विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

67 साल पहले जब रिकॉर्डिंग स्टूडियो में फूट-फूटकर रो पड़े थे राज कपूर, मुकेश के गाने ने किया था इमोशनल

Updated: Fri, 28 Aug 2026 08:31 PM (IST)

राज कपूर फिल्म 'अनाड़ी' के एक गाने की रिकॉर्डिंग के बाद मुकेश की आवाज और शैलेंद्र के बोल सुनकर भावुक हो गए थे और फूट-फूटकर रोने लगे थे।

News Article Hero Image

एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। राज कपूर (Raj Kapoor) और गीतकार शैलेंद्र में गहरी दोस्ती थी। दोनों ने एक साथ मेरा नाम 'जोकर', 'अनाड़ी', 'संगम', 'तीसरी कसम' जैसी कुल 21 फिल्मों में काम किया।

आज आपको 'अनाड़ी' (Anari) से जुड़ा ऐसा ही एक किस्सा सुनाएंगे। इसका एक गीत 'सबकुछ सीखा हमने न सीखा होशियारी' है जिसे शैलेंद्र ने लिखा था, संगीत दिया था शंकर जयकिशन और मुकेश ने इसे मुकेश ने आवाज दी थी।

राज कपूर के साथ नूतन आई थीं नजर

जब इस गीत की रिकॉर्डिंग हो रही थी तो राज कपूर जी कहीं व्यस्त थे और वो स्टूडियो नहीं पहुंच पा रहे थे। शंकर जयकिशन को ये गाना रिकॉर्ड करना था और टाइम ज्यादा था नहीं तो शंकर जयकिशन ने ये गाना मुकेश से रिकॉर्ड करवा लिया। यह फिल्म 16 जनवरी 1959 को रिलीज हुई थी। इसमें राज कपूर, नूतन, मोतीलाल और ललिता पवार ने लीड रोल निभाया था।

Raj (1)

फूट-फूटकर रोए थे राज कपूर

राज कपूर जब स्टूडियो पहुंचे तब तक ये रिकॉर्ड हो चुका था। उन्होंने जब ये गीत सुना तो उन्हें ये काफी पसंद आया और वो शैलेंद्र की तारीफ किए बिना खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने ये गीत बार-बार सुना और एक-दूसरे के गले लगकर फूट फूटकर रोए। गाने के बोल और मुकेश की दर्दभरी आवाज ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल पिघला दिया था और माहौल बेहद भावुक हो गया था।

राज कपूर को शैलेंद्र बहुत पसंद थे और वो उन्हें अपने दिल के बहुत करीब मानते थे। हालांकि एक दिन ऐसा भी आया जब राज कपूर अपनी जिंदगी का सबसे स्पेशल डे मना रहे थे और उसी दिन उनका वो प्यारा दोस्त ये दुनिया छोड़कर चला गया। राज कपूर के 42वें जन्मदिन 14 दिसंबर 1966 को उनके चहीते दोस्त शैलेंद्र का निधन हो गया था। उनके निधन पर राज कपूर ने उन्हें अपनी रूह के एक हिस्से के जाने जैसा बताया था।

यह भी पढ़ें- 46 साल पहले बहन ने दूर रह रहे भाई को चांद के जरिए भिजवाया था संदेश, Lata Mangeshkar की आवाज में बना कल्ट गाना

यह भी पढ़ें- Lata Mangeshkar का वायरल रक्षाबंधन गीत, बहन करती है भाई से राखी बंधवाने की रिक्वेस्ट; सुनकर खिल उठेगा रोम-रोम