Ranveer Singh के बैन के बाद 'प्रलय' के मेकर्स का बड़ा फैसला, Fwice के निर्देश के खिलाफ लेंगे CCI की मदद?
'डॉन-3' की वजह से रणवीर सिंह पर हुए विवाद के बीच अब 'प्रलय' के मेकर्स एक बड़ा कदम उठाने की सोच रहे हैं। अगर मामला नहीं सुलझता है तो वह CCI की मदद लेंगे ...और पढ़ें

FWICE के खिलाफ CCI की मदद लेंगे 'प्रलय' के मेकर्स/ फोटो- Instagram

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। द फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडियन सिने एम्प्लॉयज (FWICE) के रणवीर सिंह के खिलाफ जारी किए गए 'नॉन-कॉर्पोरेशन डायरेक्टिव' ने बॉलीवुड में हलचल मचा दी है। FWICE के इस फैसले से रणवीर सिंह के साथ काम कर रहे कई मेकर्स के प्रोजेक्ट्स पर मुसीबत आ गई है। फेडरेशन ने यह कदम फराह अख्तर और रितेश सिधवानी की शिकायत के बाद उठाया है।
हालांकि, रिपोर्ट्स की मानें तो 'डॉन-3' के चक्कर में उनकी फिल्म पर कोई मुसीबत आती है, तो 'प्रलय' के मेकर्स इसमें CCI की मदद लेने पर विचार कर रहे हैं।
'प्रलय' से जुड़े हैं 500 टेक्नीशियन और क्रू मेंबर्स?
फरहान अख्तर और रणवीर सिंह की 'डॉन-3' को लेकर शुरू हुई इस कंट्रोवर्सी के बाद जिस मूवी को सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है, वह है 'प्रलय'। जय मेहता के निर्देशन में बन रही ये फिल्म इस साल अगस्त में फ्लोर पर जा रही है। जॉम्बी पर बन रही मूवी में तकरीबन 500 टेक्नीशियन और क्रू मेंबर्स काम कर रहे हैं, जिसमें एक्शन, लाइटिंग, कॉस्टयूम, मेकअप, आर्ट डायरेक्शन और स्पॉट स्टाफ शामिल है।
इनमें से 34 वेंडर FWICE के अंतर्गत आते हैं, ऐसे में उनके 'नॉन-कॉर्पोरेटिव डायरेक्टिव' से फिल्म के प्रोडक्शन शेड्यूल पर फर्क पड़ सकता है। मिड डे की एक खबर के मुताबिक, 'प्रलय' की टीम से जुड़े लोगों का कहना है कि इस निर्देश का प्रभाव एक्टर से ज्यादा दिहाड़ी मजदूरों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
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70 परसेंट से ज्यादा लोग हैं बेरोजगार?
टीम से जुड़े लोगों ने कहा, "हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में 70 परसेंट से ज्यादा दिहाड़ी मजदूरों के पास कम फिल्में बनने के कारण काम नहीं है। इस निर्देश के कारण लोगों से अवसर छीनने के बजाय क्या उन्हें काम करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए? रिपोर्ट्स में ये भी बताया गया कि अगर सबसे खराब स्थिति भी पैदा होती है, तो रणवीर सिंह नॉन मेंबर्स के साथ मिलकर 'प्रलय' की शूटिंग भारत के किसी अन्य हिस्से में कर सकते हैं । FWICE का ये रुख उनके अपने सदस्यों पर लागू होता है, वह किसी भी नॉन मेंबर को काम करने से नहीं रोक सकते, अगर फिल्म 'मुंबई' के बाहर शूट होती है।
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क्या CCI का दरवाजा खटखटाएंगे 'प्रलय' के मेकर्स?
रिपोर्ट्स की मानें तो, अगर डॉन 3 के विवाद पर कोई सॉल्यूशन नहीं निकलता है, तो फेडरेशन के निर्देश के खिलाफ 'प्रलय' के मेकर्स कम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) को अप्रोच करके उनकी मदद ले सकते हैं। दरअसल, साल 2017 में निर्माता विपुल ए शाह के दायर किए गए मामले में CCI ने यह माना था कि, नॉन कॉर्पोरेशन डायरेक्टिव, प्रोड्यूसर्स को नॉन मेंबर्स को हायर करना, शूटिंग में रूकावट पैदा करना और सेवाओं की आपूर्ति को प्रतिबंधित करना 'कॉम्पीटिशन अधिनियम' के तहत प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण के अंतर्गत आता है। ऐसे में रणवीर सिंह की अपकमिंग फिल्म से जुड़े एक प्रोड्यूसर ने कहा कि अगर आगे स्थिति सुधरती नहीं है, तो निर्माता हस्तक्षेप करने के लिए आयोग से संपर्क कर सकते हैं।