4000 करोड़ की 'रामायण' के CGI पर भारत में बहस, फिर क्यों चीन से जुड़ी हैं मेकर्स की उम्मीदें; खेलेंगे बड़ा दांव?
रणबीर कपूर की मूवी 'रामायण' के VFX को लेकर भारत में बहस छिड़ी हुई है, लेकिन इन्हीं CGI सीन्स के साथ चीन के मार्केट में मेकर्स बड़ा दांव खेलने की तैयारी ...और पढ़ें

रामायण के VFX कैसे मेकर्स को दिलाएंगे चीन में प्रॉफिट/ फोटो- Instagram

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी रामायण के बड़े पर्दे पर आने का फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म में रणबीर कपूर 'श्रीराम', यश 'लंकापति रावण', सनी देओल 'हनुमान' और रवि दुबे 'लक्ष्मण' के किरदार में नजर आएंगे।
जितनी बेसब्री के साथ दर्शकों को मूवी का इंतजार है, उतने ही निराश फैंस ट्रेलर के कुछ सीन्स देखकर हुए हैं। रामायण का ट्रेलर देखकर फैंस दो हिस्सों में क्यों बंटे और क्या है इस पूरी ट्रोलिंग का चीन से कनेक्शन, नीचे डिटेल में पढ़ें पूरी खबर।
रामायण का ट्रेलर देखकर दो हिस्सों में क्यों बंटे दर्शक?
दरअसल, रामायण पार्ट 1 का ट्रेलर सामने आने के बाद कई लोगों को ऐसा लग रहा है कि फिल्म में वीडियो गेम जैसे जंगल, चमकदार राक्षस और जरूरत से ज्यादा कंप्यूटर जनरेटेड इमेजरी (CGI) का इस्तेमाल किया गया है। 'रामायण' के विजुअल इफेक्ट्स को लेकर कई हफ्तों से मेकर्स सोशल मीडिया पर आलोचना झेल रहे हैं।
दो हिस्सों में बंटे फैंस में से जहां कुछ लोग रामायण के स्केल की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कई लोगों का यह भी मानना है कि डिजिटल इफेक्ट्स के कारण मूवी के कई सीन्स काफी आर्टिफिशियल लग रहे हैं, क्योंकि CGI पूरी तरह से इसे डोमिनेट कर रहा है।
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दर्शक भले ही 'रामायण' में डाले गए वीएफएक्स से थोड़े खफा हों, लेकिन निर्माताओं का नजरिया शायद कुछ और ही है। वे भारत की सबसे बड़ी माइथोलॉजिकल फिल्म के साथ दुनिया के सबसे बड़े मूवी मार्केट में दांव खेलने की तैयारी में हैं, जो उन्हें चीन से मिल सकता है।

चीन की ऑडियंस को ध्यान में रखकर यूज किया CGI?
चीन में भारतीय फिल्मों का क्रेज कितना ज्यादा है, इसका अंदाजा आप 'दंगल' की सफलता से लगा सकते हैं। चाइना ने बॉक्स ऑफिस पर साल 2025 में तकरीबन 7.4 बिलियन डॉलर का बिजनेस किया था। वह एक ऐसा मार्केट है, जहां ऑडियंस ने पौराणिक फिल्मों, सुपरनेचुरल और डिवाइन बैटल्स वाली फिल्मों को तहे दिल से अपनाया है। चीन में 'शियानशिया' और 'वुशिया' जैसे जॉनर बहुत ही लोकप्रिय हैं, जिसकी वजह से वहां पर न सिर्फ फैंटेसी ड्रामा चीजों को पसंद किया जाता है, बल्कि वहां पर इस शैली की फिल्में सिनेमाघरों में हिट भी रही हैं।
चाइना की ऑडियंस ने पौराणिक कथाओं, अलौकिक दुनियाओं, राक्षसों, अमर प्राणियों, जादुई हथियारों, आध्यात्मिक शक्तियों और बड़े पैमाने पर डिजिटल एक्शन में गहरी रुचि जताई है। शियानशिया, वुशिया और चाइनीज माइथोलॉजिकल फैंटेसी जैसे जॉनर ने लोककथाओं और प्राचीन कथाओं को मॉडर्न मेनस्ट्रीम एंटरटेनमेंट में बदला है। 'मॉन्स्टर हंट' और 'ने झा' जैसी सफल फ्रेंचाइजी फिल्मों ने यह साबित किया है कि माइथोलॉजी मूवीज कमर्शियल सिनेमा को एक बड़े स्तर पर ले जा सकती हैं।

चीन की पौराणिक फैंटेसी फिल्म 'ने झा 2' ने दुनियाभर में 2.2 बिलियन डॉलर से ज्यादा की रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी। इस नजरिए से अगर देखा जाए तो रामायण में दिखाए गए डिजिटल जंगल, दिव्य अस्त्र, विशालकाय जीव और राक्षसी सेना भले ही इंडियन ऑडियंस को आर्टिफिशियल लग रही हो, लेकिन यह चाइना की ऑडियंस के लिए बिल्कुल भी अजीब नहीं होने वाला है, क्योंकि वे CGI की भाषा को पहले से समझते हैं।
रामायण को चीन में रिलीज करने की क्या है तैयारी?
4000 करोड़ के बजट में बनी 'रामायण' के निर्माता नमित मल्होत्रा ने बताया कि मेकर्स फिल्म को चाइना में रिलीज करने पर अभी डिस्कस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हां, दुनियाभर में यह फिल्म आएगी, जिसमें चीन भी शामिल है। अभी बस कुछ और फॉर्मेलिटीज होना बाकी हैं।" अगर रामायण को रिलीज का अप्रूवल मिल जाता है, तो यह एक ऐसे मूवी मार्केट का हिस्सा बनेगी, जिसने 2025 में 7.4 बिलियन डॉलर इकट्ठा किए हैं।
आपको बता दें कि इससे पहले भी भारत के लिए चाइना में फिल्म रिलीज करना काफी फायदे का सौदा साबित हुआ है, क्योंकि नितेश तिवारी की फिल्म 'दंगल' ने अकेले चीन के बॉक्स ऑफिस पर 1300 करोड़ का बिजनेस किया था। अन्य फिल्मों जैसे 'सीक्रेट सुपरस्टार', 'अंधाधुन', 'बजरंगी भाईजान' और 'हिंदी मीडियम' जैसी फिल्मों ने भी चाइनीज मार्केट में बहुत अच्छा बिजनेस किया। 2024 में विजय सेतुपति की फिल्म 'महाराजा' को वहां रिलीज किया गया था, जिसने तकरीबन 91 करोड़ चाइनीज बॉक्स ऑफिस पर कमाए।
चीन में उन फिल्मों ने भी अच्छा बिजनेस किया है, जिनमें बहुत ज्यादा विजुअल इफेक्ट्स नहीं थे, लेकिन फिर भी लोग उन फिल्मों से जुड़े। रामायण ने अपना एक अलग ही रास्ता चुना है, इस जॉनर को भी वहां काफी सराहा गया है। इंडियन ऑडियंस भले ही 'रामायण' की कहानी से जानतो हों, लेकिन चीन की ऑडियंस को राम, सीता, रावण, हनुमान और लक्ष्मण के बारे में उतनी सांस्कृतिक जानकारी नहीं होगी, ऐसे में उनके लिए यह बिल्कुल नई शैली है। अब देखना यह है कि जब यह फिल्म चीन में रिलीज होगी, तो 'दंगल' का रिकॉर्ड तोड़ पाएगी या नहीं।