Amitabh Bachchan पर भारी पड़ गई थी Rajesh Khanna की 57 साल पुरानी फिल्म, 75 हफ्ते तक थिएटर्स में किया था राज
57 साल पहले राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) की एक फिल्म अमिताभ बच्चन और देव आनंद की फिल्मों पर भारी पड़ गई थी।

राजेश खन्ना की फिल्म बनी थी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर।
HighLights
57 साल पहले राजेश खन्ना ने दी थी सुपरहिट फिल्म
अमिताभ की फिल्म पर भारी पड़ गई थी रोमांटिक ड्रामा
फिल्मी गलियारों में थी सिर्फ राजेश खन्ना के स्टारडम की चर्चा
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। दो साल राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) के करियर के लिए गोल्डन पीरियड था। इस दौर में उन्होंने 17 सुपरहिट फिल्मों की झड़ी लगाई। उनकी एक फिल्म के आगे अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) और देव आनंद (Dev Anand) की फिल्मों ने भी घुटने टेक लिए थे।
राजेश खन्ना की ये फिल्म रोमांटिक जॉनर की थी, जिसने सिनेमाघरों में दर्शकों का मन मोह लिया। राजेश खन्ना ओवरनाइट सेंसेशन बन गए। साथ ही फिल्म की कहानी ने तो दर्शकों का दिल जीता है, इसके गाने भी सुपर-डुपर हिट हो गए और आज भी लोग इसके हर गाने बड़े चाव से सुनते हैं।
राजेश खन्ना की ब्लॉकबस्टर फिल्म
जिस फिल्म की हम यहां बात कर रहे हैं, वो राजेश खन्ना की ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शुमार आराधना (Aradhana) है। शक्ति सामंत के निर्देशन में बनी आराधना फिल्म में राजेश खन्ना, शर्मिला टैगोर और फरीदा जलाल मुख्य भूमिकाओं में थे।

क्या थी फिल्म की कहानी?
अरुण (राजेश खन्ना) और वंदना (शर्मिला टैगोर) की है जो एक-दूसरे से मंदिर में गुपचुप शादी कर लेते हैं। अरुण की प्लेन क्रैश की मौत के बाद वंदना की जिंदगी उथल-पुथल से भर जाती है। वह अपने बेटे सूरज (राजेश खन्ना) को गोद दे देती है और उसकी नैनी बनकर जिंदगी बिताती है।

फिल्म बनी थी प्लैटिनम जुबली
फिल्म की कहानी 1946 की अमेरिकन फिल्म 'टू ईच हिज ओन' (To Each His Own) पर आधारित थी। इस फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से खूब वाहवाही मिली। फिल्म 100 दिनों (करीब ढाई महीने) तक नॉन-स्टॉप 4 शोज के साथ सिनेमाघरों में चलती रही। कुछ सिनेमाघरों में यह फिल्म 75 हफ्तों तक चली। इसे प्लैटिनम जुबली हिट का दर्जा मिला। इस फिल्म ने करीब 7 करोड़ रुपये का कारोबार किया था।
अमिताभ और देव आनंद की फिल्म पर पड़ी थी भारी
राजेश खन्ना की आराधना के आगे अमिताभ बच्चन की फिल्म सात हिंदुस्तानी (Saat Hindustani) भी नहीं टिक पाई थी। यह आराधना के साथ ही 7 नवंबर 1969 को सिनेमाघरों में आई थी। यहां तक कि दो महीने बाद आई देव आनंद की फिल्म प्रेम पुजारी भी फ्लॉप हो गई थी। उस साल अक्टूबर से जनवरी तक सिनेमाघरों में राजेश खन्ना का ही राज था।
