं। ऐसी कहानियां हैं कि अगर कोई मेल को-एक्टर अपनी सीमा पार करता था तो वह उन पर भड़क जाती थीं और उन्हें थप्पड़ भी मार देती थीं। हाल ही में एक इंटरव्यू में मौसमी ने इस बारे में बात की और बताया कि कैसे उनके स्वभाव की वजह से उन्हें कई रोल्स और अच्छे ऑफर्स से हाथ धोना पड़ा।

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    लड़कों को लाड़-प्यार से पाला जाता है - मौसमी

    सुभाष के झा को दिए इंटरव्यू में मौसमी ने वह समय याद किया जब उन्होंने 'बुरा व्यवहार करने वाले अभिनेताओं को थप्पड़ मारा था'। मौसमी ने कहा,"वे इसके लायक थे, वे सेक्सिएस्ट कमेंट करते थे, लेकिन मैं इसके लिए उन्हें दोष नहीं देती। आपको सिक्के के दोनों पहलू देखने होंगे। एक्टर एक्ट्रेसेज के साथ छेड़खानी करते थे और वे उम्मीद करते थे कि हम भी वैसा ही व्यवहार करेंगी। यही एकमात्र तरीका था जो वे जानते थे। उन्हें कोई और तरीका नहीं पता था। पुरुषों को अपनी माताओं द्वारा लाड़-प्यार, पत्नियों द्वारा लाड़-प्यार और बहनों द्वारा लाड़-प्यार के साथ पाला जाता है।"

    मेरे हाथ से चले गए कई रोल्स

    उसी इंटरव्यू में मौसमी ने अपनी गरिमा के साथ कभी समझौता न करने और इस वजह से कई रोल्स खोने की बात की थी। जब उनसे पूछा गया कि गुलज़ार की कोशिश में जया बच्चन ने उनकी जगह क्यों ली, तो मौसमी ने कहा,"ऐसा इसलिए क्योंकि मैं अपनी गरिमा के साथ कभी समझौता नहीं करूंगी, चाहे कुछ भी हो जाए। यह सब अतीत की बात है। गुलज़ार और मैंने कई सालों बाद अंगूर में काम किया। संयोग से, कोशिश में और अंगूर में भी हरिभाई (संजीव कुमार) मेरे हीरो थे। मैंने कई भूमिकाएं खो दीं क्योंकि मैं किसी के अहंकार को नहीं छूती थी।"

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    इन बड़े सितारों के साथ किया काम

    70 के दशक में मौसमी चटर्सी ने अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, राजेश खन्ना जैसे कई बड़े स्टार्स के साथ काम किया। हालांकि विनोद मेहरा के साथ उनकी जोड़ी हिट रही। साल 1985 के बाद, उन्होंने सपोर्टिंग रोल्स करना शुरू कर दिया। उन्हें हाल ही में बंगाली फिल्म आरी में देखा गया, जो इस साल की शुरुआत में रिलीज हुई थी।

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