Rohit Shetty Firing Case: मोटे पैसों का लालच, किसने किया ब्रेनवॉश; रोहित शेट्टी फायरिंग केस की पूरी ABCD
रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग मामले की जांच में नए अपडेट सामने आए हैं। आरोपियों ने अपराध के बाद भागने के लिए निजी और सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल ...और पढ़ें
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रोहित शेट्टी फायरिंग केस अपडेट (फोटो-इंस्टाग्राम)

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) के घर के बाहर हुए फायरिंग मामले की जांच आगे बढ़ी है और इस पर नए अपडेट सामने आए हैं। आरोपियों ने अपराध को अंजाम देने और शहर से फरार होने के लिए प्राइवेट और पब्लिक वाहनों का इस्तेमाल किया था।
कैसे रचा गया पूरी घटना का रोडमैप
जांचकर्ताओं के मुताबिक, मुंबई से आगरा भागने के दौरान आरोपियों ने चार बार निजी परिवहन और दो बार सार्वजनिक परिवहन का सहारा लिया। आरोपियों ने 31 जनवरी को जुहू जाने के लिए कल्याण से एक टैक्सी किराए पर ली। उन्होंने 20 जनवरी से विले पार्ले रेलवे स्टेशन पर पार्क किया हुआ एक स्कूटर निकाला और हमले के दौरान उसका इस्तेमाल किया। शूटिंग के बाद ग्रुप ने अपना स्कूटर जुहू बस स्टॉप पर छोड़ दिया।

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आरोपियों ने ऑटो रिक्शा बुक करके और ट्रेन से सफर करके भागने की कोशिश की। एक ऑटोरिक्शा ड्राइवर ने पहले उन्हें कल्याण ले जाने से मना कर दिया, लेकिन दूसरा ड्राइवर उन्हें ठाणे रेलवे स्टेशन ले जाने के लिए मान गया। वहां से वे ट्रेन पकड़ने के लिए कल्याण गए, जो उन्हें भोपाल ले गई। भोपाल में एक वॉन्टेड आरोपी पहले से ही इंतजार कर रहा था। भोपाल में ट्रेन बदलने के बाद, वे पहले आगरा गए और फिर नोएडा और हरियाणा। यहां वे उन हेल्पर्स के साथ रुके जिन्होंने उन्हें पनाह दी थी।
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बढ़ाई गई पुलिस रिमांड
पुलिस कस्टडी समाप्त होने के बाद गिरफ्तार पांच आरोपियों को स्पेशल मकोका कोर्ट में पेश किया गया था। अदालत ने उन्हें 23 फरवरी तक पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया। क्राइम ब्रांच का कहना है कि उत्तर प्रदेश से पकड़े गए आरोपी विष्णु कुशवाह ने ही सारे आरोपियों को रिक्रूट किया था और मोटे पैसों का लालच दिया था। क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार फायरिंग के मास्टरमाइंड शुभम लोनकर और आरोपी विष्णु कुशवाहा ने मिलकर घटना को अंजाम दिया। विष्णु ने ही दूसरे शूटर दीपक शर्मा, सनी कुमार और सोनू कुमार समेत बाकी आरोपियों को रिक्रूट और उनका ब्रेनवाश भी किया।
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अलग-अलग बातचीत करेगी पुलिस
हालांकि पुलिस को अभी तक वह बंदूक नहीं मिली है जिसका इस्तेमाल गोलीबारी की घटना के दौरान किया गया था। पुलिस ने कोर्ट में बताया कि पकड़े गए शूटर और उसके साथियों का ग्रुप अलग है, जबकि यह पांचों एक अलग ग्रुप हैं। दोनों ग्रुप को आमने-सामने बिठाकर पुलिस यह जानना चाहती है कि किस तरह से दोनों को कॉर्डिनेट किया जा रहा था।