300 साल पुराने सूफी गीत से बना ये गाना, Sukhwinder Singh की आवाज में बना कल्ट; गुलजार की कलम ने रचा इतिहास
बॉलीवुड का एक ऐसा ब्लॉकबस्टर गाना जो असल में 17वीं सदी के एक सूफी गीत से इंस्पायर्ड होकर बना। यह गाना आज भी सुपरहिट है और लोग इस पर खूब थिरकते हैं। ...और पढ़ें

HighLights
बाबा बुल्ले शाह के सूफी गीत से प्रेरित था गाना
गुलजार साहब ने लिखा कल्ट गाना
पार्टियों में भी खूब बजता है ये आइकॉनिक गाना
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में कुछ गाने ऐसे जरूर बने, जिनकी प्रेरणा असल में कहीं और से ही ली गई है। हैरानी की बात यह है कि ये गाने जब कहीं और से प्रेरित होकर बने तो हिट भी खूब हुए। आज हम आपको हिंदी सिनेमा के एक ऐसे ही कल्ट गाने की कहानी बताने जा रेह हैं, जो ब्लॉकबस्टर रहा है और गाना आज भी खूब बजता है।
कौन सा है वो गाना?
असल में आज हम जिस गाने की चर्चा कर रहे हैं, वो है साल 1998 में आई शाह रुख खान (Shah rukh Khan) की फिल्म 'दिल से' (Dil Se Movie) का गाना 'छैंया-छैंया'। जी हां, शाह रुख खान और मलाइका अरोड़ा पर फिल्माया गया यह गाना आज भी हर किसी का फेवरेट है।
यह गाना अपने खास अंदाज के साथ-साथ अपनी शूट लोकेशन की वजह से भी सबका फेवरेट है। दरअसल यह गाना चलती ट्रेन पर शूट किया गया था।
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यही वजह है कि यह गाना इसलिए भी खास बना है। गाने में शाह रुख खान और मलाइका के डांस स्टेप्स आज भी लोगों के फेवरेट हैं। हालांकि गाने के बनने के पीछे की कहानी कहीं और से ली गई। असल में इस गाने की प्रेरणा बाबा बुल्ले शाह की एक कविता से ली गई।
बुल्ले शाह के सूफी गीत से बना गाना
फिल्म दिल से का आइकॉनिक गाना 'छैंया-छैंया' (Chaiyya Chaiyya) असल में 18वीं सदी के महान पंजाबी सूफी संत और कवि बाबा बुल्ले शाह की बेहद प्रसिद्ध सूफी रचना से प्रेरित है। दरअसल बाबा बुल्ले शाह ने एक बेहद मशहूर सूफी कलाम लिखा था, जिसके बोल थे 'तेरे इश्क नचाया कर थैया थैया...'।
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(इमेज- एआई)
दरअसल कहा जाता है कि एक बार बाबा बुल्ले शाह (Baba Bulle Shah) के गुरू शाह इनायत कादरी एक बार उनसे खफा हो गए थे। अपने गुरू को मनाने के लिए बाबा बुल्ले शाह ने यही गाया था, 'आजा सजना आजा सजना, नहीं ते मर गइया-गइया... तेरे इश्क नचाया कर थैया-थैया'।
इसका मतलब है कि जल्दी आ तेरे बिना मेरी जान जा रही है। तेरे इश्क में मैं थैया थैया करके नाच रहा हूं। इसी का इस्तेमाल फिल्म के गाने में किया गया है।
गुलजार का गीत और सुखविंदर की आवाज
आपको बता दें कि बाबा बुल्ले शाह की इसी कविता के कुछ अंशों का इस्तेमाल गाने में भी किया गया है। खुद गुलजार साहब (Gulzar) ने बताया कि वो जब गाना लिख रहे थे तो उन्होंने इसी छैंया-छैंया को थैया थैया कर दिया था। छैंया-छैंया का मतलब होता है छांव और वही हमें गाने में सुनाई दिया।
हालांकि, उन्होंने फिल्म की सिचुएशन और शाहरुख खान के मिजाज के हिसाब से इसमें कई और बदलाव किए। फिल्म का निर्देशन मणिरत्नम ने किया था और उन्हीं के कहने में पर गुलजार साहब ने इस शानदार गाने को लिखा।
गाने का संगीत ए.आर. रहमान (A.R. Rahman) ने तैयार किया और इस गाने को सुखविंदर सिंह (Sukhwinder Singh) और सपना अवस्थी (Sapna Awasthi) ने आवाज दी थी। गाना आज भी उतना ही कल्ट है और खूब बजता है। गाने को फराह खान (Farah Khan) ने कोरियोग्राफ किया था और मलाइका-शाह रुख का डांस खूब चर्चा में रहा।