'मैं रसीला और खतरनाक...', Ravi Kishan 'मिर्जापुर: द मूवी' में खलनायक बनने पर बोले, GenZ को किया प्रणाम
मिर्जापुर: द मूवी (Mirzapur: The Movie) को लेकर सुर्खियां बटोर रहे रवि किशन (Ravi Kishan) ने फिल्म और अपने वायरल मीम्स को लेकर बात की है।
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रवि किशन ने मिर्जापुर द मूवी को लेकर की बात। फोटो क्रेडिट- एक्स

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प्रियंका सिंह, मुंबई। पात्र को केवल एक पात्र की तरह ही देखना चाहिए, निजी जिंदगी से उसे नहीं जोड़ना चाहिए। यह मानना है अभिनेता व सांसद रवि किशन (Ravi Kishan) का, जिनकी फिल्म 'मिर्जापुर: द मूवी' (Mirzapur: The Movie) का हाल ही में ट्रेलर लॉन्च हुआ है।
मिर्जापुर: द मूवी को लेकर क्या बोले रवि किशन?
राजनीति में काम करते हुए क्या कलाकार के लिए निगेटिव रोल चुनना कठिन हो जाता है? इस पर रवि किशन कहते हैं कि पात्र को केवल पात्र समझना चाहिए। मेरे इस पात्र में कई नेगेटिव शेड्स हैं, जो लोगों को पसंद आएंगे। यह रसीला आदमी है, खतरनाक प्रेमी है, जिसकी एक गर्लफ्रेंड है। मुझे लगता है कि लोग उसे केवल सिनेमा तक ही सीमित रखेंगे।
वायरल मीम्स पर किया रिएक्ट
इन दिनों रील्स पर कभी अपने डांस, तो कभी अपने गाने के अंदाज को लेकर छाए रवि किशन इसे प्रतिस्पर्धी दुनिया में आशीर्वाद मानते हैं। वह इसके लिए GenZ को धन्यवाद देते हुए कहते कि मैं उन्हें प्रणाम करता हूं। खुशी से निशब्द हूं, पता नहीं उन्होंने मुझमें क्या देखा। शायद उन्हें मेरा अल्लहड़पना पसंद आया होगा। GenZ अपने तरह के लोगों को ढूंढते हैं, जो बेबाक हो, कोई मुखौटा ना पहना हो। वो जिस तरह से मेरी वीडियो बना रहे है, मैं तो उन्हें क्रिएटिव जीनियस कहता हूं।

उनके इस प्यार से यही समझ आता है कि आप जैसे हैं वैसे ही खुद को अपनाएं, लोगों को पसंद आ जाएंगे। मैं अपने कहे हर शब्द की जिम्मेदारी लेता हूं। मैं ऐसा ही हूं, मेरी पत्नी और बच्चों को इसलिए ऐसे डांस करते हुए गाना गाते हुए देखकर कोई आश्चर्य नहीं होता है। शायद यही बात GenZ को पसंद आई है। उनका यह प्यार अपने काम के प्रति ईमानदार रहने के लिए प्रेरित करता है। वैसे भी मैं देश के सेवा के लिए राजनीति में हूं और घर चलाने के लिए अभिनय का काम करता हूं।
पिता से मिली देश सेवा की सीख
देश की सेवा करने की समझ किस उम्र में आ गई थी? इसे लेकर रवि किशन आगे कहते हैं कि मेरे पिता ने सिखाया था। वही मेरे गुरू रहे हैं। माता-पिता को देखकर बच्चे सीखते हैं, जैसे मेरी बेटी मुझे देश सेवा करते हुए देखकर फौज में गई। मेरे पापा पूजा-पाठ करते थे, तो उन्हें देखकर मैं भी पूजा-पाठ करने लगा।

पापा ने ही मुझे सिखाया है कि ईमानदारी सबसे बड़ी शक्ति है। अपने आप से ईमानदार रहोगे, तो अपने परिवार और देश के लिए भी रहोगे। वह मिट्टी के घर में गरीबी में रहते थे, लेकिन कभी न ईमानदारी छोड़ी, न बेची। मैं भले ही सिनेमा में काम करता हूं, लेकिन ऐसी कोई फिल्म नहीं चुनता हूं, जो देश हित में न हो।
देशभक्ति गीत गाते थे रवि किशन
बचपन में 15 अगस्त मनाने को लेकर रवि किशन कहते हैं कि उस दिन छुट्टी होती थी। मुझे याद है हर जगह देशभक्ति वाले गाने बजते थे, जो आज भी बजते हैं। हम तिरंगा के रंग वाले कपड़े पहनते थे। इस दिन की खास बात यही है कि पूरा देश तिरंगे के रंग में रंग जाता है। वहां फिर धर्म, जात-पात कोई मायने नहीं रखती है।
